भारत को नरक बताने पर घर में ही घिरे ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट ने विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने रेडियो होस्ट माइकल सैवेज के पॉडकास्ट का ट्रांसक्रिप्ट साझा किया था, जिसमें भारत और चीन जैसे देशों को नरक बताया था। इस बयान पर भारतीय-अमेरिकी सांसदों, समुदाय के नेताओं और भारत सरकार ने नाराजगी जताई है।

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर माइकल सैवेज के सैवेज नेशन पॉडकास्ट का हिस्सा शेयर किया। इसमें सैवेज ने अमेरिका के जन्म-आधारित नागरिकता कानून पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भारत और चीन से लोग अमेरिका आकर आखिरी महीने में बच्चा पैदा कराते हैं, ताकि बच्चा तुरंत अमेरिकी नागरिक बन जाए और पूरा परिवार बाद में आ सके।

सैवेज ने भारत-चीन को नरक करार दिया और भारतीय पेशेवरों को लैपटॉप वाले गैंगस्टर जैसी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।

भारतीय-अमेरिकी नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

इस बयान पर भारतीय मूल के अमेरिकी सांसदों ने जवाब दिया। कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट सांसद एमी बेरा ने कहा कि उनके माता-पिता भारत से आकर कड़ी मेहनत से अमेरिकी सपना साकार करने का मौका पा सके। उन्होंने कहा कि प्रवासी अमेरिका को कमजोर नहीं करते, बल्कि सेवा और नवाचार के जरिए उसे मजबूत बनाते हैं।

इलिनॉय से डेमोक्रेट सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने इसे खुलकर नस्लवादी बकवास बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी बातें लाखों भारतीय-अमेरिकियों और भारत जैसे मजबूत साझेदार का अपमान है।

डेमोक्रेट नेशनल कमेटी के अजय भुटोरिया ने बयान को वास्तविकता से दूर बताया। उन्होंने कहा कि लैपटॉप वॉरियर्स असल में अल्फाबेट, माइक्रोसॉफ्ट और अडोबी जैसी बड़ी कंपनियों के सीईओ हैं। अमेरिका के 10% से ज्यादा यूनिकॉर्न स्टार्टअप भारतीय मूल के उद्यमियों ने शुरू किए हैं।

1.5% होने के बावजूद आयकर में 6% का योगदान

कुल आबादी में सिर्फ 1.5% होने के बावजूद यह समुदाय देश के कुल आयकर में 6% का योगदान देता है। भुटोरिया ने कहा कि ये लोग नौकरियां पैदा करते हैं और अर्थव्यवस्था को गति देते हैं, जो हिंसा फैलाने वालों से कहीं बेहतर हैं।

अमेरिका में हिंदुओं की सबसे बड़ी संस्था हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) ने इस बयान को नफरत भरा और नस्लवादी करार दिया। संस्था ने कहा कि ट्रंप को यह पोस्ट तुरंत हटानी चाहिए, क्योंकि इससे समुदाय के खिलाफ घृणा और खतरा बढ़ सकता है।

ईरान के वाणिज्य दूतावास का तंज

मुंबई स्थित ईरान के वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया पर व्यंग्य करते हुए लिखा कि ट्रंप को भारत की यात्रा करनी चाहिए। पोस्ट में कहा कि कोई ट्रंप के लिए कल्चर डिटॉक्स ट्रिप बुक कर दे। इससे उनकी बकवास बातें कम हो सकती हैं। कभी भारत आकर देखो, फिर बोलना। दूतावास ने महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत का वीडियो भी शेयर किया।

भारत का मजबूत जवाब और आर्थिक दमखम

भारत सरकार ने इन टिप्पणियों को अनजान, अनुचित और स्वादहीन बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ये बयान भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को नहीं दर्शाते, जो आपसी सम्मान और साझा हितों पर टिके हैं। भारत अपनी आर्थिक ताकत से दुनिया में छाप छोड़ रहा है।

वर्तमान में यह दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। आईएमएफ के अनुमान के मुताबिक, 2027-28 तक भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है।

देश जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा सप्लायर है और वैश्विक स्तर पर 60% वैक्सीन उत्पादन यहीं होता है। एआई कौशल में भारत तीसरे स्थान पर है, जबकि वैश्विक आर्थिक विकास में इसका योगदान दूसरे पायदान पर। कुल रियल टाइम डिजिटल ट्रांजेक्शन का 46% भारतीय यूपीआई प्लेटफॉर्म पर होता है।

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