कई दुर्घटनाओं और भारी उलटफेर के बाद रेलवे को यह बात समझ में आई कि दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए तकनीक के साथ-साथ उपकरणों, सामानों और कर्मचारियों की कमी भी दूर करनी पड़ेगी। इस कमी को दूर करने के लिए जल्द ही रेलवे में 1 लाख पदों पर भर्ती होंगी।इन भर्तियों पर लंबे समय से रोक लगी हुई थी.. रेलमंत्री पीयूष गोयल ने आते ही ये बड़ा फैसला लेते हुए लोगों को खुशखबरी दी है।
आते ही रेल मंत्री ने लिया बड़ा फैसला
नए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेल हादसों से सबक लेते हुए यात्रियों की सुरक्षा पर सबसे पहले ध्यान दिया और रेलवे की खराब हो रही छवि को सुधारने का काम किया। रेलवे ने इस दिशा में कोशिश की है कि हादसों पर रोक लगाया जा सके। जिसके लिए उन्होंने 17 सितंबर को रेलवे के जोनल मैनेजर और रेलवे बोर्ड सदस्यों की बैठक की और रेलवे के सेफ्टी कैटेगरी में 1 लाख भर्ती करने कै फैसला किया।रेलवे बोर्ड अधिकारियों के साथ रेल मंत्री पीयूष गोयल की पहली मैराथन बैठक के बाद से ही संरक्षा को लेकर रेलवे की सोच में बदलाव दिखाई देने लगा है। रविवार को पूर्ण रेलवे बोर्ड और जोनल महाप्रबंधकों के बीच हुई वीडियो कान्फ्रेंस में रेल मंत्री के निर्देशों को जमीन पर उतारने के लिए बोर्ड ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इनमें सबसे बड़ा निर्णय सेफ्टी कैटेगरी के एक लाख रिक्त पदों पर भर्ती का है।
इन पदों पर होगी भर्ती
बैठक में महानिदेशक (कार्मिक) ने कहा कि सेफ्टी कैटेगरी में जूनियर इंजीनियरों तथा सीनियर सेक्शन इंजीनियरों की शत-प्रतिशत भर्ती का निर्णय लिया गया है। अगले तीन महीनों में बड़ी संख्या में सहायक स्टेशन मास्टर तथा गार्डो की भर्ती होगी। इसके अलावा ग्रुप-सी के 50 फीसद पदों को रेलवे भर्ती बोर्डो (आरआरबी) के माध्यम से भरा जाएगा। उन्होंने ग्रुप-डी के आधे पदों को आरआरबी और शेष पदों को रेलवे भर्ती प्रकोष्ठों (आरआरसी) के मार्फत भरे जाने की जानकारी दी।
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ऐसे होंगी भर्तियां
रेलवे सेफ्टी कैटेगरी में जूनियर और सीनियर सेक्शन इंजीनियरों की के लिए रेलवे रिक्यूपमेंट बोर्ड चयन परीक्षा का आयोजन करेगा। इसके अलावा ग्रुप सी के पदों को आरआरबी चयन प्रक्रिया करेगा जबकि ग्रुप डी के पदों को आरआरबी और आरआरसी परीक्षा का आयोजन करेगा।
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