यूपीसीएल के निदेशक जीएस बुदियाल ने बताया कि वर्तमान समय में देशव्यापी हीट वेव, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, गैस की सीमित उपलब्धता व जलविद्युत उत्पादन में कमी से विद्युत उपलब्धता का दबाव बढ़ रहा है।
गर्मी के बीच राज्य में लगातार बढ़ रही बिजली की किल्लत से निपटने के लिए यूपीसीएल ने केंद्र सरकार से 150 मेगावाट की मांग रखी है। प्रदेश में बिजली की मांग 5.3 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है, जबकि उपलब्धता 4.5 करोड़ यूनिट की है।
यूपीसीएल के निदेशक जीएस बुदियाल ने बताया कि वर्तमान समय में देशव्यापी हीट वेव, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, गैस की सीमित उपलब्धता व जलविद्युत उत्पादन में कमी से विद्युत उपलब्धता का दबाव बढ़ रहा है। गैस की अनुपलब्धता से राज्य में स्थापित 321 मेगावाट गैस आधारित संयंत्रों में उत्पादन प्रभावित हुआ है।
इसके अलावा नदियों के जल प्रभाव में कमी के कारण हाइड्रो सेक्टर में गिरावट आने से बिजली की मांग में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उपभोक्ताओं की ओर से इंडक्शन कुकर एवं अन्य विद्युत उपकरणों के बढ़ते उपयोग से 50 से 100 मेगावाट तक अतिरिक्त विद्युत लोड में वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री के विशेष अनुरोध पर केंद्रीय ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने केंद्रीय पूल से 150 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग से अनुमोदन प्राप्त कर ऊर्जा एक्सचेंज के माध्यम से किफ़ायती दरों में अग्रिम विद्युत क्रय की व्यवस्था की गई है। एक से 15 मई 2026 के लिए 100 मेगावाट व 16 से 31 मई 2026 के लिए 225 मेगावाट बिजली खरीदी जाएगी।
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