पंजाब भर के करीब 18 हजार राशन डिपुओं पर गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त गेहूं की आपूर्ति अब तक नहीं हो पाई है। इसका सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो पूरी तरह से राशन डिपुओं से मिलने वाले मुफ्त अनाज पर निर्भर हैं।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में कुल 38 लाख राशन कार्ड धारकों के लगभग 1.57 करोड़ सदस्य प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त गेहूं का लाभ ले रहे हैं। योजना के अनुसार सरकार द्वारा प्रत्येक सदस्य को हर तीन महीने में 15 किलो गेहूं (5 किलो प्रति माह) मुफ्त दी जाती है। लेकिन मौजूदा समय में 1 जनवरी से 31 मार्च तक की अवधि की गेहूं का वितरण तो दूर, सरकार और विभाग अब तक इसकी एलोकेशन प्रक्रिया भी पूरी नहीं कर पाए हैं। इससे लाखों परिवारों की चिंता बढ़ गई है और वे सरकार व विभागीय अधिकारियों से जवाब मांगते फिर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि इस योजना से जुड़े अधिकतर परिवार मजदूर वर्ग से हैं, जिनमें ईंट ढोने वाले श्रमिक, रिक्शा चालक और घरों में काम करने वाली महिलाएं शामिल हैं। ये लोग दिनभर कड़ी मेहनत के बाद अपने बच्चों के लिए दो वक्त की रोटी जुटा पाते हैं। ऐसे में समय पर गेहूं न मिलने से उनके सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। हालात यह हैं कि कई परिवार रोजाना अपने इलाके के राशन डिपुओं के चक्कर लगा रहे हैं और डिपो होल्डरों से पूछ रहे हैं कि उनके हिस्से की गेहूं आखिर कब मिलेगी। देरी के चलते गरीब और जरूरतमंद परिवारों में भारी रोष और चिंता का माहौल बना हुआ है।
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