चुनाव याचिका में पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने आरोप लगाया है कि अक्तूबर 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान पलवल-84 विधानसभा क्षेत्र में धार्मिक आधार पर वोट मांगे तथा चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए सांप्रदायिक अपीलें और धार्मिक आयोजनों का उपयोग किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील हरियाणा के पूर्व एडवोकेट जनरल और भारत सरकार के पूर्व अतिरिक्त सालिसिटर जनरल मोहन जैन ने अदालत को बताया कि चुनाव याचिका के साथ पर्याप्त और ठोस साक्ष्य संलग्न हैं जो यह सिद्ध करते हैं कि मंत्री गौरव गौतम ने वास्तव में धर्म के नाम पर वोट मांगे।
गौरव गौतम की ओर से दाखिल आवेदन में यह तर्क दिया गया कि चुनाव याचिका में न तो कोई ठोस तथ्य हैं और न ही वह कानून के अनुरूप कोई एक्शन बनता है। याचिका में लगाए गए आरोप केवल सामान्य और अस्पष्ट हैं इसलिए उन्हें खारिज किया जाए परंतु अदालत ने इन सभी तर्कों को अस्वीकार करते हुए कहा कि याचिका में धार्मिक आयोजनों, इंटरनेट मीडिया से जुड़े वीडियो, स्थान, तिथि और परिस्थिति सहित मटेरियल फैक्ट्स का उल्लेख किया गया है।
अदालत ने कहा कि यह अदालत का काम होगा कि इन वीडियो व दस्तावेजों की प्रामाणिकता और साक्ष्य मूल्य का आकलन नियमित सुनवाई के दौरान किया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि केवल शब्दों के इस्तेमाल जैसे सनातन या हिंदुत्व के अर्थ का भी मूल्यांकन गवाहियों और परिस्थितियों के आधार पर ट्रायल के दौरान किया जाएगा इसलिए याचिका को प्रारंभिक आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में गौतम गौतम ने 1,09,118 वोटों से जीत दर्ज की थी जबकि करण सिंह दलाल को 75,513 वोट मिले थे। अब इस मामले की नियमित सुनवाई होगी और चुनाव याचिका को ट्रायल के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। दलाल ने आरोप लगाया है कि गौतम ने चुनाव प्रचार के दौरान धर्म और सांप्रदायिक भावनाओं का सहारा लिया जिससे उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
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