उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज भूमि पर निर्मित एक कथित अवैध मस्जिद को राजस्व न्यायालयों के बेदखली आदेश के बाद शनिवार को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह कार्रवाई नखासा थाना क्षेत्र के कसेरुआ गांव में की गई, जहां प्रशासन का दावा है कि मुस्तफा कादरी मस्जिद का निर्माण लगभग 1,200 वर्गमीटर कब्रिस्तान की भूमि पर किया गया था।
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि मस्जिद समिति द्वारा तहसीलदार न्यायालय के बेदखली आदेश के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया गया, क्योंकि समिति भूमि पर अपने दावे के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि राजस्व अभिलेखों में यह भूमि कब्रिस्तान के नाम दर्ज है और 21 अप्रैल को इसे खाली कराने का आदेश पारित किया गया था। हालांकि, मस्जिद के देखरेखकर्ता जाकिर हुसैन ने प्रशासन के दावे का खंडन करते हुए कहा कि मस्जिद कई सौ वर्ष पुरानी है और इसका पुनर्निर्माण लगभग 25 वर्ष पहले कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बेदखली आदेश पारित करने से पहले न्यायालय ने मस्जिद समिति का पक्ष समुचित रूप से नहीं सुना।
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