आधार कार्ड की तरह पैन कार्ड ( PAN Card Status) भी आज काफी जरूरी हो गया है। इनकम या पैसों से जुड़ा किसी भी काम के लिए पैन कार्ड की जरूरत पड़ती है। लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि आपका पैन कार्ड बंद पड़ जाए और पता भी ना चले। ऐसी स्थिति पैन कार्ड जुड़े लाभ मिलने में परेशानी आ सकती है।
आधार कार्ड की तरह पैन कार्ड ( PAN Card Status) भी आज काफी जरूरी हो गया है। इनकम या पैसों से जुड़ा किसी भी काम के लिए पैन कार्ड की जरूरत पड़ती है। लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि आपका पैन कार्ड बंद पड़ जाए और पता भी ना चले। ऐसी स्थिति पैन कार्ड जुड़े लाभ मिलने में परेशानी आ सकती है।
आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से जानेंगे कि आप घर बैठे कैसे पता कर सकते हैं कि आपका पैन कार्ड काम कर रहा है या नहीं।
स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस
पैन कार्ड से जुड़ा स्टेटस चेक करने के लिए आपको नीचे दिए स्टेप्स को फॉलो करना होगा।
स्टेप 1- सबसे पहले आपको इनकम टैक्स की वेबसाइट पर जाना होगा।
स्टेप 2- अब यहां आपको Quick Link का ऑप्शन दिखाई देगा, इस पर क्लिक करें।
स्टेप 3- यहां दिए गए सभी ऑप्शन में से Verify Pan Status पर क्लिक करें।
स्टेप 4- इसके बाद एक नया पेज खुलेगा, इस पर मांगी गई जानकारी ध्यान से भरें।
जैसे आपको यहां पैन नंबर, पैन पर लिखा गया नाम, जन्मतिथि और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर इत्यादि भरना होगा।
स्टेप 5- अब Continue वाले ऑप्शन पर क्लिक करें।
स्टेप 6- फिर आपको पैन कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा।
स्टेप 7- ओटीपी दर्ज कर Validate वाले ऑप्शन पर क्लिक करें।
स्टेप 8- अगर आपका पैन कार्ड बंद नहीं हुआ है, तो स्क्रीन पर ये लिखा आएगा-
इस तरह से आप पैन कार्ड स्टेटस घर बैठे ही मोबाइल फोन पर पता कर पाएंगे। पैन कार्ड पर दिए गए नंबरों का मतलब होता है, ये नंबर आपकी निजी जानकारी से जुड़े हुए होते हैं।
क्या है पैन नंबर का मतलब?
पैन नंबर आपके द्वारा दी गई निजी जानकारी पर आधारित होता है। पैन नंबर के पहले तीन नंबर अंग्रेजी अक्षर होते हैं। ये AAA अक्षर से लेकर ZZZ के बीच कुछ हो सकता है।
चौथा अक्षर कार्ड होल्डर की टैक्स कैटेगरी को दर्शाता है। मसलन अगर कोई व्यक्ति कार्डहोल्डर है, तो उसे P अक्षर से दर्शाया जाता है। इसके अलावा कंपनी को C अक्षर से शो किया जाता है।
पांचवा नंबर आपके सरनेम का पहला अक्षर लिखा गया होता है। जैसे अगर सरनेम शर्मा (Sharma) है, तो 5 वां नंबर S लिखा जाएगा। बाद के नंबर इनकम टैक्स विभाग द्वारा तय किए जाते हैं।
इस तरह से अलग-अलग व्यक्ति के लिए अलग-अलग पैन कार्ड डिजाइन किए जाते हैं।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal