राजस्व महाअभियान की समीक्षा में डीएम सुब्रत कुमार सेन ने ऑनलाइन प्रविष्टि में लापरवाही पर पांच अंचलाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर 22 किसान सलाहकार और 22 कृषि समन्वयकों का वेतन रोकते हुए जवाब तलब किया।
राजस्व महाअभियान की प्रगति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। अंचलवार कार्यों की गहन जांच के दौरान पांच अंचलों के अंचलाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया है।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में राजस्व महाअभियान के तहत कुल 1,22,939 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अब तक 73.67 प्रतिशत मामलों की ऑनलाइन प्रविष्टि की गई है। इस पर डीएम ने स्पष्ट कहा कि डिजिटल इंट्री ही इस अभियान की सफलता की कुंजी है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में पाया गया कि कांटी, कुढ़नी, सरैया, कटरा और मुसहरी अंचल में ऑनलाइन प्रविष्टि का प्रतिशत अत्यंत कम है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए डीएम ने संबंधित अंचलाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, फार्मर रजिस्ट्री की भी गहन समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि किसान पंजीकरण की रफ्तार अपेक्षित स्तर पर नहीं है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए डीएम ने 22 किसान सलाहकार और 22 कृषि समन्वयकों का वेतन तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया तथा उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
डीएम सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि राजस्व महाअभियान और फार्मर रजिस्ट्री राज्य सरकार की प्राथमिक योजनाएं हैं, जिनका उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करना और आम जनता व किसानों को सीधा लाभ पहुंचाना है। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों, राजस्व कर्मियों, किसान सलाहकारों और कृषि समन्वयकों को पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार के निर्देशों की अनदेखी या किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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