शादी के बाद हर परिवार की ख्वाहिश रहती है कि उनके घर में किलकारी गूंजे, दादा, दादी, चाचा, चाची सभी को इस बात का इंतजार रहता है। कि कब उनके हाथों में कब उनके परिवार का चश्म-ओ-चिराग आएगा। घर में बधाई बजेगी और लोगों को इस खुशी को बांटा जाएगा। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी की देश में एक ऐसा भी गांव हैं जहां बीते पांच दशक से किसी के घर में किलकारी नहीं गूंजी। जिसकी वजह से ये गांव आज चर्चा में है।
भोपाल से सत्तर किलोमीटर दूर है ये गांव
गांव में पांच दशक से कोई बच्चा नहीं हुआ। ये सोचकर आप भी हैरान होंगे की आखिर ऐसी क्या वजह है जिसकी वजह से गांव में बच्चा नहीं हुआ। सुनने में आपको ये थोड़ा अजीब जरूर लगेगा। हालांकि ये कोई कहानी नहीं बल्कि एक गांव का ऐसा सच है जिसका लोग सालों से सामना कर रहे हैं। इस गांव का नाम राजगढ़ का सांका जागीर है। जो मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से महज 70 किलोमीटर की दूरी पर है। जहां पर 50 सालों से किसी बच्चे ने जन्म नहीं लिया है।
इस डर से घर में बच्चा नहीं पैदा होने देते
अब आप ये सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है तो चलिए आपको इसके पीछे की वजह बताते है। इस गांव के लोगों का मानना है कि अगर गांव की सीमा के अंदर बच्चा पैदा होगा तो उसकी जान चली जाएगी या फिर वो अपंग हो जाएगा। ये सोच लोगों के अंदर इतना घर कर गई है कि लोगों ने इसको अपनी किस्मत मान लिया है, और सालों से इसे ढो रहे हैं।
वंश बढ़ाने के लिए निकाली ये जुगाड़
गांव में बच्चा पैदा होगा तो वो या तो मर जाएगा या अपंग हो जायेगा… इस डर की वजह से गांव वालों ने गांव की सीमा के बाहर एक कमरा बनवा रखा है। जिस भी महिला को लेबरपेन शुरू हो जाता है उसका प्रसव उस कमरे में किया जाता है।
गांव में मंदिर बने होने की वजह से नहीं होती घर में डिलीवरी
इस गांव के लोगों की बातें सुनकर आप इन्हें अंध विश्वासी भी कह सकते है। घर में बच्चा न पैदा करने के बारे में गांव के लोगों का कहना है कि यहां पर एक जमाने में श्याम जी का मंदिर था। जिस वजह से उसकी पवित्रता को बनाए रखने के लिए गांव के बुजुर्गों ने महिलाओं की डिलीवरी बाहर कराने का फैसला लिया। जो अपने आप में एक अजब बात जरूर है।
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