विधानमंडल के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को विधान सभा में प्रश्नकाल के दौरान निवेश और रोजगार के मुद्दे पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष में तकरार देखने को मिली।
सपा सदस्य डाॅ. रागिनी के सवाल पर औद्योगिक विकास मंत्री नन्दगोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने जवाब दिया, लेकिन सदस्य द्वारा असहमति जताने पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने मामले को संभालते हुए विस्तृत उत्तर दिया।
सुरेश खन्ना ने कहा कि निवेश की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होती है। पहले एमओयू (समझौता ज्ञापन) होता है, इसके बाद ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी और फिर परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जाता है।
कोई भी निवेशक निवेश से पहले कानून-व्यवस्था, कच्चे माल की उपलब्धता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल करता है, तभी आगे बढ़ता है। प्रदेश में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश धरातल पर उतर चुके हैं। इसके चलते 15 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।
रोजगार के आंकड़ों का हवाला देते हुए खन्ना ने कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में वर्ष 2017 से पहले 21.24 लाख सदस्य थे, जो अब बढ़कर 40.20 लाख हो गए हैं। उन्होंने इसे रोजगार सृजन का प्रमाण बताया है।
औद्योगिक विकास दर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर इंडस्ट्रियल ग्रोथ 11.9 प्रतिशत है, जबकि प्रदेश में यह दर 25 प्रतिशत तक पहुंची है, जो प्रदेश की बेहतर आर्थिक स्थिति को दर्शाती है।
निजी क्षेत्र में दलितों और पिछड़ों को रोजगार देने के सवाल पर संसदीय कार्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि निजी क्षेत्र हुनर देखते हैं। उद्योग अपनी जरूरत के अनुसार नियुक्तियां करते हैं, वहां आरक्षण का प्रविधान लागू नहीं होता है। प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई बार नोकझोंक भी देखने को मिली।
ओबीसी के एक भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से नहीं रहेंगे वंचित
पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने सपा के महेन्द्र नाथ यादव के प्रश्न पर कहा पिछड़ा वर्ग के एक भी पात्र छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहेंगे। डबल इंजन की सरकार केवल घोषणाओं पर नहीं, बल्कि धरातल पर कार्य करने में विश्वास रखती है। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में विभाग का बजट 1286 करोड़ रुपये हुआ करता था, जबकि योगी सरकार में यह बढ़कर लगभग 3500 करोड़ रुपये हो गया है, जो लगभग तीन गुना वृद्धि को दर्शाता है। मंत्री ने कहा कि इस वर्ष 38 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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