बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। ईडी की जांच में सामने आया है कि ममता बनर्जी की टीएमसी ने पार्टी के खजाने से करीब 160 करोड़ रुपये कोलकाता की एक कंपनी केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को दिए। इन पैसों से कंपनी ने एक एम्ब्राएर जेट और एक अगस्ता वीआईपी हेलीकॉप्टर खरीदा, जिसे बाद में टीएमसी को ही किराए पर दे दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग जांच का फोकस इस बात पर है कि टीएमसी ने कंपनी को ब्याज-मुक्त सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में 88.5 करोड़ रुपये दिए। कंपनी के पास जेट और हेलीकॉप्टर खरीदने के अपने फंड नहीं थे।
डिपॉजिट मिलते ही केयरवेल ने इसे अपनी ऑफशोर इकाई केयरवेल फ्लाईजेट आईएफएससी प्राइवेट लिमिटेड (गुजरात के गिफ्ट सिटी में पंजीकृत) को ट्रांसफर कर दिया, जहां से विमान खरीदे गए।
केमैन आइलैंड से जुड़े करीब 16 करोड़ रुपये के एक और फंड ट्रांसफर की भी जांच हो रही है। टीएमसी को जेट के 72 महीने और हेलीकॉप्टर के 56 महीने के इस्तेमाल के लिए (जीएसटी छोड़कर) 186.9 करोड़ रुपये चुकाने थे।
पार्टी ने न्यूनतम गारंटीड फ्लाइंग आवर्स का पूरा इस्तेमाल नहीं किया, फिर भी 2021-26 के दौरान अन्य कंपनियों से विमान और हेलीकॉप्टर किराए पर लेकर 149 करोड़ रुपये खर्च किए।
जांचकर्ताओं का कहना है कि यह लेन-देन कृत्रिम व्यावसायिक व्यवस्था और नियोजित तरीका लगता है, क्योंकि दोनों विमान टीएमसी से मिले पैसों से खरीदे गए और फिर पार्टी को ही किराए पर दिए गए।
केयरवेल एविएशन का गठन 14 सितंबर 2021 को हुआ था। इसके निदेशक पवन जाजू और रमेश जाजू हैं। कंपनी ने 6 जून 2023 को एम्ब्राएर लिगेसी 600 जेट और 17 अप्रैल 2025 को अगस्ता 109 ग्रैंड हेलीकॉप्टर खरीदा।
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