जम्मू एंड कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) प्रमुख यासीन मलिक को शुक्रवार आधी रात को गिरफ्तार किया गया जबकि अन्य वरिष्ठ अलगाववादियों को नजरबंद रखा गया है। दिल्ली में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के मुख्यालय के बाहर अलगाववादियों के प्रदर्शन से पहले मलिक को गिरफ्तार किया गया। इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह कश्मीर मुद्दे पर चर्चा के लिए शनिवार को श्रीनगर पहुंच गए। राजनाथ चार दिवसीय जम्मू एवं कश्मीर दौरे के तहत यहां पहुंचे हैं।
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उन्होंने इससे पहले कहा था कि वह खुले मन से कश्मीर जा रहे हैं और कश्मीर समस्या के समाधान के लिए किसी से भी मिलने के इच्छुक हैं। राजनाथ ने श्रीनगर के नेहरू गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मुलाकात की। उनके श्रीनगर, अनंतनाग, जम्मू और राजौरी जाने की उम्मीद है, जहां वह नागरिक समाज संगठनों, राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के लोगों, कारोबारियों से मुलाकात करेंगे। इस बीच वरिष्ठ अलगाववादी नेताओं सैयद अली गिलानी और मीरवाइज उमर फारुख को श्रीनगर में नजरबंद रखा गया। वहीं, यासीन मलिक को आधीरात को मैसूमा में उनके घर से गिरफ्तार किया गया।
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सन ने रैनवाड़ी, खानयार, नौहट्टा, एम.आर.गंज, सफा कदल और मैसूमा इन छह पुलिस थाना क्षेत्रों में प्रतिबंध लगा दिए हैं। पुलिस का दावा है कि वरिष्ठ अलगाववादी नेताओं को हिरासत में नहीं लिया गया है क्योंकि वे दिल्ली जाना चाहते थे। कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) मुनीर अहमद खान ने संवाददाताओं को बताया कि तीन अलगाववादी नेताओं ने रैली के लिए लोगों को इकट्ठा करने का प्रयास कर रहे थे, जिससे कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बिगड़ जाती।
राज्य पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस.पी.वेद ने शुक्रवार को कहा था कि तीनों अलगाववादी नेताओं को हर उस जगह जाने की इजाजत दी जाएगी, जहां वे जाना चाहते हैं।
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