भीषण गर्मी में बिजली कट: जगरांव में भड़के किसानों ने पावरकॉम दफ्तर का किया घेराव

किसान नेताओं ने कहा कि अगर खेतों को समय पर बिजली नहीं मिली तो फसलें सूख जाएंगी और किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने मांग की कि खेतों में लगी फसलों को बचाने के लिए बिजली सप्लाई का समय बढ़ाया जाए और लंबे कट तुरंत बंद किए जाएं।

पंजाब में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच जगरांव क्षेत्र में लगातार और बेवक्त लग रहे लंबे बिजली कटों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। बिजली संकट को लेकर किसानों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) ने पावरकॉम दफ्तर का घेराव किया और अधिकारियों को मांग पत्र सौंपते हुए तुरंत बिजली कट बंद करने की मांग की।

जत्थेबंदी के जिला प्रधान जगतार सिंह देहड़का, जिला सचिव इंद्रजीत सिंह धालीवाल, वित्त सचिव तरसेम सिंह बस्सूवाल, ब्लॉक प्रधान जगजीत सिंह कलेर (सिद्धवां बेट) और सचिव जसविंदर सिंह भमाल ने कहा कि इस समय किसान गेहूं की फसल संभालने और तूड़ी बनाने में जुटे हुए हैं। इसके साथ ही खेतों में मूंग, मक्की और अन्य फसलों की बुवाई व सिंचाई का काम भी चल रहा है। बढ़ती गर्मी के कारण फसलों को लगातार पानी की जरूरत है, लेकिन लंबे बिजली कटों के कारण किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।

किसान नेताओं ने कहा कि अगर खेतों को समय पर बिजली नहीं मिली तो फसलें सूख जाएंगी और किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने मांग की कि खेतों में लगी फसलों को बचाने के लिए बिजली सप्लाई का समय बढ़ाया जाए और लंबे कट तुरंत बंद किए जाएं।

सरकार पर लापरवाही के आरोप
ब्लॉक सचिव कुलवंत सिंह कांता और रछपाल सिंह नवां डल्ला ने कहा कि लंबे बिजली कटों के लिए बिजली कर्मचारी जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि इसके लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार की लापरवाही जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को पहले से अंदाजा होना चाहिए था कि गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ेगी, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।

उन्होंने यह भी कहा कि पावरकॉम में स्थायी चेयरमैन की नियुक्ति नहीं की गई है और जो अस्थायी चेयरमैन लगाया गया है वह भी दफ्तर में सक्रिय नहीं है। इसके अलावा डायरेक्टर जनरेशन का पद भी खाली पड़ा है, जिससे बिजली प्रबंधन पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है।

बिजली मंत्री पर भी उठाए सवाल
किसान नेताओं ने बिजली मंत्री की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्री विदेश दौरों में व्यस्त हैं और प्रदेश के बिजली संकट की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने मांग की कि अयोग्य मंत्री को तुरंत हटाया जाए और बिजली संकट का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

किसान यूनियन ने सरकार से मांग की कि रोपड़ स्थित बिजली प्लांट के 800-800 मेगावाट के दो यूनिट तुरंत चालू किए जाएं ताकि प्रदेश में बिजली आपूर्ति सुधारी जा सके।

किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो किसानों और मजदूरों को मजबूरन बड़े धरने-प्रदर्शन और सड़क जाम जैसे कड़े कदम उठाने पड़ेंगे। इस मौके पर इंकलाबी केंद्र पंजाब के जनरल सचिव कंवलजीत खन्ना, क्षेत्रीय प्रधान धर्म सिंह सूजापुर समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com