पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पेटीएम की कॉम्पिटिटर कंपनी को NBFC का लाइसेंस दे दिया है। दरअसल, ‘वन मोबीक्विक सिस्टम्स लिमिटेड’ (Mobikwik) ने बताया कि उसे भारतीय रिजर्व बैंक से नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी के रूप में काम करने के लिए अपने आवेदन की मंजूरी मिल गई है, जिससे कंपनी को एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत अपने लोन ऑपरेशन का विस्तार करने में मदद मिलेगी। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी।
अब कंपनी अपने लोन बिजनेस के लिए मोबीक्विक फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नामक एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्थापित करेगी। उम्मीद है कि यह नई इकाई कंज्यूमर और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को सुरक्षित और असुरक्षित दोनों प्रकार के लोन प्रोडक्ट उपलब्ध कराने पर फोकस करेगी।
क्या है कंपनी की प्लानिंग?
मोबीक्विक ने कहा कि एनबीएफसी बनने से उसे मौजूदा तकनीकी बुनियादी ढांचे, अंडरराइटिंग सिस्टम और रिकवरी कैपिसिटी के समर्थन से क्रेडिट उत्पादों को अधिक तेज़ी से डिजाइन और लॉन्च करने में मदद मिलेगी। कंपनी ने आगे कहा कि नई लोन ब्रांच, को-लैंडिंग अरेंजमेंट के तहत साझेदारी को भी सुगम बनाएगी, जिससे पूंजी तक पहुंच में सुधार हो सकता है।एमएफएसपीएल में ऑपरेशन तब शुरू होगा जब कंपनी को आरबीआई से पंजीकरण प्रमाणपत्र (CoR) प्राप्त हो जाएगा और वह लागू नियामक शर्तों को पूरा कर लेगी।
बता दें कि यह फिनटेक कंपनी वर्तमान में अपने पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म के माध्यम से 186 मिलियन से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स और लगभग 4.8 मिलियन व्यापारियों को सेवाएं प्रदान करती है। यह डिजिटल वॉलेट सेवाएं, यूपीआई भुगतान, ज़िप ईएमआई जैसी क्रेडिट योजनाएं और निवेश उत्पाद सहित कई प्रकार के उत्पाद पेश करती है।
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