लखनऊ

छपरा के लिए नई ट्रेन अक्टूबर से, रेलवे बोर्ड ने दी नई ट्रेन की सौगात

लखनऊ से छपरा तक की यात्रा करने वाले स्थानीय लोगों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे बोर्ड ने पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) को एक और नई ट्रेन की सौगात दी है। रेल बजट में घोषित 15113/15114 नंबर की नई लखनऊ-छपरा-लखनऊ एक्सप्रेस गोरखपुर के रास्ते सप्ताह में तीन दिन चलेगी। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव के अनुसार इस नई ट्रेन का नियमित रूप से संचालन अक्टूबर से शुरू होगा। इस ट्रेन में जनरल के 10, स्लीपर के 6 और एसी थर्ड टियर के 2 कोच लगाए जाएंगे। - 15113 नंबर की एक्सप्रेस ट्रेन लखनऊ जंक्शन से 11 अक्टूबर से प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलाई जाएगी। लखनऊ जंक्शन से यह ट्रेन रात 8.25 बजे से रवाना होकर बादशाहनगर से 9.00 बजे से छूटकर बाराबंकी, गोंडा, मनकापुर, बस्ती होते हुए दूसरे दिन रात 2.25 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन कप्तानगंज से भोर में 3.15 बजे से, पडरौना से सुबह 4.115 बजे से, तमकुही रोड से 05.02 बजे, थावे से 06.45 बजे से चलकर 10.00 बजे छपरा कचहरी पहुंचेगी। नहीं मिला स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस में आरक्षण तो न लें टेंशन, स्कैनिया पहुंचाएगी दिल्ली यह भी पढ़ें - 15114 नंबर की एक्सप्रेस ट्रेन छपरा कचहरी स्टेशन से प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार और रविवार को चलाई जाएगी। यह ट्रेन छपरा कचहरी से शाम 6.00 बजे से रवाना होकर थावे, तमकुही, पडरौना और कप्तानगंज होते हुए दूसरे दिन रात 1.10 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यहा से चलकर बस्ती से 2.30 बजे से छूटकर मनकापुर, गोंडा और बादशाहनगर होते हुए सुबह 8.15 बजे लखनऊ जंक्शन पहुंचेगी। आठ अक्टूबर तक चलेगी स्पेशल ट्रेन : मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार गोरखपुर के रास्ते लखनऊ जंक्शन से छपरा के बीच चल रही 05065/05066 नंबर की स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन का संचलन जारी रहेगा। यह स्पेशल ट्रेन आठ अक्टूबर तक पूर्व निर्धारित तिथि, ठहराव और समय के अनुसार चलेगी। नौ नवंबर से इसका संचलन बंद हो जाएगा। प्रदूषण रोकने में भी मदद करेगा एलडीए, अब करना होगा इन नियमों का पालन यह भी पढ़ें दक्षिण भारत दर्शन ट्रेन दो से : आइआरसीटीसी दो जुलाई से दक्षिण भारत दर्शन यात्र ट्रेन चलाएगा। यह यात्र 11 रात और 12 दिन की होगी। दक्षिण भारत दर्शन ट्रेन दो जुलाई को रवाना होकर वापस 13 जुलाई को आएगी। इस ट्रेन में यात्रियों को तीन समय का शाकाहारी भोजन, स्थानीय भ्रमण और ठहरने के लिए लॉज की व्यवस्था आइआरसीटीसी करेगा। इस यात्र के अंतर्गत मदुरई (मीनाक्षी मंदिर), रामेश्वरम, त्रिवेंद्रम (पदमनाभम मंदिर), कन्याकुमारी, तिरूचिरापल्ली (रंगनाथ स्वामी मंदिर) और रेनूगुंटा (तिरूपति बालाजी मंदिर) के दर्शन कराया जाएगा। स्लीपर क्लास में यात्र का यह पैकेज 11340 रुपये में होगा। इस टेन में लखनऊ के अलावा वाराणसी, जौनपुर, शाहगंज, अकबरपुर, अयोध्या, बाराबंकी, कानपुर और झासी से भी यात्र शुरू करने की व्यवस्था होगी।

लखनऊ से छपरा तक की यात्रा करने वाले स्थानीय लोगों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे बोर्ड ने पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) को एक और नई ट्रेन की सौगात दी है। रेल बजट में घोषित 15113/15114 नंबर की नई लखनऊ-छपरा-लखनऊ …

Read More »

टोंटी लेकर पहुंचे अखिलेश ने कहा, सरकार बंगला तोड़ने का अारोप लगाकर बदनाम कर रही

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर उनको बदनाम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुझे जैसा आवास मिला था मैने वैसा ही सरकार को सौंपा था। हमारे घर छोड़ने के बाद कोई व्यक्ति घर में खुली शर्ट पहनकर इनोवा गाड़ी से गया था उसी ने पूरी स्कि्प्ट रची है। मैं तो उस घर से केवल अपना समान ले गये हैं। अखिलेश ने कहा कि राज्यपाल बहुत अच्छे अादमी हैं उनके ऊपर कभी-कभी 'अारएसएस की अात्मा' आ जाती है तो मैं क्या कर सकता हूं। उनको किसी ने बता दिया कि हमारे घर के निर्माण में 42 करोड़ खर्च हुये। तभी उन्होंने सरकार को पत्र लिखा है। View image on Twitter View image on Twitter ANI UP ✔ @ANINewsUP Wooden flooring along with many things in bungalow are intact. One damaged corner of house was photographed in way to make it look like house was left in a bad state. Log pyaar mein andhe hote honge par jalan aur nafrat mein andhe hote hain yeh meine dekha hai: Akhilesh Yadav 12:22 PM - Jun 13, 2018 108 95 people are talking about this Twitter Ads info and privacy अाज दोपहर सपा कार्यालय में प्रेस वार्ता करते समय अखिलेश यादव नल की कुछ टोटियां लेकर पहुंचे। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं आज सरकार को टोंटी वापस करने आया हूं। हर इंसान अपने हिसाब से अपना घर बनाता है। अगर मुझे कुछ पसंद है तो वो अपने पैसों से करूंगा। दूसरों के पैसों से अपनी पसंद को पूरा नहीं किया जा सकता है। अखिलेश यादव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर वो घर मिला तो अपने हिसाब से उसे बनाया था। सपा अध्यक्ष ने कहा कि घर की टोंटी कौन निकालता है। नशेड़ी – गंजेड़ी निकालते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह देखना चाहिए कि कौन-कौन लोग मेरे जाने के बाद उस बंगले में गए थे। अखिलेश ने साफ कहा कि सीएम योगी के ओएसडी गए थे कि नही। मृत्युंजय नारायण वहां गए थे। जिन्होंने टोंटी ढूंढ ली वहां जाकर वो गांजा भी ढूंढ लेंगे। वहां सब कुछ ऐसा बना था कि वो वापस ले जा सकूं। ऐसी फोटो ली गई कि जहां से घर उजड़ा हुआ दिखे। गुस्से और जलन में अंधे हो गए लोग। अखिलेश यादव ने कहा कि मेरे बैडरूम में कोई तोड़फोड़ नहीं हुई। मेरे बारे में जो भी टीवी पर दिखाया गया, सब गलत है। आलीशान बंगले को खंडहर जैसा बनाने को लेकर सपा-भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप यह भी पढ़ें अखिलेश ने कहा कि हमें अब रिपोर्ट आने का इंतज़ार है। संपत्ति विभाग के लोग इन्वेंट्री क्यों नही लिए थे। एक भी सरकारी चीज गायब हुई तो वापस कर देंगे। ये सरकार हमारे काम से जली-भुनी है। हमने वर्ल्ड क्लास एक्सप्रेस वे बनाया, हमनें डायल 100 दिया। वर्ल्ड क्लास स्टेडियम दिया। हमनें लैपटॉप दिया हमने लेकिन सब भूल गए। हमने अपने संसाधनों से बच्चों को लैपटॉप दिया लेकिन बीजेपी वाले टोंटी को लेकर हमारे पीछे पड़ गए। मुख्यमंत्री आवास में मैंने जाली लगवाई तो खुद के पैसे से, वहां मंदिर बनवाया, झूमर लाइट अपने पैसे से लगवाए थे। उन्होंने कहा कि सरकार मेरा मंदिर वापस कर दे। मेरी सरकार आएगी तो मैं भी घर दिखाने ले जाऊंगा। अधिकारी तो वही रहेंगे। सपा अध्यक्ष ने कहा कि मेरा और मायावती जी का आवास खाली करा लिया गया। सुप्रीम कोर्ट का फैसला है लेकिन सरकार साजिश करती है। ये सब उपचुनाव हारने का नतीजा है। फिटनेस चैलेंज पर अखिलेश ने कहा कि मुझसे कोई खेल खेलकर दिखाएं, सबमें हरा दूंगा। आलमबाग बस स्टैंड किस विधायक का सपना था। अखिलेश ने कहा कि हमने तो जनता के लिए मेट्रो बनाई, एक्सप्रेसवे बनाया जो इस सरकार को पसंद नहीं आ रहा है। अखिलेश ने कहा कि दो निर्दोष जिलाधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। जहां खनन हो रहा, वहां सरकार की नजर नहीं जाती है। इसके राज्यपाल रामनाईक ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा राजधानी के चार, विक्रमादित्य मार्ग पर आवंटित सरकारी आवास को खाली करने से पूर्व उसमें की गई तोडफ़ोड़ और क्षतिग्रस्त करने को अनुचित ठहराया था। यह मामला मीडिया तथा जनमानस में चर्चा का विषय है।राज्यपाल ने कहा कि यह नितान्त अनुचित और गंभीर मामला है। पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित किये गए सरकारी आवास राज्य संपत्ति की श्रेणी में आते हैं। इनका निर्माण व रखरखाव सामान्य नागरिकों के विभिन्न प्रकार के करों से होता है। लिहाजा राज्य संपत्ति को क्षति पहुंचाना ठीक नहीं।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर उनको बदनाम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुझे जैसा आवास मिला था मैने वैसा ही सरकार को सौंपा था। हमारे घर छोड़ने के बाद कोई …

Read More »

अब केजीएमयू में खुलेगा इग्नू का सेंटर

केजीएमयू में इग्नू का सेंटर स्थापित होगा। साथ ही डिजास्टर मैनेजमेंट के दो कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसमें आपदा प्रबंधन से निबटने के बारे में लोगों को दक्ष किया जाएगा। संस्थान के कलाम सेंटर में मंगलवार को 'आपदा प्रबंधन' को लेकर संगोष्ठी हुई। कार्यक्त्रम की विशिष्ट अतिथि इंदिरा गाधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. मनोरमा सिंह ने केजीएमयू व इग्नू के सहयोग से दो नए पाठ्यक्त्रमों के संचालन का दावा किया। उन्होंने कहा कि सर्टिफिकेट इन डिजास्टर मैनेजमेंट व पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन डिजास्टर मैनेजमेंट का संचालन किया जाएगा। यह पाठ्यक्त्रम इसी सत्र से शुरू हो जाएगा, जोकि एससी-एसटी के छात्रों के लिए निशुल्क होगा। उन्होंने केजीएमयू में इग्नू का एक सेंटर स्थापित करने की भी बात कही है। मिलकर करना होगा आपदा का सामना : मुख्य अतिथि प्रो. एमएलबी भट्ट ने कहा कि आपदा का सामना केवल सरकारी तंत्र की बदौलत संभव नहीं है। इसके लिए सब लोगों को मिलकर सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि मनुष्य जनित आपदाओं को सावधानी बरतकर रोका जा सकता है, जबकि प्राकृतिक आपदाओं का जोखिम कम किया जा सकता है। जलवायु परिवर्तन से बढ़ा रहा खतरा : ट्रॉमा सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. संदीप तिवारी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन विश्व के लिए खतरा है। इससे हाइड्रो व मेट्रोलॉजिकल खतरे बढ़ रहे हैं। यह पर्वितन प्राकृतिक आपदाओं को बढ़ावा देंगे। ऐसी आपदा से निपटने के लिए लोगों को भी प्रशिक्षित करना होगा, ताकि जोखिम कम किया जा सके। इसके लिए उन्होंने हॉस्पिटल स्टॉफ को प्रशिक्षण देने की जरूरत बताई। साथ ही नेपाल भूकंप आपदा, केदारनाथ, उत्तराखंड आपदा अदि के अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम में डॉ. समीर मिश्र ने कहा कि चिकित्सकीय स्टाफ के लिए आपदा प्रबंधन में दक्ष होना बेहद जरूरी है, चाहें वह किसी भी प्रकार की हो। गरीब मरीजों पर आफत, ट्रामा सेंटर में स्ट्रेचर पर भर्ती बंद यह भी पढ़ें जलवायु परिवर्तन से बढ़ा रहा खतरा : ट्रॉमा सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. संदीप तिवारी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन विश्व के लिए खतरा है। इससे हाइड्रो व मेट्रोलॉजिकल खतरे बढ़ रहे हैं। यह पर्वितन प्राकृतिक आपदाओं को बढ़ावा देंगे। ऐसी आपदा से निपटने के लिए लोगों को भी प्रशिक्षित करना होगा, ताकि जोखिम कम किया जा सके। इसके लिए उन्होंने हॉस्पिटल स्टॉफ को प्रशिक्षण देने की जरूरत बताई। साथ ही नेपाल भूकंप आपदा, केदारनाथ, उत्तराखंड आपदा अदि के अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम में डॉ. समीर मिश्र ने कहा कि चिकित्सकीय स्टाफ के लिए आपदा प्रबंधन में दक्ष होना बेहद जरूरी है, चाहें वह किसी भी प्रकार की हो। इंजीनियर तलब, पंखों की मरम्मत के आदेश : केजीएमयू के वार्डो में पंखे व प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर सीएमएस ने इंजीनियरों को निर्देश जारी कर दिए हैं। मंगलवार को ही इलेक्ट्रीशियन को वार्डो में पंखों की मरम्मत के लिए लगा दिया गया। सीएमएस डॉ. एसएन शखवार ने इंजीनियर एसपी सिंह व अवधेश वर्मा को कार्यालय बुलाया। उन्होंने पंखा व प्रकाश व्यवस्था खराब होने पर नाराजगी जताई। गायब पंखों की जगह पर नए पंखे लगाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी वार्डो में इलेक्टिक से जुड़ी समस्याएं शीघ्र दूर करने को कहा। सीएमएस के आदेश के बाद इलेक्ट्रीशियन वार्डो में गए। उन्होंने मरम्मतीकरण का कार्य शुरू किया। रेफरल अस्पताल में 24 घटे मिलेगा रक्त : अब केजीएमयू में किचन वेस्ट नहीं जाएगा कूड़ेदान में, खराब सामग्री से बनेगी खाद यह भी पढ़ें लोहिया संस्थान के शहीद पथ स्थित मातृ-शिशु रेफरल अस्पताल में 24 घटे रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए निदेशक डॉ. दीपक मालवीय ने बताया कि अस्पताल में प्रसव के मामले बढ़ने लगे हैं। रात में गर्भवती के लिए रक्त की जरूरत पड़ने पर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अब 24 घटे ब्लड स्टोरेज यूनिट संचालन की जिम्मेदारी दे दी गई है।

केजीएमयू में इग्नू का सेंटर स्थापित होगा। साथ ही डिजास्टर मैनेजमेंट के दो कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसमें आपदा प्रबंधन से निबटने के बारे में लोगों को दक्ष किया जाएगा। संस्थान के कलाम सेंटर में मंगलवार को ‘आपदा प्रबंधन’ को …

Read More »

सीएम योगी ने संत-महंत को दिलाया भरोसा- सुप्रीम कोर्ट के फैसले का करें इंतजार, राम मंदिर जरूर बनेगा

राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या के महंतों और संतों ने हुंकार भरी है। दो दिन पहले चेतावनी देने के बाद गुरुवार सुबह दिगंबर अखाड़े के प्रमुख महंत सुरेश दास अन्य संतों और पुजारियों संग सीएम योगी से मिलने के लिए लखनऊ पहुंच गए। मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में महंतों ने राम मंदिर निर्माण जल्द शुरू करने की मांग उठाई। इस पर सीएम ने उन्हें मंदिर निर्माण और अयोध्या का विकास करने के लिए आश्वस्त किया है। बैठक में महंत ने केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के बयान को लेकर सीएम से नाराजगी भी जताई। बैठक के बाद मीडियो को संबोधित करते हुए महंत सुरेश दास ने बताया कि मुख्यमंत्री जी से हमने राम मंदिर निर्माण जल्द शुरू कराने और अयोध्या का विकास करने का मांग को लेकर मुलाकात की। हमारी सभी मांगों को सुनने के बाद सीएम योगी ने कहा है कि हमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए। सुरेश दास ने बताया कि मुख्यमंत्री ने महंतों और संतों को आश्वस्त किया है कि मंदिर का निर्माण जरूर होगा और अयोध्या का भी विकास किया जाएगा। मीडिया ने जब महंत सुरेश दास से सवाल किया कि केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तो 2019 चुनाव में सिर्फ विकास को ही एजेंडा बताया है। उन्होंने तो कहा है कि मंदिर हमारा एजेंडा नहीं होगा..। इस इसके जवाब में महंत ने कहा कि मैं किसी नकवी को नहीं जानता, मैं सिर्फ भाजपा को जानता हूं। इसीलिए हम सीएम से मिलने आए हैं। उनके (नकवी) बयान को लेकर हमने सीएम से नाराजगी भी जताई है। सीएम से मिलने से पहले महंत सुरेश दास ने मीडिया से ये भी कहा कि मंदिर के मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो देखेंगे कि 2019 में हमें क्या करना है। जनआंदोलन की दी चेतावनी बता दें कि कि पांच जून को दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि 2019 से पूर्व राममंदिर का निर्माण नहीं शुरू हुआ तो लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार तय है। भाजपा राममंदिर के नाम पर ही राज कर रही है। आज केंद्र व प्रदेश में सरकार है, राष्ट्रपति भी भाजपा के हैं, अब राममंदिर नहीं बनेगा तो कब बनेगा। उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार राममंदिर निर्माण का अपना वादा निभाए और इसके लिए लोकसभा में शीघ्र प्रस्ताव पेश करे। ऐसा न होने पर शीघ्र ही जनांदोलन किया जाएगा। अमर उजाला से बात करते हुए महंत सुरेश दास ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट पर हमें भरोसा है। हमें उम्मीद है कि निर्णय भी हमारे पक्ष में आएगा, लेकिन हम अब और इंतजार नहीं कर सकते। जिस मुद्दे पर भाजपा को सत्ता मिली उसे पूरा करने के लिए भाजपा क्या प्रयास रही है। पीएम मोदी लोकसभा में राममंदिर निर्माण का प्रस्ताव लाएं। जनता ने उन्हें राममंदिर निर्माण के लिए ही चुना था। यदि 2019 से पूर्व राममंदिर का निर्माण न शुरू हुआ तो संतों की अगुवाई में जनआंदोलन होगा और लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार सुनिश्चित होगी। एक सवाल के जबाब में उन्होंने कहा कि राममंदिर निर्माण के लिए योगी सरकार तैयार है बस मोदी सरकार को ठोस कदम उठाना होगा।

लखनऊ- राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या के महंतों और संतों ने हुंकार भरी है। दो दिन पहले चेतावनी देने के बाद गुरुवार सुबह दिगंबर अखाड़े के प्रमुख महंत सुरेश दास अन्य संतों और पुजारियों संग सीएम योगी से मिलने …

Read More »

फर्जी एफआईआर करवाने वाले टिंकू सिंह को सीबीआई ने किया अरेस्ट

उन्नाव के माखी में रेप पीडि़ता के पिता पर मारपीट और आ‌र्म्स एक्ट की फर्जी एफआईआर दर्ज कराने वाले टिंकू सिंह को सीबीआई ने अरेस्ट कर लिया है. बताया जा रहा है कि आरोपी टिंकू सिंह ने पूछताछ में कुबूल किया है कि उसने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के इशारे पर यह फर्जी एफआईआर दर्ज कराई है. फर्जी मुकदमे के आधार पर हुई थी अरेस्टिंग खाने के शौकीन भी ले रहे पक्षियों की जान गौरतलब है कि रेप पीडि़ता के पिता को विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह सेंगर व उसके गुर्गो ने पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया था. जिसके बाद वह माखी थाने में एफआईआर दर्ज करवाने पहुंचा तो विधायक सेंगर के दबाव में पुलिस ने टिंकू सिंह की तहरीर पर मारपीट व आ‌र्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर उलटे उसे ही जेल भेज दिया था. लेकिन, वहां उसकी मौत हो गई थी. जिसके बाद हत्या का मुकदमा दर्ज कर विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, भाई अतुल व उसके तीन साथियों को अरेस्ट कर लिया गया था. जबकि, घटना के बाद से टिंकू सिंह फरार चल रहा था. हालांकि, बाद में वह खुद ही सीबीआई दफ्तर पहुंचा था. विधायक के इशारे पर दर्ज कराई एफआईआर पत्नी ने खाना नहीं बनाया तो दे दी जान सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, टिंकू सिंह से कई राउंड चली पूछताछ के बाद उसने कुबूल किया कि विधायक सेंगर के कहने पर ही उसने पीडि़ता के पिता के खिलाफ मारपीट व आ‌र्म्स एक्ट की झूठी एफआईआर दर्ज कराई थी. जिसके बाद पीडि़ता के पिता की हत्या के मामले की भी जांच कर रही सीबीआई ने मंगलवार को आरोपी टिंकू सिंह को रीजनल ऑफिस बुलाया और उसे अरेस्ट कर लिया. गौरतलब है कि इससे पूर्व सीबीआई इसी मामले में माखी थाने के पूर्व एसओ अशोक सिंह भदौरिया और दारोगा कामता प्रसाद सिंह को भी अरेस्ट कर चुकी है

उन्नाव के माखी में रेप पीडि़ता के पिता पर मारपीट और आ‌र्म्स एक्ट की फर्जी एफआईआर दर्ज कराने वाले टिंकू सिंह को सीबीआई ने अरेस्ट कर लिया है. बताया जा रहा है कि आरोपी टिंकू सिंह ने पूछताछ में कुबूल …

Read More »

लखनऊ के एक घर में धमाका, दो लोगों की मौत

लखनऊ के काकोरी इलाक़े के एक घर में धमाका हुआ है.इस धमाके में दो लोगों की मौत हो गई है.बताया जा रहा है कि जिस घर में धमाका हुआ उस घर में पटाख़ा बनाने की फ़ैक्टरी थी. घर में बने …

Read More »

किसान आंदोलन के चलते इन प्रदेशों से प्याज की आवक हुई ठप, ऐसे बढ़े दाम

किसान आंदोलन के चलते महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश से लखनऊ में प्याज की आवक ठप हो गई है। सोमवार को दुबग्गा एवं सीतापुर रोड मंडी में एक भी प्याज नहीं आया। वहीं, थोक मंडी में प्याज न पहुंचने से खुदरा बाजार में प्याज 15 रुपये किलो तक बिका। कारोबारियों का कहना कि आवक ऐसे ही ठप रही तो प्याज की कीमत आसमान पर होगी।  दुबग्गा के कारोबारी अतीक अहमद ने बताया कि रोजाना दोनों मंडियों में 50-50 लाख टन प्याज की खपत है। यहां से खरीदकर खुदरा कारोबारी लखनऊ सहित आसपास के जिलों तक ले जाते हैं।  रविवार तक अव्वल प्याज थोक मंडी में 8 से 9 रुपये और साधारण 5 से 6 रुपये किलो में बिक रहा था। सोमवार की आवक न होने से अव्वल प्याज 10 से 12 एवं साधारण 8 से 9 रुपये किलो में बिका। उधर, डालीगंज के खुदरा कारोबारी लाल बिहारी ने बताया कि जो प्याज 10 से 12 रुपये किलो बेच रहे थे उसकी कीमत 15 से 16 रुपये किलो हो चुकी है। 

किसान आंदोलन के चलते महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश से लखनऊ में प्याज की आवक ठप हो गई है। सोमवार को दुबग्गा एवं सीतापुर रोड मंडी में एक भी प्याज नहीं आया। वहीं, थोक मंडी में प्याज न पहुंचने से खुदरा …

Read More »

B’Day special: योगी आदित्यनाथ के पहनावे से लेकर लाइफस्टाइल तक का अंदाज, सब है बेहद खास

भगवा रंग के कुर्ते-अचले और ऊपर से इसी रंग का ही अंगवस्त्र धारण कर जब वे निकलते हैं तो सबकी निगाहें उन्हीं पर ही होती हैं। कहने को तो ये सन्यासी लुक है लेकिन उनका ये अंदाज सबसे अलग है। …

Read More »

तस्वीरें: पूरी तरह बदल गया है अखिलेश का अंदाज, लोगों को भा रही है ये सादगी

लखनऊ में उड़ कर आएगी चाय जानने के लिए पड़े खबर

लखनऊ: सरकारी बंगला छोड़ने के बाद से अखिलेश यादव फ़ॉर्म में हैं. पत्नी डिंपल और बच्चों संग वे 2 जून से वीवीआईपी गेस्ट हाउस में ठहरे हुए हैं. घर छोड़ने के बाद से यूपी के पूर्व सीएम का रूटीन बदल …

Read More »

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना भी खाएंगे यूपी के मशहूर लखनवी दशहरी आम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मशहूर दशहरी आम की मिठास तेलंगाना और आंध्र प्रदेश तक जल्द पहुंचेगी. केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के वैज्ञानिकों की माने तो इसकी संभावनाएं तलाशने के लिए वैज्ञानिकों और लखनऊ के आम व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल आंध्र प्रदेश व तेलंगाना के दौरे पर है. यह प्रतिनिधिमंडल वहां के व्यापारियों को दशहरी आम की खूबी बताकर उन्हें खरीदने के लिए तैयार करेगा. केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के निदेशक डॉ एस राजन बताते हैं कि दशहरे का स्वाद और मिठास हैदराबाद के लोगों को पहले ही लग चुका है. कुछ सालों पहले संस्थान की तरफ से वहां पौधे भी लगवाए गए थे. वहां के सीजन के अनुसार दो महीने पहले ही दशहरी हो जाता है लेकिन उसकी मात्रा कम होती है. उन्होंने बताया कि उस आम की क्वालिटी भी लखनऊ जैसी नहीं होती है. ऐसे में संस्थान और स्थानीय आम उत्पादक व्यापारी समिति ने मिलकर यह तय किया कि वहां लखनवी दशहरी की खपत की संभावनाएं तलाशी जाएं. लखनऊ का दशहरी जब तब बाजार में उपलब्ध होता है तब तक आंध्र में होने वाला दशहरी खत्म हो जाता है. ऐसे में लोगों के बीच लखनवी दशहरी की पहुंच आसानी से बनाई जा सकती है. बकौल राजन, "तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के व्यापारियों ने फोन करके लखनऊ के दशहरी की डिमांड बताई थी. इसे देखते हुए हमने अपने वैज्ञानिकों और आम उत्पादकों का एक प्रतिनिधिमंडल वहां भेजा. व्यापारियों की इच्छा और डिमांड के आधार पर आम उत्पादक समिति वहां आम की आपूर्ति करेगी." उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही संस्थान के वैज्ञानिक बिना कार्बाइड के पकने वाले आमों के नमूने भी लेकर वहां जाएंगे. बिना कार्बाइड के आम की ब्रांडिंग भी तेलगांना और आंध्र प्रदेश में की जाएगी. उम्मीद है कि वहां से अच्छी खासी डिमांड आ सकती है. राजन ने बताया कि इससे दो फायदे होंगे. एक तो लखनवी दशहरी की मिठास हैदाराबाद ओर तेलंगाना में बैठे लोग आसानी से ले सकेंगे और दूसरी यहां के आम उत्पादकों को अपने उत्पादन के लिए एक नया बाजार मिल जाएगा जिसे उन्हें अच्छे दाम भी मिल सकेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अतिरिक्त अन्य राज्यों में भी लखनवी दशहरी को लोकप्रिय बनाने की दिशा में संस्थान लगातार प्रयास कर रहा है.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मशहूर दशहरी आम की मिठास तेलंगाना और आंध्र प्रदेश तक जल्द पहुंचेगी. केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के वैज्ञानिकों की माने तो इसकी संभावनाएं तलाशने के लिए वैज्ञानिकों और लखनऊ के आम व्यापारियों का …

Read More »

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com