मीटिंग में फैसला किया गया कि 2012 के विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी छोड़ने वाले लोगों को टिकट नहीं दिए जाएंगे। जो लोग पिछले निगम चुनाव में बेशक हार गए थे, उनकी पार्टी के प्रति वफादारी को देखते हुए उनके नामों पर दोबारा विचार किया जाएगा। ताकि पार्टी वफादारी को प्रोत्साहित किया जाए और वर्करों का मनोबल बढ़ाया जा सके। बैठक में यह भी फैसला किया गया कि दूसरी पार्टियों से आए लोगों के मुकाबले कांग्रेस वर्करों को तरजीह दी जाएगी। विधानसभा चुनाव के समय टिकट वितरण की नीति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। जीतने की क्षमता और योग्यता को ही अहमियत दी जाएगी।
वार्ड नंबर- 1 से परनीत कौर, वार्ड नंबर- 30 से हरीश अग्रवाल, 31 से जसपाल कौर, 32 से हरीश नागपाल, 33 से शांति देवी, 34 से अतुल जोशी, 35 से सरोज शर्मा, 36 से शम्मी कुमार, 37 से मीनाक्षी कश्यप, 38 से निखिल बातिश, 39 से लीला रानी, 40 से संदीप मल्होत्रा, 41 से सोनिया कपूर, 42 से संजीव बिट्टू, 43 से वर्षा कपूर, 44 से कृष्ण चंद बुद्धू, 45 से मोनिका शर्मा, 46 से हैप्पी वर्मा, 48 से योगिंदर सिंह, 49 से आरती गुप्ता, 50 से हरविंदर सिंह निप्पी, 51 से विनती संगर, 52 से राजेश मंडोत्रा, 53 से गुरिंदर कौर कालिका, 54 से विजय कुमार, 55 से रजनी शर्मा, 56 से अमरवीर कौर बेदी, 57 से सतवंत रानी, 58 से नरेश दुग्गल, 59 से मीनाक्षी सिंगला और वार्ड 60 से सुखविंदर सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है।