यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 12 मार्च से खत्म हो गई हैं। इन कॉपियों का मूल्यांकन प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 18 मार्च से होगा।
यूपी बोर्ड-2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं बृहस्पतिवार को समाप्त हो गईं। परीक्षा के दौरान मानक संचालन प्रक्रिया का पालन न करने पर 12 जिलों के 16 परीक्षा केंद्रों को तथा नकल संबंधी शिकायत मिलने पर 11 जिलों के 17 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के करीब दो लाख 87 हजार से अधिक छात्रों ने परीक्षा छोड़ी।
इस वर्ष हाईस्कूल में 27,54,376 एवं इंटरमीडिएट में 24,99,370 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। त्रिस्तरीय निगरानी व्यवस्था और सचल दलों की सतर्कता के कारण इस वर्ष प्रदेश में केवल 49 ऐसे मामले सामने आए, जिनमें पंजीकृत परीक्षार्थी के स्थान पर छद्म परीक्षार्थी परीक्षा देते पकड़े गए। इसके अलावा 18 परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए पकड़े गए।
प्रदेश के 8033 परीक्षा केंद्रों के लगभग 1.22 लाख परीक्षा कक्षों और परिसरों में 2.89 लाख से अधिक वॉइस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। साथ ही कंट्रोल रूम, परिषद मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ, बरेली, प्रयागराज, वाराणसी तथा गोरखपुर के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से भी लगातार मॉनिटरिंग की गई।
इस वर्ष पहली बार उत्तर पुस्तिकाएं ए-4 (पोर्ट्रेट) आकार में तैयार की गईं और सभी पृष्ठों पर यूपीएमएसपी का सूक्ष्म अंकन कर मार्जिन लाइन बनाई गई। सुरक्षा के लिए उत्तर पुस्तिकाओं पर क्यूआर कोड, क्रमांक, प्रत्येक पृष्ठ पर परिषद का लोगो और पृष्ठ संख्या भी मुद्रित की गई। साथ ही सिलाई युक्त उत्तर पुस्तिकाएं चार अलग-अलग रंगों में तैयार कराई गईं। इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक परीक्षकों द्वारा पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन अपलोड किए गए।
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