अनूपपुर जिले में कृषि महाविद्यालय की मांग लंबे समय से की जा रही है। लेकिन आज तक जिले को यह उपलब्धि हासिल नहीं हो पाई, जिसके कारण स्थानीय छात्र-छात्राओं को अन्य जिले में जाकर यह शिक्षा लेनी पड़ रही है।
अनूपपुर में कृषि महाविद्यालय नहीं होने से यहां के कृषि संकाय के छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय शिक्षा के लिए रीवा, जबलपुर सहित अन्य जिले के कृषि महाविद्यालय में अध्ययन के लिए जाना पड़ता है। अनूपपुर जिला जो कि 90 प्रतिशत कृषि आधारित है। जहां की आधी से अधिक आबादी जीवन यापन के लिए कृषि कार्य पर आश्रित है।
वर्तमान में यहां स्कूलों में कृषि की शिक्षा दी जा रही है। लेकिन महाविद्यालय न होने के कारण कृषि की महाविद्यालय की शिक्षा के लिए यहां के छात्र-छात्राओं को अन्य शहर जाना पड़ता है, जिसके कारण या तो यहां के छात्र महाविद्यालय की शिक्षा में अन्य स्थान जाने की बजाय अन्य कोर्स में दाखिला ले लेते हैं। लंबे समय से यहां कृषि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की मांग की जा रही है, जो कि आज तक पूरी नहीं हो पाई है।
विधायक ने पूर्व में लिखा था पत्र, विधानसभा में भी उठाई मांग
अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल सिंह ने जिले में कृषि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की मांग को लेकर के पूर्व में शासन को पत्र लिखा था। इसके साथ ही विधानसभा प्रश्नकाल के दौरान भी विधायक ने सदन में इस मामले को उठाया और कृषि मंत्री से इस मांग को पूरा किए जाने की मांग भी की गई।
विधायक ने पत्राचार में उल्लेखित कर मांग की थी कि अनूपपुर जिला जो कि छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्र से लगा हुआ है, यहां कृषि महाविद्यालय प्रारंभ कर दिए जाने से सिर्फ अनूपपुर ही नहीं बल्कि समीपी छत्तीसगढ़ राज्य के सीमावर्ती छात्रों को भी इसका लाभ प्राप्त हो सकेगा। अनूपपुर जिला जो कृषि पर आधारित जिला है, यहां कृषि महाविद्यालय के प्रारंभ हो जाने से छात्र-छात्राओं को उन्नत कृषि विधि और तकनीकी शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे कृषि क्षेत्र में आधुनिकता एवं उत्पादन में वृद्धि भी हो सकेगी।
रीवा ,जबलपुर और बालाघाट जाते हैं अनूपपुर के छात्र
छात्र अभय शुक्ला ने कहा कि वर्तमान समय में अनूपपुर जिले में कृषि महाविद्यालय न होने से विद्यालय स्तर पर कृषि संकाय की शिक्षा प्राप्त करने के बाद यहां के छात्र महाविद्यालय की शिक्षा प्राप्त करने के लिए रीवा, जबलपुर और बालाघाट शिक्षा प्राप्त करने के लिए जाना पड़ता है। इसके कारण घर से दूर महाविद्यालय होने के कारण निर्धन वर्ग के छात्र इसकी शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते हैं।
महाविद्यालय स्थापना न होने से परेशान हो रहे हैं छात्र
छात्र संदीप पटेल ने बताया कि अनूपपुर जिले में कृषि महाविद्यालय न होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय स्तर पर तो यहां कृषि संकाय उसकी शिक्षा दी जाती है। लेकिन महाविद्यालय के लिए छात्रों को दूसरे शहर जाना पड़ता है। ऐसे में ज्यादातर छात्र महाविद्यालय में पहुंचने के बाद कृषि की बजाय अन्य किसी संख्या में दाखिला ले लेते हैं। संभाग में कृषि महाविद्यालय नहीं होने के कारण इस परेशानी का सामना छात्र-छात्राओं को करना पड़ रहा है।
उन्नत कृषि तकनीक से ही क्षेत्र का विकास संभव
छात्र नीरज पटेल ने कहा कि अनूपपुर सहित शहडोल संभाग कृषि आधारित क्षेत्र है लेकिन उन्नत कृषि तकनीक की जानकारी न होने के कारण ज्यादातर लोग यहां एक फसली खेती ही प्राप्त कर पाते। जहां पानी का पर्याप्त इंतजाम है सिर्फ वही दो फसली खेती हो पाती है। यदि इस क्षेत्र में कृषि महाविद्यालय प्रारंभ हो जाए तो यहां के छात्रों को भी आधुनिक कृषि तकनीक की जानकारी प्राप्त हो सकेगी। कृषि के क्षेत्र में भी युवा अपना करियर बना सकते हैं लेकिन उसके लिए जरूरी है कि उन्हें यहां वह सुविधा उपलब्ध हो सके।