प्रदेश सरकार ने कौशल विकास के जरिये युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के लिए तैयार करेगी। इसके लिए कौशल विकास मिशन से जुड़ी योजनाओं का बजट तीन गुणा से अधिक बढ़ाया है। इससे वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार पाने या स्वरोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की ओर से युवाओं का कौशल विकास पर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अलग-अलग योजनाओं में प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही केंद्रीय योजनाओं में भी सहभागिता की जाती है। इसके तहत राज्य कौशल प्रशिक्षण निधि (एसएसडीएफ) में वर्तमान वित्तीय वर्ष में 61 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो अब बढ़कर 4 लाख से अधिक युवाओं का हो जाएगा। इस पर 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसी तरह प्रोजेक्ट प्रवीण योजना के तहत प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 के छात्रों को हर दिन 1.5 घंटे का कौशल प्रशिक्षण अत्याधुनिक लैबों में दिया जाता है। अभी लगभग दो लाख छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाता है। इसे बढ़ाकर पांच लाख की जाएगी। इतना ही नहीं, इस योजना में बजट बढ़ने से विभाग राजकीय के साथ ही अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों को भी इस योजना में शामिल कर सकेगा।
दूसरी तरफ प्रदेश सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष के बजट में जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत निर्धन परिवार के पात्र व्यक्तियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे कौशल विकास मिशन की ओर से लगभग 50 हजार लोगों को आवासीय कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस तरह कुल लगभग दस लाख युवाओं के कौशल विकास का रास्ता साफ हुआ है।
बढ़ाया गया बजट
बजट में मिले वित्तीय सहयोग से लाखों युवाओं के लिए सुनहरे अवसर खुलेंगे। विभिन्न योजनाओं में बजट बढ़ने से प्रशिक्षण पाने वालों की संख्या भी काफी बढ़ेगी। कौशल विकास मिशन को युवाओं को आत्मनिर्भर और स्वरोजगार के लिए तैयार करने में काफी सहयोग मिलेगा।-पुलकित खरे, मिशन निदेशक, कौशल विकास मिशन
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