
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने बताया कि इसके लिए कंट्रोल रूम तैयार किया जाएगा। यहां हर मशीन की गतिविधि रिकॉर्ड की जाएगी। इसमें मशीन के शुरू होने से लेकर बंद होने की जानकारी शामिल होगी। जिसका अल्ट्रासाउंड होगा, उसका पूरा ब्यौरा भी विभाग के पास उसी मशीन के जरिये पहुंच जाएगा।
इस जानकारी को विभाग संबंधित क्षेत्र के स्वास्थ्य अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उपलब्ध कराएगा। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उस महिला की डिलिवरी होने तक हर अपडेट लेती रहेगी। अगर कोई गड़बड़ी होती है तो उसके कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से पता लगाए जाएंगे।