पोंगल के पावन पर्व पर दक्षिण भारत में पायसम बनाने की भी परंपरा है। पायसम स्वाद में लाजवाब होता है और इसे समृद्धि व मिठास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन दूध व चावल से बना पायसम भगवान को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है। आइए जानें पायसम बनाने की आसान विधि।
पोंगल के पावन पर्व पर दक्षिण भारत में सक्करा पोंगल के साथ-साथ पायसम बनाने की भी परंपरा है। पायसम न केवल स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि इसे समृद्धि और मिठास का प्रतीक माना जाता है।पोंगल का त्योहार प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का समय है।
इस दिन दूध और चावल से बना पायसम भगवान को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है। इसलिए पोंगल के खास मौके पर पायसम जरूर बनाई जाती है। अगर आप भी पायसम बनाना चाहते हैं, तो आइए जानें इसकी एकदम आसान रेसिपी।
सामग्री
चावल (बासमती या कच्चा चावल)- 1/2 कप
फुल क्रीम दूध- 1.5 लीटर
चीनी या गुड़- 3/4 कप (स्वादानुसार)
हरी इलायची पाउडर- 1/2 छोटी चम्मच
काजू और बादाम- 10-12 (कटे हुए)
किशमिश- 1 बड़ा चम्मच
घी- 2-3 बड़े चम्मच
केसर के धागे- एक चुटकी (वैकल्पिक)
बनाने की विधि
सबसे पहले चावल को अच्छी तरह धो लें और इसे लगभग 20-30 मिनट के लिए पानी में भिगोकर रख दें। भिगोने से चावल जल्दी पकते हैं और पायसम का टेक्सचर मलाईदार होता है।
अब एक छोटे पैन में एक चम्मच घी गरम करें। इसमें कटे हुए काजू और बादाम डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद इसमें किशमिश डालें और जब वे फूल जाएं, तो मेवों को एक प्लेट में निकाल लें।
इसके बाद एक भारी तले वाले बर्तन में दूध डालें और मध्यम आंच पर इसे उबालें। जब दूध में उबाल आ जाए, तो आंच धीमी कर दें और इसे 5-10 मिनट तक पकने दें, ताकि यह थोड़ा गाढ़ा हो जाए।
अब दूध में भीगे हुए चावल डालें और इसे धीमी आंच पर धीरे-धीरे पकने दें। बीच-बीच में चमचे से चलाते रहें, ताकि चावल तले में न लगें। चावल को तब तक पकाएं जब तक वे पूरी तरह नरम न हो जाएं और दूध के साथ मिल जाएं।
जब चावल अच्छी तरह पक जाएं, तब इसमें चीनी डालें। अगर आप गुड़ का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो गैस बंद करने के बाद ही पिघला हुआ गुड़ डालें, ताकि दूध फटे नहीं। अब इसमें इलायची पाउडर और केसर वाला दूध मिलाएं।
लास्ट में तैयार पायसम में पहले से भुने हुए मेवे और बचा हुआ घी डालें। इसे दो मिनट तक और धीमी आंच पर पकाएं और फिर आंच बंद कर दें।
पायसम को और बेहतर बनाने के टिप्स
धीमी आंच- पायसम का असली स्वाद तभी आता है जब उसे धीमी आंच पर लंबे समय तक पकाया जाए। इससे दूध में एक प्राकृतिक मिठास और गुलाबीपन आता है।
कंसिस्टेंसी- ध्यान रखें कि पायसम ठंडा होने के बाद थोड़ा और गाढ़ा हो जाता है, इसलिए इसे उतारते समय थोड़ा पतला ही रहने दें।
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