दक्षिण कोरियाई अदालत ने पूर्व पीएम हान डक-सू को मार्शल लॉ से जुड़े मामले में 23 साल की जेल सुनाई है। यह मामला पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-येओल द्वारा 2024 में लगाए गए मार्शल लॉ से संबंधित है, जिन्हें हाल ही में 5 साल की सजा मिली थी। हान पर कैबिनेट बैठक में यून के आदेश को कानूनी मान्यता देने का आरोप है, जिसे अदालत ने विद्रोह माना। हान इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं।
दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने बुधवार को मार्शल ला से जुड़े एक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री हान डक-सू को 23 साल जेल की सजा सुनाई। यह मामला पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल से जुड़ा है, जिन्होंने तीन दिसंबर, 2024 को देश में मार्शल ला लागू किया था।
यून को हाल ही में मार्शल ला लागू करने से जुड़े एक मामले में पांच साल जेल की सजा सुनाई गई। यून ने जब देश में मार्शल ला लगाने की घोषणा की थी, तब हान प्रधानमंत्री थे।76 वर्षीय हान पहले पूर्व कैबिनेट मंत्री हैं, जिन्हें मार्शल ला से सीधे संबंधित आपराधिक आरोपों में अदालत ने सजा सुनाई है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि मार्शल ला से जुड़े अन्य ट्रायल पर इस फैसले का असर पड़ सकता है। सियोल की सेंट्रल जिला अदालत ने हान को दोषी ठहराया, क्योंकि उन्होंने कैबिनेट की बैठक में यून के मार्शल ला के आदेश को पास कराकर उसे कानूनी मान्यता देने की कोशिश की थी।
एक जज ने इस कदम को विद्रोह करार दिया। हालांकि हान ने ²ढ़ता के साथ कहा कि उन्होंने यून से कहा था कि वह उनकी मार्शल ला योजना का विरोध करते हैं। वह अदालत के फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं।
यून पर चलाया गया था महाभियोग
दिसंबर 2024 में तत्कालीन राष्ट्रपति यून द्वारा अल्पकालिक मार्शल ला लागू करने के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें उन्हें पद से हटाने की मांग की गई थी। इसके बाद यून पर महाभियोग चलाया गया, उन्हें गिरफ्तार किया गया और राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया। उनके खिलाफ सबसे महत्वपूर्ण आपराधिक आरोप यह है कि मार्शल ला लागू करना एक विद्रोह के समान था। इस मामले में मौत की सजा की मांग की गई है, जिस पर अगले महीने फैसला आएगा।
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