सावधान! सिर्फ एक फोटो से खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट

हाई-टेक फाइनेंशियल क्राइम के एक चौंकाने वाले ट्रेंड में, स्कैमर्स अब ‘आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम’ (AEPS) को निशाना बना रहे हैं। ट्रेडिशनल फिशिंग में आमतौर पर पीड़ितों को झांसा देकर उनसे One-Time Passwords (OTPs) शेयर करवाने या फर्जी कॉल्स का जवाब दिलवाने पर निर्भर रहा जाता है। इसके उलट नया AEPS फेस ऑथेंटिकेशन फ्रॉड स्कैमर्स को पीड़ित के साथ बिना किसी सीधे कॉन्टैक्ट के ही उनके बैंक अकाउंट्स से पैसे निकालने की सुविधा देता है।

AEPS सिस्टम का गलत इस्तेमाल कैसे हो रहा है?

AEPS को सिर्फ आधार नंबर और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (फिंगरप्रिंट या चेहरा) का इस्तेमाल करके इजी फाइनेंशियल एक्सेस देने के लिए डिजाइन किया गया है। वैसे ये दूरदराज के क्षेत्रों में बैंकिंग की सुविधा देता है, लेकिन स्कैमर्स सिस्टम के फेस ऑथेंटिकेशन फीचर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कैमर्स को स्कैम शुरू करने के लिए टारगेट की सिर्फ एक फोटो की जरूरत होती है। एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके, वे एक ‘नकली चेहरा’ या डीपफेक जनरेट करते हैं जो पीड़ित के लाइव फीचर्स की नकल करता है। ये सिंथेटिक बायोमेट्रिक डेटा फिर AEPS ऑथेंटिकेशन प्रोटोकॉल को बायपास करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिससे अनधिकृत विड्रॉल (unauthorized withdrawals) होते हैं और बैंक बैलेंस जीरो हो जाता है।

अपनी बचत को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह के डिजिटल खतरों के खिलाफ जागरूकता ही सबसे प्रभावी ढाल है। अपने अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए, तुरंत ये कदम उठाएं:

अपना बायोमेट्रिक्स लॉक करें: अपने बायोमेट्रिक डेटा को लॉक करने के लिए mAadhaar एप या आधिकारिक UIDAI पोर्टल का इस्तेमाल करें। एक बार लॉक होने के बाद, आपके फिंगरप्रिंट और चेहरे के डेटा का इस्तेमाल ऑथेंटिकेशन के लिए तब तक नहीं किया जा सकता जब तक आप किसी खास ट्रांजेक्शन के लिए उन्हें खुद अनलॉक नहीं करते।

अनयूज्ड सर्विसेज को डिएक्टिवेट करें: यदि आप बैंकिंग के लिए नियमित रूप से AEPS का इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो अपने अकाउंट पर इस सर्विस को डिसेबल या रिस्ट्रिक्ट करने के लिए अपने बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क करें।

अपने डिजिटल फुटप्रिंट का ध्यान रखें: सोशल मीडिया पर मौजूद हाई-क्वालिटी वाली फोटो का इस्तेमाल AI टूल्स द्वारा नकली पहचान बनाने के लिए किया जा सकता है।

अगर आप शिकार हो जाएं तो क्या करें?

यदि आपको अनऑथराइज्ड ट्रांजैक्शन का पता चलता है या आपको लगता है कि आप बायोमेट्रिक फ्रॉड के शिकार हुए हैं, तो तेजी दिखाएं। घटना की रिपोर्ट करने और धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन्स को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए तुरंत नेशनल साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।

ये प्रोएक्टिव कदम उठाकर, नागरिक ये सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनके आधार-लिंक्ड अकाउंट साइबर-अपराधियों के बदलते तरीकों से सुरक्षित रहें।

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