रिंकू सिंह ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में 20 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाकर भारत को जीत दिलाई और एक बेहतरीन फिनिशर के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल के 20वें ओवर में सर्वाधिक छक्के (12) लगाने के मामले में एमएस धोनी के रिकॉर्ड की बराबरी की, लेकिन यह उपलब्धि धोनी से काफी कम गेंदों में हासिल की।
Rinku Singh Finisher Role: भारतीय क्रिकेट में फिनिशर की भूमिका हमेशा से ही चर्चा का विषय रही है, लेकिन यूपी के छोटे से शहर से निकले रिंकू सिंह ने इस बहस पर विराम लगाना शुरू कर दिया है। टी20 विश्व कप 2026 से पहले रिंकू सिंह ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20आई सीरीज के पहले मैच में जिस तरह से अपना खेल दिखाया, उससे हर कोई उनकी तारीफ करने से खुद को नहीं रोक पा रहा है।
रिंकू ने मैच में 20 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाए और न केवल टीम इंडिया को जीत दिलाई, बल्कि पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के एक बड़े रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली।
Rinku Singh ने धोनी के रिकॉर्ड की बराबरी की
दरअसल, नागपुर में खेले गए पहले टी20 मैच में रिंकू सिंह ने न्यूजीलैंड के खिलाफ महज 20 गेंदों में 44 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। उन्होंने इस पारी के दौरान 20वें ओवर में 2 सिक्स लगाए और भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के 20वें ओवर में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बैटर्स की लिस्ट में वह संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर आ गए हैं।
रिंकू ने अब तक आखिरी ओवर में कुल 12 छक्के लगाए हैं, जो एमएस धोनी के रिकॉर्ड (12 छक्के) के बराबर है। दिलचस्प बात यह है कि धोनी ने 132 गेंदों में यह मुकाम हासिल किया था, जबकि रिंकू ने केवल 38 गेंदों में ही ये मुकाम हासिल किया। इस लिस्ट में अब रिंकू से आगे सिर्फ हार्दिक पांड्या (15 छक्के) हैं।
भारत के लिए 20वें ओवर में सर्वाधिक छक्के
हार्दिक पांड्या: 15 छक्के (99 गेंद)
रिंकू सिंह: 12 छक्के (38 गेंद)
एमएस धोनी: 12 छक्के (132 गेंद)
सूर्यकुमार यादव: 11 छक्के (28 गेंद)
पूर्व दिग्गज ने भारतीय टीम मैनेजमेंट को घेरे
रिंकू की काबिलियत को देखते हुए न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज और मशहूर कमेंटेटर साइमन डुल ने भारतीय टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि रिंकू को अब तक 100 मैच खेल लेने चाहिए थे। उनका मानना है कि रिंकू जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को टीम इंडिया ने सही इस्तेमाल नहीं किया।
डुल ने कहा,
रिंकू सिंह खेल के बेहतरीन फिनिशरों में से एक हैं। मुझे लगता है कि भारत ने उन्हें बहुत कम मौके दिए हैं। जिस तरह की उनकी क्षमता है, उन्हें अब तक भारत के लिए कम से कम 100 टी20 मैच खेल लेने चाहिए थे। रिंकू का कद भले ही छोटा हो, लेकिन उनके पास गजब की ताकत है और वह डेथ ओवर्स में गेंदबाजों के लिए काल साबित होते हैं।
-साइमन डुल
टी20 विश्व कप के लिए प्लेइंग-11 में मिलेगी जगह?
2026 टी20 विश्व कप से पहले नागपुर में उनकी 220 के स्ट्राइक रेट वाली पारी ने यह साबित कर दिया है कि वह दबाव की स्थिति में भी बड़े शॉट खेलने में सक्षम हैं।
बता दें कि रिंकू पिछली सीरीज तक भारत की टी20 टीम का हिस्सा नहीं थे, लेकिन अब उनको टी20 विश्व कप 2026 के लिए भी चुन लिया गया। पहले ये कहा जा रहा था कि टीम कॉम्बिनेशन की वजह से रिंकू को मौका नहीं मिल रहा है, लेकिन मौजूदा समय में उनसे ज्यादा शानदार फिनिशर विश्व क्रिकेट में भी नजर नहीं आ रहा है, जो परिस्थिति के हिसाब से बैटिंग करने में सक्षम है।
अगर बात करें मैच की तो भारत ने पहले टी20 में न्यूजीलैंड को 48 रनों से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अभिषेक शर्मा (84 रन) और रिंकू सिंह की पारियों की बदौलत भारत ने 238 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में कीवी टीम 190 रन ही बना सकी और मैच टीम इंडिया ने 48 रन से जीत लिया।
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