क्या होते हैं REIT और Invit? कम पैसों के साथ करें मॉल, ऑफिस या आईटी पार्ट में इंवेस्ट

अगर आप कहीं पैसा लगाना चाहते हैं, तो बाजार में निवेश के कई ऑप्शन मौजूद हैं। इन ऑप्शंस में पैसा लगाकर कम समय में मोटी कमाई की जा सकती है। कई ऑप्शन ऐसे हैं, जिनमें थोड़ी-थोड़ी रकम निवेश की जा सकती है। मगर प्रॉपर्टी जैसे विकल्प में निवेश के लिए एक साथ बड़ी रकम चाहिए। लेकिन हर किसी के पास प्रॉपर्टी खरीदने के लिए बड़ी पूंजी नहीं होती। ऐसे में रीट्स यानी आरईआईटी (Real Estate Investment Trusts) और इनविट्स यानी आईएनवीआईटी (Infrastructure Investment Trust) आम निवेशकों के लिए बेहतरीन विकल्प बनकर उभरे हैं। ये ऐसे विकल्प हैं, जिनके जरिए आप कम पैसे में भी रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश करके रेगुलर इनकम कमा सकते हैं।

क्या होते हैं रीट्स?

रीट्स ऐसी कंपनियां या ट्रस्ट होते हैं जो बड़े-बड़े कमर्शियल प्रॉपर्टी जैसे मॉल, ऑफिस, आईटी पार्क आदि में निवेश करते हैं। इन प्रॉपर्टी से होने वाले मुनाफे का करीब 90 प्रतिशत लाभांश (डिविडेंड) के रूप में निवेशकों में बांटा जाता है।

इनविट्स क्या होते हैं?

इनविट्स यानी आईएनवीआईटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे हाईवे, पावर प्लांट, गैस पाइपलाइन आदि में निवेश करते हैं और वहां से मिलने वाली आय को निवेशकों तक पहुंचाते हैं। ये दोनों ही विकल्प आपको बिना सीधे प्रॉपर्टी खरीदे नियमित इनकम का मौका देते हैं।

उदाहरण के तौर पर, यदि आपके पास 1 लाख रुपए हैं, तो आप सीधे ऑफिस स्पेस नहीं खरीद सकते, लेकिन रीट्स के जरिए आप किसी बड़े कॉर्पोरेट पार्क के आंशिक मालिक बनकर हर महीने/तिमाही किराए की आय प्राप्त कर सकते हैं।

कैसे किया जाता है इनमें निवेश?

अगर निवेश के तरीके की बात करें तो रीट्स और इनविट्स में निवेश करना काफी आसान है। ये शेयर बाजार में लिस्टेड होते हैं, इसलिए आप इन्हें उसी तरह खरीद और बेच सकते हैं जैसे किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं। इसके लिए आपके पास एक डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट होना जरूरी है।
आप अपने ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म के जरिए इन यूनिट्स को खरीद सकते हैं और जरूरत पड़ने पर बेच भी सकते हैं।

क्या कहते हैं जानकार?

जानकारों के मुताबिक, इनमें निवेश करने के कई फायदे हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको नियमित आय मिलती है, क्योंकि नियमों के मुताबिक ये ट्रस्ट अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा निवेशकों को देती हैं। इसके अलावा, कम पूंजी में बड़े एसेट्स में निवेश का मौका मिलता है, जिससे आपका पोर्टफोलियो भी डाइवर्सिफाई होता है।
साथ ही, शेयर बाजार में लिस्टेड होने के कारण इनमें लिक्विडिटी भी रहती है, यानी आप जरूरत पड़ने पर आसानी से पैसे निकाल सकते हैं।

जोखिम का रखें ध्यान

हर निवेश की तरह इसमें भी कुछ जोखिम होते हैं, जिनका ध्यान रखना जरूरी है। जैसे कि रियल एस्टेट या इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में मंदी आने पर रिटर्न प्रभावित हो सकते हैं। ब्याज दरों में बदलाव का भी इन पर असर पड़ता है। इसके अलावा, जिस प्रोजेक्ट या प्रॉपर्टी में निवेश किया गया है, उसकी गुणवत्ता और लोकेशन भी काफी मायने रखती है।

जानकारों का कहना है कि निवेश करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले यह देखें कि रीट या इनविट किस तरह के एसेट्स में निवेश कर रहा है और उसका ट्रैक रिकॉर्ड कैसा है। मैनेजमेंट की विश्वसनीयता, डिविडेंड यील्ड, कर्ज का स्तर और भविष्य की ग्रोथ संभावनाएं भी जरूर चेक करें।
साथ ही, अपने निवेश लक्ष्य और जोखिम लेने की क्षमता के अनुसार ही फैसला लें। सही जानकारी और समझदारी के साथ किया गया निवेश आपको लंबे समय में अच्छा रिटर्न दे सकता है।

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