गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले क्या वरिष्ठ कांग्रेस नेता शंकरसिंह वाघेला कोई बड़ा फैसला करने जा रहे हैं? यह सवाल इसलिए उठ रहा है, क्योंकि सूत्रों के मुताबिक, वाघेला पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं.

वाघेला ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के कई दूसरे वरिष्ठ नेताओं को अपने ट्विटर अकाउंट से अनफॉलो कर दिया. इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी के खिलाफ किए गए अपने ट्वीट भी डिलीट कर दिए.
गुजरात में बीजेपी का दामन छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए वाघेला के इस कदम सवाल उठ रहे हैं कि क्या वह बीजेपी में वापस लौटने जा रहे हैं या फिर उनका यह कदम कांग्रेस आला कमान पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत उठाया गया है.
वहीं पत्रकारों ने जब वाघेला से पूछा कि विधानसभा चुनावों के लिए उनकी पसंद की सीट कौन सी होगी, जहां से वह लड़ना चाहेंगे तो इस पर 77 वर्षीय पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में काफी चुनाव लड़े हैं और अब यह उनके लिए महत्व नहीं रखता.
आपको बता दें कि पिछले महीने गुजरात में कांग्रेस के 57 में से 36 विधायकों ने मांग की थी कि अगर कांग्रेस चुनाव जीतना चाहती है, तो वाघेला को पार्टी के मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाए. हालांकि गुजरात के पार्टी प्रभारी अशोक गहलोत ने विधानसभा चुनावों से पहले सीएम पद के लिए किसी उम्मीदवार की घोषणा किए जाने से इनकार किया था.
ऐसे में गुजरात विधानसभा में नेता विपक्ष शकंरसिंह वाघेला के इस कदम से इस बात के ही संकेत मिलते हैं कि वह खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित ना करने को लेकर नाराज हैं और दवाब बनाने के लिए ही यह कदम उठाया है.
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