एमसीडी ने अपने बड़े अस्पतालों में अत्याधुनिक सीटी स्कैन, एमआरआई सुविधाएं शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस योजना के लागू होने के बाद गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों की महंगी जांच से छुटकारा मिल जाएगा।
एमसीडी के अनुसार, हिंदूराव अस्पताल, स्वामी दयानंद अस्पताल और राजन बाबू इंस्टीट्यूट ऑफ पल्मोनरी मेडिसिन एंड ट्यूबरकुलोसिस (आरबीआईपीएमटी) में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत एडवांस इमेजिंग सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। उसके अस्पतालों में सीजीएचएस और एनएबीएच से संबद्ध नियंत्रित दरों पर एमआरआई और सीटी स्कैन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए निजी कंपनी आधुनिक मशीनों की खरीद, स्थापना, संचालन और रखरखाव करेगी, जबकि एमसीडी अस्पताल परिसर में जगह उपलब्ध कराएगी। खास बात है कि एमसीडी इस परियोजना में किसी प्रकार की वायबिलिटी गैप फंडिंग या न्यूनतम मरीज गारंटी नहीं देगी।
स्वामी दयानंद अस्पताल से इंटीग्रेटेड इमेजिंग सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव आने के बाद एमसीडी ने तीन प्रमुख अस्पतालों को जोड़कर क्लस्टर आधारित मॉडल तैयार किया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे परियोजना आर्थिक रूप से अधिक व्यावहारिक बनेगी और बेहतर कंपनियां बोली प्रक्रिया में हिस्सा लेंगी। वहीं एमसीडी 128 स्लाइस सीटी स्कैन और 1.5 टेस्ला एमआरआई जैसी आधुनिक तकनीक लगाने की तैयारी भी कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि इससे इमरजेंसी रिस्पॉन्स, सर्जिकल प्लानिंग, आईसीयू प्रबंधन और गंभीर मरीजों के इलाज में तेजी आएगी। अस्पतालों में एडवांस इमेजिंग सुविधाएं बढ़ने से दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव कम होगा और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। एमसीडी के आंकड़ों के अनुसार पिछले दो वर्षों में इन तीनों अस्पतालों में 30 लाख से अधिक ओपीडी और करीब 1.42 लाख आईपीडी मरीज पहुंचे। बड़ी संख्या में मरीजों को ट्रॉमा, न्यूरोलॉजिकल बीमारी, कैंसर, टीबी और गंभीर फेफड़ों की बीमारियों के लिए एडवांस रेडियोलॉजी जांच की जरूरत पड़ती है।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal