भारतीय टेस्ट टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और महिला टीम की तूफानी ओपनर शेफाली वर्मा मुश्किल में घिरते हुए नजर आ रहे हैं। इन दोनों को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने नोटिस भेजा है। नाडा ने दोनों खिलाड़ियों को ये नोटिस डोप टेस्ट नहीं देने को कारण भेजा है।
दोनों ही खिलाड़ियों ने नाडा को अपने दिए गए ठिकानों पर टेस्ट के लिए न मिलने को लेकर नोटिस भेजा है। इस संबंध में दोनों को अपनी सफाई देने का मौका दिया जाएगा। 12 महीने में अगर खिलाड़ी तीन बार व्हेयर अबाउट फेल्योर टेस्ट को तीन बार मिस कर देता है तो उसे डोपिंग नियमों के उल्लंघन का दोषी माना जाता है। इसके बाद नाडा के पैनल के सामने खिलाड़ी को अपनी सफाई देनी पड़ती है। अगर इसमें वह असफल होता है तो फिर दो साल का बैन लगाया जाता है।
17 दिसंबर को नहीं मिले यशस्वी
नाडा के नोटिस के मुताबिक, यशस्वी पिछले साल 17 दिसंबर को अपनी बताई हुई जगह पर डोप टेस्ट के लिए नहीं मिले। वहीं शेफाली सात नवंबर को अपनी बताई हुई जगह पर टेस्ट के लिए नहीं मिलीं। इसी कारण दोनों को नोटिस मिला है। ये दोनों ही खिलाड़ी नाडा की रिजस्टर्ड टेस्टिंग पूल का हिस्सा हैं। इस पूल में जो खिलाड़ी शामिल होते हैं उन्हें नाडा को बताना होता है कि वह कब और कहां टेस्ट के लिए उपलब्ध रहेंगे। उसी के हिसाब से नाडा टेस्ट के लिए अपनी टीम भेजता है, लेकिन दोनों ही खिलाड़ी अपनी बताई हुई जगह पर नहीं मिले थे।
सात दिन का मिला समय
इस मामले की जानकारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और आईसीसी को दे दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ही खिलाड़ियों को अपनी सफाई पेश करने के लिए सात दिन का समय मिला है। दोनों को अब पहले से ज्यादा एहियात बरतने की जरूरत है क्योंकि अगर दो और मिस टेस्ट की रिपोर्ट आती है तो इन्हें बैन झेलना पड़ सकता है।
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