सनातन धर्म में मकर संक्रांति का दिन ऊर्जा, बदलाव और अध्यात्म का संगम माना जाता है। इस साल मकर संक्रांति का पावन पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे उत्तरायण की शुरुआत कहा जाता है।
अक्सर लोग मकर संक्रांति पर केवल सूर्य देव की पूजा और दान-पुण्य करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन शिव जी की विशेष पूजा करने से जीवन के सभी कष्टों का अंत हो सकता है? ऐसा माना जाता है कि मकर संक्रांति पर शिवलिंग पर कुछ विशेष चीजें चढ़ाने से ग्रह दोष शांत होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है, तो चलिए उन सामग्री के बारे में जानते हैं।
काले तिल
मकर संक्रांति पर तिल का महत्व बहुत ज्यादा है, क्योंकि मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं और वे भगवान शिव के परम भक्त हैं, इसलिए शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम होता है। साथ ही घर की दरिद्रता दूर होती है।
गुड़ और गंगाजल
सूर्य देव को गुड़ बहुत प्रिय है। कहा जाता है कि गंगाजल में थोड़ा गुड़ मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। साथ ही यह उपाय उन लोगों के लिए रामबाण है, जिनके वैवाहिक जीवन में लगातार मुश्किलें बनी रहती हैं।
गन्ने का रस
मकर संक्रांति नई फसल के स्वागत का पर्व है। इस दिन शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाने से लक्ष्मी जी खुश होती हैं। अगर आप कर्ज के बोझ से दबे हैं, तो गन्न के रस का अभिषेक आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में सहायक होगा।
कच्चा दूध और शहद
अगर घर में कोई लंबे समय से बीमार है, तो संक्रांति के दिन शिवलिंग पर शहद और कच्चे दूध का मिश्रण चढ़ाएं। इससे शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
अक्षत
शिवलिंग पर बिना टूटे हुए चावल चढ़ाने से धन-धान्य के भंडार भरे रहते हैं। ध्यान रहे कि चावल का एक भी दाना टूटा हुआ न हो।
मकर संक्रांति पर शिव पूजा के नियम
पूजा से पहले जल में थोड़ा गंगाजल और काले तिल डालकर स्नान करें।
शिवलिंग की पूजा करते समय आपका मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।
पूजा के बाद ब्राह्मण या किसी जरूरतमंद को खिचड़ी और कंबल का दान जरूर करें।
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