दिसंबर 2025 में दिए गए 500 करोड़ की अटैची वाले बयान के बाद डाॅ. नवजोत काैर सिद्धू को कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था। बाद में पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया कि डॉ. नवजोत को पार्टी से निकाल दिया गया है।
अमृतसर पूर्व से विधायक रह चुकीं डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के हालिया बयानों ने पंजाब की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस से दूरी के बाद अब उनके भाजपा के करीब जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि उन्होंने सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहने की बात कही है, लेकिन राजनीतिक संकेत कुछ और कहानी बयां कर रहे हैं।
डॉ. नवजोत इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर सराहना कर रही हैं, वहीं राहुल गांधी पर तीखे हमले बोल रही हैं। कोयम्बटूर में दिए बयान में उन्होंने कहा कि पंजाब में कांग्रेस कमजोर हो रही है और नेतृत्व को जमीनी हकीकत का अंदाजा नहीं है। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि शीर्ष नेतृत्व को नीचे हो रही गतिविधियों की जानकारी नहीं, तो वह उस पद के योग्य नहीं है।
उन्होंने मोदी को आध्यात्मिक और संतुलित व्यक्तित्व बताते हुए उन्हें राहुल गांधी से अधिक व्यावहारिक और समझदार करार दिया। साथ ही राहुल गांधी को कैमरे के सामने बहस की चुनौती भी दी।
भाजपा से ही शुरू किया था राजनीतिक सफर
डॉ. नवजोत कौर और उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू ने अपना राजनीतिक सफर भाजपा से ही शुरू किया था, बाद में दोनों कांग्रेस में शामिल हुए। हालांकि नवजोत सिंह सिद्धू अभी कांग्रेस में हैं और इस पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साधे हुए हैं।
सोशल मीडिया पर डॉ. नवजोत ने लिखा कि भाजपा ने 2012 में उनके टैलेंट को पहचान कर टिकट दिया था और उन्हें काम करने की आजादी मिली। फिलहाल उन्होंने किसी भी औपचारिक संपर्क से इनकार किया है, लेकिन चुनावी माहौल में उनके बयान कई नए समीकरणों के संकेत दे रहे हैं।
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