गांधीनगर में दूषित पानी के चलते टायफाइड के 100 से अधिक मामले सामने आने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री और स्थानीय सांसद अमित शाह ने रविवार को प्रशासन को युद्धस्तर पर काम करने का निर्देश दिया। साथ ही शाह ने पाइप लाइन की तत्काल मरम्मत का भी आदेश दिया।
गुजरात सरकार के अनुसार, राज्य की राजधानी में अब तक टायफाइड के 113 संदिग्ध केस पाए गए हैं। इनमें से 19 मरीजों को उपचार के बाद छुट्टी दी जा चुकी है, जबकि 94 मरीज गांधीनगर सिविल अस्पताल और सेक्टर 24 तथा 29 के स्वास्थ्य केंद्रों में उपचाराधीन हैं और उनकी हालत स्थिर है। प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे ओपीडी शुरू कर दी गई है। सिविल अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों के रिश्तेदारों के लिए भी भोजन की व्यवस्था की गई है।
अमित शाह ने दिया ये आदेश
गांधीनगर से सांसद शाह ने उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी, जिला कलेक्टर और नगर आयुक्त के साथ लगातार संपर्क में रहकर वर्तमान स्थिति की जानकारी ली है। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम करने का निर्देश दिया है। रविवार को शाह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ टेलीफोनिक चर्चा की और उन्हें निर्देश दिया कि टायफाइड से प्रभावित बच्चों और नागरिकों को त्वरित और सही उपचार मिले। उन्होंने लीक की तत्काल मरम्मत और प्रभावित क्षेत्रों में गहन निरीक्षण का आदेश दिया है।
75 टीमों ने किया सर्वे
सरकार के अनुसार, गांधीनगर में टायफाइड मामलों के मद्देनजर 75 स्वास्थ्य टीमों द्वारा गहन स्वास्थ्य प्रबंधन और सर्वेक्षण कार्य किया गया है। नगर निगम की सर्वेक्षण टीमों ने अब तक 20,800 से अधिक घरों का निरीक्षण किया है और 90,000 से अधिक लोगों को कवर किया है। रोकथाम के उपाय के तहत 30,000 क्लोरीन टैबलेट और 20,600 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं।
सर्वेक्षण टीमें लोगों से घर-घर संपर्क कर जागरूकता पत्रक वितरित कर रही हैं और उन्हें पानी उबालने, बाहर का खाना न खाने और हाथ साफ रखने के लिए कह रही हैं। बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए पानी की ”सुपर क्लोरीनेशन” की प्रक्रिया को तेज किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में पाइपलाइन में पाए गए कुछ लीकेज का भी तुरंत मरम्मत किया गया है।
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