हरियाणा के खिलाड़ी दमदार… लेकिन हड्डियां कमजोर, स्टडी में हुआ खुलासा; 44% में विटामिन डी की कमी

खेलों की भूमि हरियाणा में एक स्टडी में चिंताजनक खुलासे हुए हैं। स्टडी में हरियाणा के खिलाड़ियों में विटामिन डी की कमी पाई गई है।

वर्तमान में जहां प्रदेश के खिलाड़ी विश्व स्तर पर कीर्तिमान रच रहे हैं, वहीं खिलाड़ियों की हड्डियां कमजोर हैं। स्वास्थ्य विज्ञान विवि के स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग की ओर से खिलाड़ियों पर की गई रिसर्च में सामने आया है कि प्रदेश के 44 प्रतिशत खिलाड़ी विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं। इनमें 89 प्रतिशत खिलाड़ी रोजाना अभ्यास करने वाले हैं। केवल 18 प्रतिशत खिलाड़ी एक व 13 प्रतिशत खिलाड़ी दो घंटे विटामिन डी की कमी पूरी करने के लिए धूप सेंकते हैं।

84 प्रतिशत खिलाड़ियों ने नहीं करवाया विटामिन डी का टेस्ट
स्पोर्ट्स मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश रोहिला ने बताया कि रिसर्च को लेकर टीम ने पानीपत, झज्जर, रोहतक, हिसार व अन्य जिलों के खेल परिसरों में जाकर खिलाड़ियों में विटामिन डी की जांच व कुछ सवाल किए। इस रिसर्च में 400 खिलाड़ियों की जांच की गई। रिसर्च के अनुसार इनमें 75 प्रतिशत खिलाड़ी 16 से 21 वर्ष के हैं। इनमें से 84 प्रतिशत खिलाड़ियों ने विटामिन डी का टेस्ट ही नहीं कराया था।

रिसर्च में बाक्सिंग के 30, हॉकी के 22, कुश्ती के 19, एथलेटिक्स के 12 प्रतिशत खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इस टीम में बायोकेमेस्ट्री विभाग से डॉ. मंजु कुमावत, स्पोर्ट्स साइकोलोजिस्ट डॉ. मनदीप व स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. दिव्या शामिल रहे।

शरीर में विटामिन डी की कमी के कारण कैल्शियम व फास्फोरस सही से अवशोषित नहीं हो पाते हैं। इससे हड्डियां भी कमजोर होने लगती हैं। इससे बच्चों में रिकेट व व्यस्कों में ओस्टियोमलेशिया रोग हो जाता है। रिकेट्स एक ऐसी बीमारी है जिसमें बच्चे कमजोर या नरम हड्डियों से पीड़ित हो जाते हैं। ओस्टियोमलेशिया रोग हड्डियों को कमजोर कर देता है। इससे उन हडि्डयों के टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है। -डॉ. राजेश रोहिला, विभागाध्यक्ष, पीजीआईएमएस

विटामिन डी की कमी से दिखने वाले लक्षण
हड्डियों में दर्द, मुड़ना, मासंपेशियों में दर्द व क्रैंप, थकावट व इम्युनिटी कमजोर होना विटामिन डी की कमी को दिखाने वाले लक्षण हैं। इम्युनिटी कमजोर होने पर गला खराब, दस्त, खेलने के समय में कमी जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं। इससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी असर पड़ने लगता है। इसकी कमी के कारण हृदय व फेफड़ों में भी समस्याएं देखने को मिलती हैं।

खिलाड़ी ऐसे करें विटामिन डी की पूर्ति
शरीर में विटामिन डी की पूर्ति का सबसे अच्छा स्रोत धूप है। दिन में करीब 30 मिनट धूप लेनी चाहिए। इसके साथ ही खिलाड़ी मछली, अंडा, मशरूम व फोर्टीफाइड मिल्क उत्पादों से विटामिन डी की कमी पूरी कर सकते हैं। दोपहर की धूप में सबसे ज्यादा विटामिन डी होता है। इसलिए सुबह 10 बजे के बाद से दोपहर 3 बजे तक की धूप ज्यादा लाभदायक रहती है।

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