यूपी में सरकारी इमारतों, बसों और हज हाउस के बाद शनिवार को पुलिस थानों को भी भगवा रंग में रंगने की कवायत शुरू हो गई। इसकी पहली बानगी राजधानी की कैसरबाग स्थित कोतवाली में देखने को मिली। 
1939 में बनी यह कोतवाली आज केसरिया रंग में रंगी नजर आई। हालांकि पुताई का काम अभी जारी है। शुक्रवार को यूपी सरकार ने लखरनऊ स्थित हज हाउस की दीवारों को भी केसरिया रंग में रंग दिया था।
सरकार के इस फैसले पर देवबंदी उलमा ने कड़ा ऐतराज जताया था। तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष मौलाना नदीमुलवाजदी ने कहा था कि उत्तर प्रदेश सरकार सबका साथ सबका विकास के नारे पर बनी है। सरकार को इस बात का विशेष ख्याल रखना चाहिए कि वे कोई ऐसा काम न करे, जिससे मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत हों।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी दल की सरकार बनी हो, लेकिन आज तक हज हाऊस का रंग सफेद और हरा ही रखा गया। पहली बार हुआ है कि जब हज हाऊस को भी भगवा रंग में रंगवा दिया गया है। जो सरासर गलत है। इससे साफ हो जाता है कि बीजेपी सरकार मुस्लिम विरोधी कार्य कर रही है।
कुछ महीनों में बहुत कुछ हुआ केसरिया
केसरिया रंग में सीएम ऑफिस
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यानाथ की सरकार आने के बाद से सरकारी कामकाज में केसरियां रंग के उत्पादों का प्रयोग तेजी से बढ़ा है। वह सीटों पर डाले जो वाले तौलिये हों या सरकारी कार्यक्रमों में लगने वाले पंडाल, हर जगह केसरिया रंग ही नजर आ रहा है।
योगी सरकार इतने पर ही नहीं रुकी। सीएम ऑफिस, सरकारी बसों के बाद हज हाउस के हरे रंग पर भी केसरिया रंग चढ़ा दिया गया।
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