रामानंद सागर के पौराणिक शो ‘रामायण’ (Ramayan) ने सभी किरदारों को इस कदर अमर कर दिया कि चार दशक बाद भी उन्हें भुलाया नहीं जा सकता है। राम और सीता का किरदार निभाने वाले सितारों के तो लोग पैर छूने लगे थे।
रामायण शो में सिर्फ राम या सीता ही नहीं, बल्कि कई अहम किरदार दिखाए गए थे जिसे कलाकारों ने इतनी खूबसूरती के साथ निभाया कि वे दर्शकों के दिलों-दिमाग में बस गए। इनमें एक किरदार ‘शबरी’ का भी था।
रामायण में शबरी का सीन था भावुक
रामायण में ‘शबरी’ का अहम किरदार दिखाया गया है। शबरी भगवान राम की परम भक्त थीं। उन्हें आशीर्वाद मिला था कि एक दिन भगवान राम उनकी कुटिया में जरूर आएंगे। वह वर्षों तक भगवान राम का इंतजार करती रहीं। एक बार वनवास के दौरान भगवान राम, शबरी की कुटिया में आए। तब शबरी ने भगवान राम को जूठे बेर खिलाए थे, क्योंकि वह उन्हें खट्टे बेर नहीं खिलाना चाहती थीं।
रामायण से मिली थी पहचान
रामायण में इस सीन को इतनी खूबसूरती के साथ दिखाया गया था कि यह सीन और शबरी का किरदार निभाने वालीं एक्ट्रेस भी अमर हो गईं। यह किरदार जिस अदाकारा ने निभाया था, वो इससे पहले 200 फिल्मों में काम कर चुकी थीं, लेकिन उन्हें पहचान रामानंद सागर की रामायण से मिली।
आलोचनाओं के बावजूद चुनी थी फिल्में
शबरी का किरदार निभाने वाली यह अदाकारा सरिता देवी (Sarita Devi) थीं। उन्होंने तब फिल्मों में कदम रखा, जब महिलाओं के लिए अभिनय करने का पेशा गलत माना जाता था। मगर समाज की परवाह किए बिना पिता का सपोर्ट मिलने के बाद उन्होंने फिल्मों में कदम रखा। सरिता देवी की पहली फिल्म 1947 में तोहफा आई थी।
बड़े-बड़े हीरो संग किया था काम
उन्होंने दिलीप कुमार, शम्मी कपूर, धर्मेंद्र, मनोज कुमार, अशोक कुमार और अमिताभ बच्चन जैसे बड़े-बड़े सितारों के साथ काम किया और 200 फिल्मों में अभिनय कर चुकी थीं। बस कभी लीड हीरोइन नहीं बन पाईं। फिल्मों में सपोर्टिंग रोल्स से संतोष करना पड़ा। हालांकि, विदेशों में सरिता देवी ने अपनी काबिलियत दिखाई। उन्होंने करीब 7 रूसी फिल्मों को हिंदी में डब किया था जिसके लिए उन्हें डायमंड पिक्चर्स की ओर से सम्मानित भी किया गया था।
2 महीने में ही पहले पति का हुआ था निधन
‘बीते हुए दिनों’ ब्लॉग के मुताबिक, सरिता देवी की निजी जिंदगी काफी उतार-चढ़ाव से भरी रही। वह 12 साल की थीं, जब उनकी पहली शादी हुई थी, लेकिन 2 महीने के अंदर ही पति का निधन हो गया था। बाद में उन्हें ड्रामा कंपनी के मालिक लालजी गोहिल से दोबारा प्यार हुआ और दूसरी शादी कर अपना घर बसाया। उनके दो बेटे और एक बेटी थी।
साल 1990 में पति और फिर बड़े बेटे के निधन के बाद सरिता देवी बिल्कुल टूट गई थीं। साल 2001 में सविता देवी की 78 साल की उम्र में पार्किंसंस रोग के चलते निधन हो गया था।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal