भाजपा ने लपका ‘कर्ज माफ-बिजली हाफ’ मुद्दा, मायावती लैपटॉप की जगह देंगी कैश

up-politics_1485671603कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से देवरिया से दिल्ली तक किसान यात्रा निकाली तो उनकी मुख्य मांग किसानों का कर्जा माफ करने और बिजली का बिल घटाने की थी। उनका नारा था, ‘कर्जा माफ, बिजली हाफ’। 
घोषणा पत्र जारी हुआ तो भाजपा ने इसे लपक लिया। भाजपा ने लघु एवं सीमांत किसानों का फसली ऋण माफ करने और उन्हें बिना ब्याज के कर्ज देने का वादा करके बड़ा दांव चला है। सिंचाई के लिए सस्ती बिजली का भी वादा किया है।
सियासी दलों में घोषणाओं और वादों के जरिए एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ है। सपा ने अपना घोषणा पत्र एक सप्ताह पहले जारी किया था। भाजपा शनिवार को उससे दो कदम आगे निकल गई। भाजपा ने उनकी कुछ अच्छी योजनाओं को और बेहतर तरीके से लागू करने का वादा करने के साथ ही लोक लुभावनी घोषणाओं की झड़ी लगा दी। 

सपा से गठबंधन करने वाली कांग्रेस ने किसानों की कर्ज माफी और सस्ती बिजली देने की मांग को लेकर देवरिया से दिल्ली तक यात्रा निकाली थी लेकिन अपने घोषणा पत्र में इसका वादा भाजपा ने किया है।

प्रदेश में कुल दो करोड़ किसानों में 87 फीसदी से ज्यादा लघु एवं सीमांत किसान हैं। भाजपा ने कर्ज माफी के जरिए करीब पौने दो करोड़ किसान परिवार से जुड़ने की कोशिश की है। 

सपा ने मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप का वादा किया है तो भाजपा ने इससे दो कदम आगे बढ़ते हुए कॉलेज में दाखिला लेने वाले हर युवा को लैपटॉप के साथ ही हर महीने एक जीबी इंटरनेट डाटा मुफ्त देने की घोषणा कर दी। 

इसी तरह सपा के कन्या विधा धन की काट के लिए गरीब परिवार में बेटी के जन्म पर 50 हजार रुपये का बॉण्ड देने की घोषणा की है। महिलाओं के लिए भाजपा ने सपा से बढ़कर घोषणाएं की हैं।

सपा के घोषणा पत्र में खास वादे

1 करोड़ परिवारों को देंगे एक हजार रुपये पेंशन।
मोहल्ला क्लीनिक शुरू करेंगे, 1.50 लाख से कम वार्षिक आय वालों का मुफ्त इलाज।
दो ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे और नोएडा से मुजफ्फरनगर तक एक्सप्रेस-वे। 
महिलाओं को रोडवेज बसों के किराये में आधी छूट, महिलाओं को निशुल्क ई-रिक्शा।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए ओल्ड एज होम की व्यवस्था।
किसानों को सस्ती दर पर ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी)।
नौवीं से 12वीं तक की छात्राओं को साइकिल। मेधावी छात्राओं को सोलर टेबल लैंप।
महिला उत्पीड़न व दुष्कर्म के मामलों के शीघ्र निपटारे को फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन।
अल्पसंख्यकों के लिए पांच साल में एक लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम व्यवसाय।
ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली।
गाजियाबाद, कानपुर, कानपुर, मेरठ, आगरा व वाराणसी में मेट्रो सेवाएं शुरू की जाएंगी।
इलाहाबाद, वाराणसी, बरेली, हिंडन, मुरादाबाद और आगरा में रिवर फ्रंट परियोजनाएं।
अत्यधिक स्मार्ट गांवों को क्लस्टर्स के रूप में विकसित किया जाएगा।
इंडियन ग्रामीण क्रिकेट लीग की तरह अन्य खेलों की लीग की स्थापना की जाएगी।
सभी जिलों में महिला थाने की स्थापना।
कन्नौज में इत्र पार्क की तर्ज पर हस्तशिल्प विकास पार्क की स्थापना।
वाराणसी में साड़ी डिजाइन केंद्र खोला जाएगा।
समाजवादी स्मार्ट फोन योजना उपलब्ध कराने के लिए पंजीकरण चालू रहेगा।
समाजवादी स्पोर्ट्स स्कूल की स्थापना की जाएगी।
प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक पर्यावरण शिक्षा अनिवार्य होगी।
इटावा में वन्यजीव संरक्षण संस्थान की स्थापना।

मायावती का घोषणा पत्र नहीं, सिर्फ वादे

बसपा सुप्रीमो मायावती का कहना है कि वह दूसरी पार्टियों की तरह चुनाव घोषणा पत्र जारी कर झूठे वादे नहीं करतीं। वह कहने के बजाय करने में यकीन करती हैं। इसके बावजूद उन्होंने सत्ता में आने पर अपने कामों की प्राथमिकताएं दुहराई हैं।
बेरोजगारी भत्ते की जगह सरकारी, गैरसरकारी क्षेत्र में नौकरियां दी जाएंगी।
लैपटॉप, स्मार्ट फोन की जगह नकद आर्थिक सहायता दी जाएगी।
बसपा गरीबों, दलितों, पिछड़ों व अल्पसंख्यकों के प्रति समर्पित रहेगी।
सपा सरकार के बड़े आर्थिक फैसलों, सरकारी भर्तियों की जांच कराई जाएगी।
बसपा सरकार में जो नई योजनाएं शुरू की गई थीं, उन्हें फिर चालू किया जाएगा
सपा सरकार ने बसपा शासनकाल में बने जिन जिलों व योजनाओं के नाम बदले, उनके फिर पुराने नाम किए जाएंगे।
पूर्वांचल का खास ध्यान रखा जाएगा।
बिजली-पानी और सड़क के काम समय से पूरे होंगे।
स्मारक व संग्रहालय नहीं बनवाएंगे, सुरक्षा व विकास पर मुख्य फोकस होगा।
भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। 
 
 

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