महाराष्ट्र की परभणी नगर निगम में महापौर पद के लिए शिवसेना (यूबीटी) ने सैयद इकबाल को नामित किया, जिसके बाद वो कांग्रेस के समर्थन से नए महापौर चुने गए। जिसके बाद भाजपा ने ‘औरंगजेब’ वाला कटाक्ष किया, जिस पर अब शिवसेना यूबीटी सांसद ने पलटवार किया है।
उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय जाधव ने परभणी महापौर चुनाव को लेकर भाजपा के ‘औरंगजेब’ वाले कटाक्ष पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा हिंदुत्व का पाठ नहीं पढ़ाना चाहिए, क्योंकि उसने दो नगर परिषदों में ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के साथ हाथ मिलाया था।
दरअसल, भाजपा ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) की परभणी नगर निगम में महापौर पद के लिए पार्टी पार्षद सैयद इकबाल को नामित करने के लिए आलोचना की और उनपर पर मराठी ‘मानुष’ (मराठी लोगों) की अनदेखी करने का आरोप लगाया। गुरुवार को कांग्रेस के समर्थन से इकबाल मध्य महाराष्ट्र के परभणी शहर के नए महापौर चुने गए। उन्होंने अपने भाजपा प्रतिद्वंद्वी तिरुमाला खिल्लारे को 13 वोटों के अंतर से हराया।
चुनाव के बाद महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बान ने कहा, ‘उद्धव ठाकरे परभणी में औरंगजेब के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। वे चुनाव से पहले मराठी मानुष का नाम लेते हैं, लेकिन जब महापौर चुनने का समय आता है, तो वे एक मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में उतार देते हैं।’ इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए परभणी सांसद जाधव ने बताया कि भाजपा ने अकोला जिले की अकोट नगर परिषद और अमरावती की अचलपुर नगर परिषद में असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन किया।
भाजपा को याद दिलाया एआईएमआईएम से गठबंधन
उन्होंने कहा, “हमने एआईएमआईएम के साथ हाथ नहीं मिलाया, जैसा कि भाजपा ने अकोट और अचलपुर में किया। इसलिए भाजपा को हमें हिंदुत्व का पाठ नहीं पढ़ाना चाहिए। जब भी हिंदुत्व के लिए आवाज उठाने की जरूरत पड़ी, बाल ठाकरे के शिवसैनिक सड़कों पर उतर आए, जबकि भाजपा घर पर बैठी रही। अगर वे हमारे खिलाफ औरंगजेब का जिक्र करते हैं, तो क्या हमें उन्हें अफजल खान (छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा मारा गया एक सेनापति) कहना चाहिए, क्योंकि वे अकोट और अचलपुर में एआईएमआईएम के साथ गए थे?’
‘हमारी दो बार मदद की, इसलिए…’
उन्होंने दावा किया कि एआईएमआईएम भाजपा की बी टीम है, जिसका इस्तेमाल वे हिंदुत्व के नाम पर कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मुस्लिम समुदाय ने शिवसेना यूबीटी की मदद की। उन्होंने हमारी दो बार मदद की, लेकिन एआईएमआईएम की मदद नहीं की, क्योंकि वे इस पार्टी को भाजपा की बी टीम मानते थे। इसलिए हमने उन्हें महापौर का पद दिया। अगली बार जब नए महापौर का चुनाव होगा, तो हम एक हिंदू उम्मीदवार को मनोनीत करेंगे।’
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