उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले 4 दिनों तक वर्षा का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के क्षेत्रीय मौसम केंद्र, लखनऊ ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा तथा वज्रपात की चेतावनी जारी की है। पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 124.6 मिमी वर्षा सीतापुर के भटपुरवाघाट में दर्ज की गई। इसके अलावा गोरखपुर के बडर्घाट में 101.8 मिमी, सीतापुर के नैमिषारण्य में 85.6 मिमी, कन्नौज में 81.8 मिमी, मिर्जापुर तहसील में 77 मिमी तथा छिबरामऊ में 72.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। कानपुर नगर के अंकिनघाट में 68.2 मिमी, महराजगंज के निचलौल में 52.1 मिमी, गोरखपुर के बांसगांव में 52 मिमी तथा जौनपुर सीडब्ल्यूसी में 51.8 मिमी वर्षा हुई।
राजधानी लखनऊ में अमौसी केंद्र पर 48.4 मिमी और केंद्रीय वेधशाला में 36.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। प्रयागराज के मेजा में 41 मिमी, प्रयागराज पीबीओ में 33.8 मिमी तथा कोरांव में 32 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। बाराबंकी, बलरामपुर, चित्रकूट, आजमगढ़, गाजीपुर और संतकबीरनगर समेत अनेक जिलों में भी अच्छी वर्षा हुई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 89.2 मिमी वर्षा मुरादाबाद के बिलारी में दर्ज की गई। इसके अलावा रामपुर के कस्बा टांडा में 50.9 मिमी, मुरादाबाद में 34.5 मिमी, इटावा में 34.2 मिमी, झांसी में 29.2 मिमी तथा संभल के चंदौसी में 24.5 मिमी वर्षा हुई। जालौन के कोंच में 20 मिमी तथा उरई में 13.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग के अनुसार 15 अगस्त को प्रदेश के दोनों भागों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। 16 और 17 अगस्त को पश्चिमी एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है, जबकि 18 अगस्त को भी भारी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने शनिवार से रविवार तक प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र, चित्रकूट, बांदा, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, झांसी, ललितपुर, महोबा तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, बरेली, संभल, बदायूं, झांसी और ललितपुर सहित कई जिलों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी वर्षा के कारण नदियों और जलाशयों के जलस्तर में अचानक वृद्धि, निचले इलाकों में जलभराव, कच्चे मकानों को नुकसान, सड़क यातायात में व्यवधान तथा कुछ स्थानों पर आकस्मिक बाढ़ जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। लोगों को नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
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