सिनेमा में संगीत हमेशा हमें अलग-अलग भावों को महसूस कराता रहा है। कभी संगीत ने हमें हंसाया, तो कभी रुलाया तो कभी इसी संगीत ने हमें बहुत कुछ सिखाया भी। एक दौर था जब किशोर दा और रफी साहब के गाने हर दूसरी फिल्म में सुनाई देते थे।
हालांकि ये जानकर आपको भी हैरानी होगी कि किशोर दा ने भी एक वक्त एक अश्लील गाना गाया था और वह भी इसका हिस्सा बने थे। बड़ी बात यह है कि ये गाना बैन तक हुआ था…
कौन सा है वो गाना?
दरअसल आज जिस गाने की हम बात कर रहे हैं वो है सुभाष घई (Subhash Ghai) के निर्देशन में बनी साल 1982 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘विधाता’ (Vidhaata) का गाना “सात सहेलियां खड़ी-खड़ी, फरियाद सुनाएं घड़ी-घड़ी” (Saat Saheliyan Khadi Khadi)।
इस फिल्म में कई दिग्गज स्टार्स थे लेकिन फिल्म के गाने खूब चर्चा में रहे और उन्हीं में से एक गाना यही था, जो सुनने में तो साधारण सा था, लेकिन गाने के लिरिक्स काफी वल्गर माने गए थे। इस गाने को बॉलीवुड के शुरुआती ‘सजेस्टिव’ या ‘डबल मीनिंग’ गानों में गिना जाता है।
बैन हुआ था गाना
फिल्म के गाने को लेकर उस दौर में काफी विवाद भी हुआ था। कहा जाता है कि, इस गाने को लेकर भारी विरोध हुआ था, लेकिन इसे पूरी तरह थिएटर्स से बैन नहीं किया गया था, बल्कि ऑल इंडिया रेडियो (AIR) और दूरदर्शन पर इस पर पाबंदी लगा दी गई थी। गाने के बोल को लेकर हुआ विवाद काफी चर्चा में रहा था।
हालांकि यह फिल्म अपने आप में काफी खास थी क्योंकि यह यह इकलौती ऐसी फिल्म है जिसमें बड़े लीजेंड सितारे उस दौर में नजर आए। दिलीप कुमार (Dilip Kumar), शम्मी कपूर (Shammi Kapoor) और संजीव कुमार, संजय दत्त (Sanjay Dutt) और सारिका के साथ सुभाष घई और पद्मिनी कोल्हापुरे (Padmini Kolhapure) ने इसमें काम किया था।
सात सिंगर्स ने दी गाने को आवाज
इस गीत को एक या दो नहीं बल्कि सात सिंगरों ने आवाज दी थी। इनमें किशोर कुमार (Kishore Kumar), अलका याग्निक (Alka Yagnik), अनुराधा पौडवाल (Anuradha Paudwal), साधना सरगम (Sadhna Sargam), शिवांगी कोल्हापुरे (श्रद्धा कपूर की मां), हेमलता, कविता कृष्णमूर्ति (Kavita Krishnamurti) और कंचन ने इसे आवाज दी थी।
संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी इस गाने को बहुत भव्य बनाना चाहते थे। गाने की रिकॉर्डिंग के वक्त स्टूडियो में इतनी भीड़ थी कि पैर रखने की जगह नहीं थी। कई डांसर्स के साथ फिर इस गाने को रिकॉर्ड किया गया था। गाने में संजय दत्त, शम्मी कपूर और पद्मिनी कोल्हापुरे नजर आए थे। इस गाने को Anand Bakshi ने लिखा था और कल्याणजी-आनंदजी ने इसका संगीत तैयार किया था।
आपको बता दें कि, साल 1982 में आई ये फिल्म सिनेमाघरों में खूब चली थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही थी। यहांतक कि फिल्म के गाने भी खूब हिट रहे, भले ही इनको लेकर विवाद रहा, लेकिन इन गानों की चर्चा खूब हुई।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal