पिता बेचते थे घोड़ा, बेटे ने उसी के सीरम से बनाई वैक्सीन; आज दुनिया का सबसे बड़ा निर्माता

आजादी के पहले जिसके पिता घोड़ों का व्यापार किया करता था, किसने सोचा था कि हिंदुस्तान की आजादी के बाद उसका बेटा परिवार के बिजनेस का DNA ही बदल देगा। और उन्हीं घोड़ों के सीरम की मदद से वैक्सीन बनाएगा। है न ये थोड़ा सा दिलचस्प कहानी। इस दिलचस्प कहानी के पात्र से आप भली भांति परिचित भी होंगे। शायद नाम भी सुना होगा। अगर नाम नहीं सुना है, तो अपने जीवनकाल में उनकी वैक्सीन जरूर लगवाई होगी।

अगर ये सब भी नहीं सुना है, तो कोविड काल में एक वैक्सीन का नाम जरूर सुना होगा। कोवीशील्ड का। इस वैक्सीन को बनाने वाली कंपनी के मालिक कोई और नहीं बल्कि साइरस पूनावाला हैं। उनकी कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Serum Institute of India Pvt. Ltd) खुराक यानी डोज के हिसाब से वैक्सीन बनाने वाले दुनिया की सबसे बड़ी (World’s Largest Vaccine Manufacturer) कंपनी है। लेकिन इसकी शुरुआत बड़ी दिलचस्प रही। आइए पूरी कहानी विस्तार से जानते हैं।

पिता करते थे घोड़ों का कारोबार
आजादी से पहले साइरस पूनावाला की पहचान कुछ और थी। उनके पिता सोली ए. पूनावाला घोड़ों का पालने जिसे अंग्रेज में हॉर्स ब्रीडिंग कहा जाता है के बिजनेस में थे। सोली पूनावाला ने Poonawalla Stud Farm के संस्थापक थे। इस तरह की फर्म नए नस्ल के घोड़ों को तैयार करती हैं।

पूनावाला स्टड फार्म्स की स्थापना 1946 में Cyrus Poonawalla के पिता सोली ए. पूनावाला ने लगभग एक दर्जन फीमेल घोड़ों और फिट्ज क्लेरेंस (GB) नाम के मेल घोड़े के साथ की थी। उनके फर्म में जो पहला घोड़ा जन्मा उसने ग्रुप 1 इंडियन 2000 गिनीज खिताब जीता था।

आज, पूनावाला स्टड फार्म्स देश के अग्रणी स्टड फार्म के रूप में खड़ा है, जिसने टर्फ अथॉरिटी ऑफ इंडिया से 15 “चैंपियन ब्रीडर्स अवार्ड” जीते हैं। अपनी कई अन्य उपलब्धियों के अलावा, इस फार्म ने आज तक 719 ग्रुप जीत और 386 क्लासिक्स (पूरे भारत में) के विजेताओं को तैयार किया है, जिसमें 10 इंडियन डर्बी और 71 इंडियन क्लासिक्स के विजेता शामिल हैं। यह देश की सबसे ज्यादा दांव (stakes) कमाने वाली संस्था है, जिसके 1000 से ज्यादा अपने पाले हुए घोड़ों ने 10 लाख रुपये से ज्यादा के दांव जीते हैं और कुल दांव 3 अरब रुपये से ज्यादा है।

25 साल के बेटे ने बदल दिया गेम
11 मई 1941 में सोली ए. पूनावाला के घर एक बच्चे का जन्म हुआ। नाम रखा गया साइरस सोली पूनावाला। बेटे के जन्म के 5 साल बाद ही पिता ने पूनावाला स्टड फार्म्स की स्थापना की थी जो तेजी से आगे बढ़ रही थी। इसी के साथ केमिकल साइंस में साइरस की दिलचस्पी भी बढ़ने लगी। ग्रेजुएशन करने के बाद ही साइरस ने 25 साल की उम्र में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की स्थापना की। वो साल था 1966 का जब सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की शुरुआत हुई थी। लेकिन उससे 4 साल पहले ही इसकी तैयारी शुरू हो चुकी थी।

ऐसे आया घोड़े के सीरम से वैक्सीन बनाने का आइडिया
साइरस पूनावाला अपने स्कूल के दोस्तों के साथ मिलकर 20 साल की उम्र में कार के क्षेत्र में अपना हाथ आजमा रहे थे। वेकिन जब उन्हें यह एहसास हुआ कि कार का प्रोडक्शन शुरू करने के लिए बहुत पैसों की जरूरत होगी तो उन्होंने इस आइडिया पर काम करना छोड़ दिया।

साइरस का ध्यान वैक्सीन बनाने मे तब गया जब उन्होंने देखा कि उनके फर्म में जो घोड़े बूढ़े हो जाते थे उन्हें के खून में मौजूद सीरम से एंटीबॉडी बनाई जाती थी। यह काम मुंबई के हॉफकिन इंस्टीट्यूट में होता था। साइरस पूनावाला ने सोचा कि हमारे पास घोड़े हैं तो हम ही क्यों न वैक्सीन बनाए। और उन्होंने खुद ही वैक्सीन बनाने का फैसला किया।

सायरस पूनावाला ने एक प्राइवेट चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था- “हम अपने घोड़ों को मुंबई के हाफकिन इंस्टीट्यूट को देते थे। वो लोग उससे वैक्सीन बनाते थे। वहां काम करने वाले एक डॉक्टर ने मुझे बताया कि आपके पास घोड़े हैं, जमीन है तो आप वैक्सीन क्यों नहीं बनाते। बस आपको वैक्सीन उत्पादन के लिए एक प्लांट स्थापित करना है।”

उन्होंने अपने भाई जवारेह एस. पूनावाला के साथ मिलकर वैक्सीन बनाने के क्षेत्र में कदम रखा। दोनों भाइयों ने मिलकर घोड़ों को बेचकर $12,000 की राशि जुटाई। अपने पिता को शेष राशि निवेश करने के लिए राजी किया; और वर्ष 1966 में, डॉ. पूनावाला ने 12 एकड़ जमीन पर SIIL की स्थापना की।

डॉक्टर और वैज्ञानिकों की टीम तैयार कर 2 साल में लॉन्च की पहली वैक्सीन
साइरस पूनावाला को वैक्सीन बनाने के क्षेत्र में कोई अनुभव नहीं थी। इसलिए उन्होंने मुंबई स्थित सरकारी स्वामित्व वाले ‘हाफकिन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ से 10 डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की टीम तैयार की और उन्हें सीरम इंस्टीट्यूट के साथ जोड़ा। स्थापना के दो साल बाद ही सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने अपनी पहली एंटी टिटनस सीरम वैक्सीन मार्केट में लॉन्च की। इस लॉन्चिंग के बाद ही कंपनी को अलग-अलग राज्य सरकारों और अस्पतालों से बड़े-बड़े ऑर्डर मिलने लगे।

एक के बाद एक धड़ाधड़ बाजार में उतारी अलग-अलग वैक्सीन
1974 में, साइरस पूनावाला ने बच्चों को डिप्थीरिया, टेटनस और पर्टुसिस से बचाने के लिए DTP वैक्सीन बनाई। 1981 में, सांप के काटने पर इस्तेमाल होने वाला एंटी-स्नेक-वेनम सीरम लॉन्च किया गया।

1989 में, खसरे की वैक्सीन M-Vac का उत्पादन शुरू हुआ और एक साल के अंदर ही SIIL भारत की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी बन गई। SIIL की वजह से भारत टेटनस, डिप्थीरिया और काली खांसी की वैक्सीन के मामले में आत्मनिर्भर बन गया।

दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी है सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड अब दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी है। यह दुनिया भर में सबसे ज्यादा डोज (1.5 अरब से ज्यादा डोज) बनाई और बेची हैं। इनमें पोलियो वैक्सीन, डिप्थीरिया, टेटनस, पर्टुसिस, Hib, BCG, r-हेपेटाइटिस B, खसरा, गलसुआ, रूबेला, साथ ही न्यूमोकोकल और Covid-19 वैक्सीन शामिल हैं।

दुनिया भर के 65% बच्चों को लगती है सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार एक अनुमान के मुताबिक, दुनिया भर के लगभग 65% बच्चों को सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा बनाई गई कम से कम एक वैक्सीन जरूर लगती है। सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा बनाई गई वैक्सीन को जिनेवा स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से मान्यता प्राप्त है, और दुनिया भर के लगभग 170 देशों में इन्हें उनके राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे दुनिया भर में लाखों लोगों की जान बच रही है।

प्रिंस चार्ल्स ने किया था सीरम इंस्टीट्यूट का दौरा
1998 तक, SIIL ने इन वैक्सीन को 100 से ज्यादा देशों में बेचना शुरू कर दिया था। और साल 2000 तक, दुनिया के हर 2 बच्चों में से 1 बच्चे को SIIL की वैक्सीन लगाई जा चुकी थी। 2013 में, इन सस्ती लेकिन उच्च गुणवत्ता वाली वैक्सीन के उत्पादन के बारे में जानने की प्रिंस चार्ल्स की गहरी इच्छा ने उन्हें SIIL का निजी दौरा करने के लिए भी प्रेरित किया।

₹2.5 लाख करोड़ का है साम्राज्य
सीरम इंस्टीट्यूट के संस्थापक साइरस पूनावाला आज 2.5 लाख करोड़ रुपये के साम्राज्य के मालिक हैं। फोर्ब्स की रियल टाइम बिलेनियर लिस्ट के अनुसार इस समय उनकी नेटवर्थ (Cyrus Poonawalla Net Worth) 26.4 बिलियन डॉलर (2460387600000 रुपये) है।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com