ekta singh

अगर पहली बार गर्भधारण तो अपनाएं ये टिप्स होगा फायदा………

अधिक वजन और मोटापे के कारण गर्भधारण में आती है समस्या। एनीमिया, थैलीसीमिया, ब्‍लड, शुगर जैसे जरूरी टेस्‍ट कराने हैं जरूरी। गर्भावस्था के अन्तिम एक महीने में सेक्स से दूर रहना चाहिए। गर्भधारण के दौरान धुम्रपान करना या शराब पीना है हानीकारक। पहली बार गर्भधारण की अवस्था आपके मन में आपके आसपास के लोगों के द्वारा दी गई सलाह व अन्य कई सारी बातों के कारण काफी भ्रम पैदा कर सकती हैं। इस लिए इस लेख में हम आपको दे रहें हैं पहली बार गर्भधारण के लिए कुछ ज्ञानवर्धक टिप्स। pehli baar garbhdharan ke tipsगर्भधारण के पूर्व शारीरिक कार्यो व खानपान एवं डाइट प्लान से जुड़ी कुछ बातें आपको जाननी चाहिए। ताकि एक तंदुरुस्त बच्चे को जन्म दे सकें। कुल मिलाकर महत्वपूर्ण बात यह है कि आप स्वस्थ रूप से गर्भधारण कर सकें, अगर आप पहली बार गर्भधारण कर रही हैं तो इसके लिए यह बहुत जरूरी है कि आप स्‍त्री रोग विशेषज्ञ से नियमित सलाह लें ताकि आप किसी भी असामान्य परिस्थिति से बच सकें और आपको बच्चे को जन्म देते समय किसी प्रकार की परेशानी ना आये। संतुलित आहार सूची- गर्भावस्‍था के समय किस प्रकार का आहार लें इस संबंध में विशेषज्ञ की सलाह पर ही अधिक भरोसा कीजिए। आमतौर पर डाइट प्लान की योजना बॉडी मास इन्डेक्स पर आधारित होती है आहार सूची का पालन करना आपके गर्भधारण को सहज बनाता है। इन्स्टिटूट ऑफ मेडिसन (IOM) के अनुसार अधिक वजन और मोटापे के कारण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के उच्च दर के जोखिम आमतौर पर परिणाम के रूप में सामने आते है। गर्भधारण के दौरान आपको यह सलाह दी जाती है कि एक दिन में आपको कम से कम 300 केलोरी से ज्यादा लेना चाहिए। इसमें कोई दो राय नहीं होनी चाहिए कि यह आहार दो लोगो के लिए लिया जा रहा है। डा. इंदू बाला खत्री बताती हैं कि 'पहली बार प्रेग्‍नेंट होने से पहले एनीमिया, थैलीसीमिया, ब्‍लड, शुगर जैसे जरूरी टेस्‍ट करा लीजिए। पहली प्रेग्‍नेंसी के लिए 20 से ज्‍यादा उम्र होनी चाहिए। पहली बार गर्भधारण के लिए ध्यान रखने योग्य बातें- गर्भधारण के दौरान निर्धारित कैलोरी और पौष्टिक आहार लेना बहुत जरूरी है। जैसे- अनाज, सब्जि़यां, फल, बिना चर्बी का मीट, कम वसा युक्त दूध। ऐसी स्थिति में औरतों को ज्यादा मात्रा में फालिक एसिड, आयरन, कैल्सियम, विटामिन ए एवं बी-12 की जरूरत होती है। आपको अपने आहार डाइट के सभी नियमों का पालन करना चाहिए। साथ ही साथ गर्भधारण के दौरान आपके डाइट में आपके शरीर में पानी की खपत एवं उसके बहुआयामी उपयोगों जैसे टाक्सिंस एवं शरीर के तापमान को सामान्य बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण रखा गया है। शारीरिक कार्य- गर्भवती महिलाओं को किसी भी प्रकार की शारीरिक जोखिम भरे कार्यों से बचना चाहिए। सभी प्रकार के नियमों का पालन करना चा‍हिए। किसी भी प्रकार के शारीरिक व्यायाम या भारी बोझ उठाने से बचना चाहिए। खैर भारी कामों को छोड़ कर आप कुछ आम शारीरिक कार्य कर सकती हैं। अपने रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधियों के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिसिन के अनुसार आमतौर पर महिलाओं को गर्भवती होने का पता चलने पर शुरू के दो महीने तक सेक्स करने से बचना चाहिए और गर्भावस्था के अन्तिम एक महीने में भी सेक्स से दूर रहना चाहिए। धुम्रपान एवं शराब का प्रभाव- डा. सुषमा दिक्षित (स्‍त्री रोग विशेषज्ञ, पुष्‍पांजलि क्रॉसले हास्पिटल) ने कहा कि 'पहली बार गर्भधारण करने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्‍वस्‍थ तैयार होने के बाद ही शिशु के बारे में सोचें और जरूरी चेकअप अवश्‍य करा लें।' गर्भधारण के दौरान धुम्रपान करना या शराब पीना आपके होने वाले बच्‍चे को नुकसान पहुंचा सकता है इससे आपका बच्चा कमजोर पैदा हो सकता है। धुम्रपान एवं शराब की आदत गर्भपात की संभावना को भी बढ़ा देती है। इसी तरह शराब पीने वाली महिलाओं के लिए भ्रूण संबंधी अनियमित लक्षणों का विकास होता है। नियमित डॉक्‍टरी जांच- डा. सुषमा दिक्षित (स्‍त्री रोग विशेषज्ञ, पुष्‍पांजलि क्रॉसले हास्पिटल) ने बताया कि 'अगर बार मां बनने जा रही हैं तो ब्‍लड टेस्‍ट अवश्‍य करा लें, क्‍योंकि अगर मां के खून में आरएच फैक्‍टर निगेटिव है और पिता का आरएच फैक्‍टर पॉजिटिव है तो ऐसे में बच्‍चे को गर्भ में ही पीलिया होने की संभावना ज्‍यादा होती है।' गर्भधारण के नौ महिनों के दौरान महिलाएं बहुत तरह के बदलाव का अनुभव करती हैं। कुछ प्रमुख बदलाव जैसे योनि में खून आना, सुजन, सिरदर्द, गांठ, शरीर के तापमान का बढ़ना, उल्टी एवं अन्य समस्याएं, अगर यह समस्याएं लम्बे समय तक हो तो गाइनीकोलाजिस्ट को चेक करवाएं।

अधिक वजन और मोटापे के कारण गर्भधारण में आती है समस्या। एनीमिया, थैलीसीमिया, ब्‍लड, शुगर जैसे जरूरी टेस्‍ट कराने हैं जरूरी। गर्भावस्था के अन्तिम एक महीने में सेक्स से दूर रहना चाहिए। गर्भधारण के दौरान धुम्रपान करना या शराब पीना …

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गलत जूतों का इस्तेमाल बना सकता है आपको रोगी जाने कौन से होंगे रोग………………..

गोखरू

संकीर्ण जूते से पैरों में दर्द होता है इसके कारण उन्‍हें चलने में भी परेशानी होती है। गलत जूते पहनने से कई बीमारियों के होने का खतरा बना रहता है। आजकल फैशन के चलते लोग जल्दी-जल्दी जूते बदलते हैं और …

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ये होता हैं!!… गर्भवती होने का सही समय

डॉ. आशा शर्मा के अनुसार गर्भवती होने का सही समय है होता है 20 से 25 साल की उम्र तक। फिर 25 से 30 तक की उम्र में थोड़ी दिक्कते आने लगती है। लेकिन 30 से 35 उम्र में काफी …

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महिलाओं के ये सीक्रेट्स पुरुषों को जरूर जानने चाहिए!

बहुत सी ऐसी बातें है जिसकी चाहत हर महिला को होती है लेकिन वो स्‍वयं इन्हें अपनी जुबां से कभी नहीं कहती। जैसे उनका प्रेमी उनके नखरे उठाएं, उनके आगे-पीछे घूमें, उन्हें महत्‍वपूर्ण समझें, उनकी हर बात मानें। महिलाओं के सीक्रेट महिलाओं का स्‍वभाव बहुत शार्मिला होता है। इसलिए उनके दिल की बात को जुबां तक आने में काफी समय लगता हैं। लेकिन बहुत सी बातें ऐसी है जो हर महिला चाहती हैं। जैसे अपने प्रेमी से प्‍यार और देखभाल की उम्‍मीद, साथ ही यह भी की उनका प्रेमी उनके नखरे उठाएं, उनके आगे-पीछे घूमें, उन्हें महत्‍वपूर्ण समझें, उनकी हर बात मानें। आइये इसके अलावा महिलाओं की सिक्रेट के बारे में जानें। अपनी तारीफ सुनना महिलाओं को हमेशा उनकी तारीफ करने वाले पुरुष बहुत अच्‍छे लगते हैं। ऐसे में उन्‍हें बहुत अच्‍छा लगता है जब प्रेमी उनमें किसी भी तरह का बदलाव दिखने पर तुरंत उनकी प्रशंसा करें। जैसे अगर महिला फिट दिखें, कोई नया हेयरकट करवाया हो या आकर्षक लगें,- तो उनकी तारीफ जरुर करें। ध्यान रखने वाला पुरुष महिलाओं को केयर करने वाले पुरुष बहुत पसंद होते है। महिलाएं संवेदनशील होती है इसलिए उन्‍हें ऐसे ही पुरुष बहुत अच्‍छे लगते है। जो परेशानी के समय उनकी अच्‍छे से देखभाल कर सकें। कपड़ों से प्रभावित होना ज्‍यादातर महिलाएं पुरूषों को उनके पहनावे से भी पसंद करती है। इसलिए पुरुषों को चाहिए कि वह महिलाओं को अपने कपड़ों से प्रभावित करने की कोशिश करें। पुरुषों को हमेशा अपने सौंदर्य और कपडों पर ध्यान देना चाहिए। अगर, महिलाएं आपको टाइट जींस में देखना पसंद करती है, तो उनके लिए ज्यादातर टाइट जींस पहनें। पुराने संबंधों के बारे में जानना अगर महिलाएं आप से आपके पुराने संबंधों के बारे में बात करना चाहे, तो इसका अर्थ यह नहीं कि आपने कुछ गलत किया है। अपने संबंधों के बारे में बात करने से ना डरें। यह तो आप दोनों के लिए अच्छी बात है, क्‍योंकि सच्चाई और लंबी बातचीत आप लोगों को एक दूसरे के करीब ला सकती है। सुझावों को थोपें नहीं अकसर पुरुष महिलाओं की समस्‍या सुने बिना अपने सुझावों को उनपर थोपने लगते हैं। पुरुष, अपने राय को उन पर थोप कर उनकी दुनिया को सीमित कर देते हैं। इसलिए अगर वह किसी बात से परेशान है, तो उन्हें सलाह देने से पहले उनकी बात को अच्‍छे से सुनें। रिश्‍ते में रोमांस महिलाएं अपने रिश्‍ते की कद्र करने के साथ रिश्‍ते में रोमांस को निरंतर बनाये रखना चाहती हैं। इसलिए यह जरूरी है कि आपका रिश्‍ता चाहे वह 5 म‍हीने से हो या 5 सालों से उसमें रोमांस को हमेशा बनाये रखें। कमियों को जानना महिलाओं को प्रशंसा करने वाले पुरुषों के साथ-साथ कमियां बताने वाले पुरुष भी पसंद होते हैं। जैसे, अगर महिला लंबे समय तक काम करने के बाद काफी थक गई हैं और चिडचिडापन महसूस कर रहीं हैं तो उस समय उनकी कमी को बताने वाले पुरुष पसंद आते हैं। बातों को ध्‍यान से सुनना महिलाएं अकसर यह जानने की कोशिश करती हैं कि उनकी बातों को आप कितनी ध्‍यान से सुनते हो और कैसे प्रतिक्रिया देते हैं। इसलिये महिलाओं से बात करते समय केवल सर हिलाना काफी नहीं है उनकी बात को महत्वपूर्ण ढंग से सुने। सेक्‍स में उनकी चाहत महिला अकसर सेक्‍स के बारे में बात करना और अपने साथी को खुश करना चाहती हैं। इसलिए आप भी सेक्‍स के दौरान वह करें जो महिला साथी चाहती है। इसके लिए विनम्र दृष्टिकोण अक्सर सबसे अच्छा होता है। पहले, यह पूछे कि वह क्या चाहती है। फिर अपनी इच्छा को सकारात्मक और सही तरीके से उनके सामने व्यक्त करें। शिष्टता का व्‍यवहार जब रोमांस की बात आती है तो बहुत सारी महिलाएं पुरुषों की पारंपरिक मर्दाना भूमिका ही पसंद करती है। जैसे लड़की बैठने के लिये खुद ही कुर्सी खीच सकती हो, लेकिन वह आपका इंतजार करती है कि आप उसको कुर्सी खींच कर दें। तो समय आ गया है कि आप उसकी नजरों में सज्जन पुरुष बन जाएं। आपकी शर्ट उनके लिए प्यार का चुंबक क्‍या आपकी महिला साथी आपके स्‍वेटर में सिकुड़ने या शर्ट में घुसने का प्रयास करती हैं। कुछ शोधकर्ताओं के अनुसार, महिलाओं को पुरुष के पसीने की गंध से आरामदायक प्रभाव पड़ता है। क्‍या आप महिलाओं के इस सीक्रेट के बारे में जा

बहुत सी ऐसी बातें है जिसकी चाहत हर महिला को होती है लेकिन वो स्‍वयं इन्हें अपनी जुबां से कभी नहीं कहती। जैसे उनका प्रेमी उनके नखरे उठाएं, उनके आगे-पीछे घूमें, उन्हें महत्‍वपूर्ण समझें, उनकी हर बात मानें। महिलाओं के …

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मॉनसून में आम हो जाती हैं ये 5 बीमारियां, बचाव के लिए अभी से रखें ये सावधानी

बारिश के मौसम में फंगल इंफेक्शन की समस्या सबसे आम समस्या है। वायरल बुखार संक्रामक रोग है, जो इस मौसम में तेजी से फैलता है। कंजक्टिवाइटिस आंखों की बीमारी है, जिससे बचाव जरूरी है। मॉनसून के आने यानि बारिश होने …

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अकेलेपन से जल्दी मौत होने का खतरा हो जाता है दोगुना

एक नए शोध में पता चला है कि अकेलेपन का अहसास अकेले रहने से अधिक खतरनाक है और जो लोग अकेलापन महसूस करते हैं, उनमें खराब मानसिक स्वास्थ्य, दिल संबंधी बीमारियों के होने की संभावना ज्यादा होती है और वे अकेले रहने वालों की तुलना में मरते भी जल्दी हैं। निष्कर्षों से पता चलता है कि अकेलापन महिलाओं में मृत्यु के दोगुने जोखिम से जुड़ा है और पुरुषों में भी इसका खतरा दोगुना होता है। अकेला महसूस करने वाले पुरुषों और महिलाओं में अकेलापन नहीं महसूस करने वालों की तुलना में तीन गुना चिंता और अवसाद के लक्षण होने की संभावना होती है और इनके जीवन का गुणवत्ता स्तर काफी कम होता है। कोपेनहेगन विश्वविद्यालय अस्पताल के डॉक्टरेट की छात्र एनी विनगार्ड क्रिस्टेनसेन ने कहा, “अकेलापन दिल संबंधी बीमारियों वाले मरीजों व अकेले रहने वाले पुरुषों व महिलाओं में समयपूर्व मौत, खराब मानसिक स्वास्थ्य व कम गुणवत्ता वाले जीवन की भविष्यवाणी करता है।” इस शोध को वार्षिक नर्सिंग कांग्रेस यूरोहर्टकेयर 2018 में प्रस्तुत किया गया। इस शोध में इस बात का पता किया गया कि क्या खराब सामाजिक नेटवर्क 13,463 मरीजों के बदतर नतीजों से जुड़ा है। इन मरीजों को इस्कैमिक दिल का रोग, एरिथिमिया, हर्ट फेल्योर व हर्ट वाल्व रोग आदि हैं। इसमें पाया गया कि उनके दिल संबंधी बीमारियों के बावजूद उनमें अकेलेपन का अहसास उनके खराब नतीजों से जुड़ा था।  खुद को जिम्‍मेदार न ठहरायें कई बार लोग अपने एकाकीपन के लिए खुद को ही जिम्‍मेदार ठहराते हैं। वे मानते हैं कि दूसरों के लिए उनका कोई महत्‍व नहीं। अपने अकेलेपन के लिए वे सारा दोष खुद पर ही मढ़ देते हैं। दरअसल, वे अपने अकेलेपन का कारण जानना चाहते हैं और क्‍योंकि वे किसी दूसरे को दोष नहीं दे सकते, इसलिए वे खुद को जिम्‍मेदार मानने लगते हैं। इससे उन्‍हें राहत मिलने का अहसास होताहै। लेकिन, इससे समस्‍या खत्‍म नहीं होती, बल्कि और बढ़ती ही है। आपको चाहिये कि आप परिस्थितियों के लिए किसी पर दोषारोपण करने के बजाय उनका सामना करना सीखें।

एक नए शोध में पता चला है कि अकेलेपन का अहसास अकेले रहने से अधिक खतरनाक है और जो लोग अकेलापन महसूस करते हैं, उनमें खराब मानसिक स्वास्थ्य, दिल संबंधी बीमारियों के होने की संभावना ज्यादा होती है और वे …

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कला पुरस्कारों के लिए यहां करें आवेदन, 31 जुलाई है अंतिम तारीख, जानें पूरी प्रक्रिया

बिहार सरकार एक बार फिर राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर के कलाकारों को कला सम्मान देने की तैयारी में है। कला संस्कृति एवं युवा विभाग ने इसके लिए तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं।  विभाग विगत कुछ वर्षों से बिहार कला पुरस्कार सह सम्मान योजना के तहत चाक्षुस, प्रदर्श कला के क्षेत्र में देश और प्रदेश के कलाकारों को सम्मानित करता है। विभाग ने चाक्षुस कला को चार, प्रदर्श कला को छह भागों में बांटा है। कला पुरस्कार सह सम्मान 2018-19 योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के कलाकार, कला समीक्षक, इतिहासकार और विद्वान पुरस्कारों के लिए उत्कृष्ट कला मर्मज्ञों के नाम की अनुशंसा कर सकते हैं। कलाकार स्वयं भी अपने नाम का दावा पुरस्कार के लिए कर सकेंगे। आवेदन करने अथवा नामों की अनुशंसा करने की मियाद 31 जुलाई निर्धारित है। नवोदित कलाकारों के लिए विभाग ने 15 से 40 वर्ष की आयु निर्धारित की है। जबकि स्थापित वरिष्ठ कलाकार के लिए उम्र सीमा 40 वर्ष से ऊपर निर्धारित की गई है। कला पुरस्कारों के तहत चयनित कलाकार को पचास हजार से दो लाख रुपये तक की सम्मान राशि और प्रशस्ति पत्र दिए जाते हैं। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक चाक्षुस कला के क्षेत्र में काम करने वाले कलाकारों को आर्ट फोटोग्राफी के लिए राधा मोहन पुरस्कार, समकालीन कला के क्षेत्र में महिला कलाकारों को कुमुद शर्मा पुरस्कार, लोक कला के क्षेत्र में सीता देवी पुरस्कार, लेखन के क्षेत्र में दिनकर पुरस्कार दिया जाएगा। प्रदर्श कला के क्षेत्र में शास्त्रीय गायन के लिए पं. रामचतुर मलिक पुरस्कार, रंगमंच के लिए भिखारी ठाकुर पुरस्कार, लोक गायन के लिए विंध्यवासिनी देवी पुरस्कार, कला लेखन में रामेश्वर सिंह काश्यप पुरस्कार, वाद्य वादन के लिए बिस्मिल्लाह खां और शास्त्रीय, लोकनृत्य के लिए अम्बपाली पुरस्कार दिए जाते हैं। इन पुरस्कारों के साथ ही राज्य के दो वरिष्ठ कलाकारों को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार भी दिया जाता है।

बिहार सरकार एक बार फिर राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर के कलाकारों को कला सम्मान देने की तैयारी में है। कला संस्कृति एवं युवा विभाग ने इसके लिए तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं।  विभाग विगत कुछ वर्षों से बिहार कला पुरस्कार …

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मुंबई: वर्ली स्थित बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग, 90 लोगों को बचाया गया

मुंबई के वर्ली में अप्‍पासाहेब मराठे मार्ग पर प्रभादेवी एरिया की एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई है। आग ब्‍यूमॉड नाम की बिल्डिंग में लगी है, जिसमें से अब तक 90 लोगों को सुरक्षित इमारत से बाहर निकाल लिया गया है। आग को बुझाने के लिए दमकल विभाग की छह गाडि़यां और पांच बड़े टैंकरों का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। हालांकि अभी तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। खबरों की मानें तो बॉलीवुड एक्‍ट्रेस दीपिका पादुकोण का फ्लैट भी इसी बिल्डिंग में है। जानकारी के मुताबिक, आग पहले लेवल-2 की थी, लेकिन अब इस आग को दमकल विभाग द्वारा लेवल-3 का बताया जा रहा है। आग लगभग दोहपर 2 बजे ब्‍यूमॉड बिल्डिंग की 33वीं मंजिल पर लगी है। बिल्डिंग की ऊंचाई काफी अधिक है, इसलिए दमकल कर्मियों को आग बुझाने में काफी परेशानी का सामना हो रहा है। हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है।

मुंबई के वर्ली में अप्‍पासाहेब मराठे मार्ग पर प्रभादेवी एरिया की एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई है। आग ब्‍यूमॉड नाम की बिल्डिंग में लगी है, जिसमें से अब तक 90 लोगों को सुरक्षित इमारत से बाहर निकाल …

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दूसरी पत्नी और बेटी के विवाद ने उजाड़ दी भय्यूजी महाराज की जिंदगी

दुनिया को संयम और मुक्ति की सीख देने वाले भय्यूजी महाराज, दूसरी पत्नी डॉ. आयुषी और बेटी कुहू के बीच चल रहे विवाद से टूट गए थे। दर्जनों ऐसे मौके आए जब पत्नी और बेटी आमने-सामने हो गई। दोनों के बीच सुलह और सब कुछ सामान्य करने के प्रयास भय्यूजी महाराज करते रहे, लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती चली गई। मंगलवार को बेटी पुणे से इंदौर आने वाली थी, तब उनके घर मौजूद परिजन और कर्मचारियों को भी विवाद होने का भय सता रहा था। भय्यूजी महाराज को भी शायद इस बात का अंदेशा हो गया था। हजारों लोगों को उनकी समस्याओं का चुटकियों में हल बताने वाले भय्यूजी महाराज शायद जब अपनी समस्या का हल नहीं तलाश पाए तो उन्होंने खुद की जीवनलीला समाप्त कर ली। कलह की पहली वजह: बेटी को पिता की दूसरी शादी पसंद नहीं थी जानकारी के मुताबिक दूसरी पत्नी को घर लाते ही बेटी ने पूजा का सामान फेंक दिया। पहली पत्नी माधवी के निधन के बाद भय्यूजी महाराज ने डॉ. आयुषी से शादी करने के निर्णय के बारे में बेटी कुहू को नहीं बताया था। वह शादी से सहमत नहीं थी। गुस्से के कारण कुहू शादी में भी शामिल नहीं हुई। डॉ. आयुषी जब पहली बार घर आईं तो कुहू ने इसका विरोध किया। दोनों में कहासुनी भी हुई। कुहू ने गुस्से में भय्यूजी महाराज के पूजन स्थल से दीपक और सामान फेंक दिया। डॉ. आयुषी को इससे बहुत तकलीफ हुई। उन्होंने भय्यूजी महाराज से कहा- 'तुमने कुहू की इस हरकत का विरोध क्यों नहीं किया।' भय्यूजी महाराज ने कहा कि बेटी नादान है। उसकी मां इस दुनिया में नहीं है। समय के साथ-साथ सब सामान्य हो जाएगा। डॉ. आयुषी को बुरा लगा। वह कुहू की हरकत से ज्यादा इस बात से दुखी हुई कि उनके पति ने उनका साथ नहीं दिया। कलह की दूसरी वजह: घर से हटवा दी पहली पत्नी की तस्वीरें डॉ. आयुषी ने शादी के कुछ समय बाद मकान का रंगरोगन करवाया। पुताई के दौरान उन्होंने कुहू की मां व भय्यूजी महाराज की पहली पत्नी माधवी की सारी तस्वीरें हटवा दीं। जब कुहू पूणे से घर आई और मां की तस्वीरें गायब देखी तो हंगामा कर दिया। डॉ. आयुषी और कुहू के बीच जमकर कहासुनी हुई। उस वक्त भी भय्यूजी महाराज बेटी के पक्ष में खड़े रहे। उन्होंने डॉ. आयुषी को समझाने की कोशिश की और कहा वह बेटी को कैसे डांट सकते हैं। इन दोनों घटनाओं से डॉ. आयुषी और गुस्सैल हो गई। अब वह भय्यूजी महाराज और उनके करीबी कर्मचारियों से भी सीधे लड़ने लगी थी। भय्यूजी महाराज बेटी और पत्नी के बीच फंस चुके थे। घर का हर कर्मचारी इस बात से भयभीत रहता था कि घर में किसी भी वक्त बवाल मच सकता है। कलह की तीसरी वजह: माता-पिता को घर के सामने दिला दिया बंगला डॉ. आयुषी ने भय्यूजी महाराज के सामने अपने माता-पिता को साथ रखने का प्रस्ताव रख दिया। दबाव में भय्यूजी महाराज ने अपने घर के सामने ही बड़ा बंगला किराए पर लिया और डॉ. आयुषी के माता-पिता को ठहराया। जैसे ही कुहू को इस बारे में पता चला, उसने पिता से नाराजगी जताई। भय्यूजी महाराज ने बेटी को समझाने का प्रयास किया और कहा कि वह कुछ समय में सब कुछ ठीक कर देंगे। उन्होंने स्कीम-74 में 60 लाख रुपये का प्लॉट खरीद लिया है। वहां बड़ा बंगला बनाकर कुहू के साथ रहेंगे। कुहू ने उनकी बातों पर विश्वास करने से इन्कार कर दिया। भय्यूजी महाराज को हर वक्त यही लगता था कि पत्नी और बेटी में किसी भी वक्त हाथापाई हो सकती है। आश्रम के कर्मचारी और नौकर-नौकरानी भी गृह कलह से सहमे-सहमे रहते थे। पिता की मौत के बाद घर जाते ही बेटी ने तोड़ दीं दूसरी मां की तस्वीरें कुहू करीब तीन महीने बाद मंगलवार को इंदौर लौटी थी। वह सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंची और पिता को देखा। पिता को खून से सना देख बदहवास हो गई। दोपहर में वह गुस्से में घर (सिल्वर स्प्रिंग) पहुंची और डॉ. आयुषी की तस्वीरों को तोड़ना शुरू कर दिया। उनके साथ मौजूद कांग्रेस की महिला नेता ने उसे संभाला और कमरे में लेकर गई। मां और बेटी में मारपीट न हो, इसके लिए दोनों को अलग रखा और उनके कमरों के बाहर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात करना पड़ा।

दुनिया को संयम और मुक्ति की सीख देने वाले भय्यूजी महाराज, दूसरी पत्नी डॉ. आयुषी और बेटी कुहू के बीच चल रहे विवाद से टूट गए थे। दर्जनों ऐसे मौके आए जब पत्नी और बेटी आमने-सामने हो गई। दोनों के …

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मैनपुरी में प्राइवेट बस अनियंत्रित होकर पलटी, 18 की मौत, 23 घायल, दुखी सीएम ने दी आर्थिक सहायता

जयपुर से सवारियां लेकर छिबरामऊ जा रही स्‍लीपर कोच मैनपुरी जिले के करहल थाना क्षेत्र के गांव कीरतपुर के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। सुबह साढ़े छह बजे हुए इस हादसे में 18 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 32 घायल हो गए। मरने वालों में ज्यादातर उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद व कन्नौज जिले के बताए जा रहे हैं। इनमें कई जयपुर में मजदूरी करते हैं और ईद का त्योहार मनाने अपने घर आ रहे थे। अभी तक चार की शिनाख्त हो सकी है। मृतकों में छिबरामऊ (कन्नौज) के दो चचेरे-तहेरे भाई ज्ञानेंद्र और प्रदीप भी शामिल हैं। हादसे की सूचना पर मैनपुरी के जिलाधिकारी प्रदीप कुमार और एसपी अजय शंकर राय मौके पर पहुंच गए है। सभी घायलों को मैनपुरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर घायलों को सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। डबल डेकर बस फर्रुखाबाद के मान ट्रांसपोर्ट की है, जो रात पौने नौ बजे जयपुर से फर्रुखाबाद के लिए रवाना हुई थी। इसमें फर्रुखाबाद व कन्नौैज के रहने वाले जरदोजी का काम करने वाले सवार थे। बस में सवारियां इतनी ज्यादा थीं कि कई बस की छत पर भी बैठी थीं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे से बस सुबह छह बजे के आसपास इटावा मार्ग की ओर मुड़ गई। करहल के पास अचानक संतुलन बिगडऩे से बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई। बस के पलटते ही छत पर बैठी सवारियां एक के ऊपर एक आकर गिर पड़ीं। साथ ही बस के अंदर के अंदर बैठी सवारियों में भी कोहराम मच गया। खेतों पर काम करने वाले किसानों व राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी और खुद भी राहत कार्य में जुट गई। बस रोजाना जयपुर से सवारियां लेकर फर्रुखाबाद आती है। बस फर्रुखाबाद के मान ट्रांसपोर्ट की है, जो रात पौने नौ बजे जयपुर से फर्रुखाबाद के लिए रवाना हुई थी। इसमें फर्रुखाबाद व कन्नौैज के रहने वाले जरदोजी का काम करने वाले सवार थे। बस में सवारियां इतनी ज्यादा थीं कि कई बस की छत पर भी बैठी थीं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे से बस सुबह छह बजे के आसपास इटावा मार्ग की ओर मुड़ गई। थाना दन्नाहार क्षेत्र के पास स्थित गांव कीरतपुर पर ये हादसा हुआ। आसपास के लोगों ने तुरंत थाना पुलिस को सूचना देकर बचाव कार्य शुरू कराया। इसके बाद कई थानों का फोर्स और करीब 12 एंबुलेंस मौके पर पहुंचकर शवों और घायलों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं। वहां घायलों का इलाज जारी है। मृतकों की सूची  -प्रदीप (22) पुत्र रामनाथ, निवासी पालपुर, जाफराबाद (कन्नौज, उप्र)  -ज्ञानेन्द्र (19) पुत्र सुमेर सिंह, निवासी पालपुर, जाफराबाद (कन्नौज, उप्र)  -आजाद(30) पुत्र शरफुद्दीन, निवासी अवशेर (कन्नौज, उप्र)  -डिंपी (19)पुत्र अजय सिंह, भरतपुर (फर्रुखाबाद, उप्र) - -अकील (27) पुत्र फारुख याकूब नगर कन्नौज -नंदन 14 निवासी पालनगर छिबरामऊ कन्नौज। -शारुन पुत्र सरफुद्दीन निवासी बावन झाला बिल्हौर कन्नौज। घायलों की सूची  1-मुकुल (22) जेल चौराहा, मैनपुरी कोतवाली  2-चरन सिंह(58)जेल चौराहा, मैनपुरी कोतवाली  3-मुन्नी देवी (45)मेरापुर, फर्रुखाबाद  4-नंदन (15) पता अज्ञात  5-रिजवान (23), कानपुर  6-मुकुल (22), फतेहगढ़, फर्रुखाबाद  7-आदिल 18, गुरसाईगंज, कन्नौज  8-कुंदन (19), जुनैदपुर, गुरसाईगंज, कन्नौज  9-हरीकृष्ण(37),गुरसाईगंज, कन्नौज  10-सुनीता(23), जुनैदपुर, गुरसाईगंज, कन्नौज  11-रचना मिश्रा (30), मोहल्ला खटराना, फर्रुखाबाद  12-तजीर (25), हलकपुरा, फर्रुखाबाद  13-मु. हसन (27)गुरसाईगंज, कन्नौज  14-रघुराज सिंह(35)न्यू बसेरा, आगरा  15-अफरोज(50) सालिगराम, कन्नौज  16-इरशाद(22), इस्माइलपुर, गुरसाईगंज, कन्नौज  17-फरोज (15),गुरसाईगंज, कन्नौज  18-जमील(32), कमालगंज, फर्रुखाबाद  19-शकील (20), तालेग्राम, कन्नौज  20-रेशमा(18), तालेग्राम, कन्नौज  21-रोहित(46)फर्रुखाबाद  22-राजा (65) फर्रुखाबाद 

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