कल मंगलवार को डॉलर के मुकाबले 91 के पार जाने के बाद, आज बुधवार को भारतीय रुपया (Rupee At New Low) नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 91.20 के स्तर तक गिर गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। यह गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
कल मंगलवार 20 जनवरी को डॉलर के मुकाबले रुपया 91 के पार पहुंच गया था। आज बुधवार को रुपया नए रिकॉर्ड लो पर फिसल गया है। शुरुआती ट्रेड में डॉलर के मुकाबले रुपया 91.20 के लेवल तक गिर गया है, जो इसका आज तक का सबसे निचला स्तर है।
क्यों फिसल रहा रुपया?
मेटल इंपोर्टर्स की तरफ से डॉलर की भारी डिमांड के चलते रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। वहीं फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर (FPI) के आउटफ्लो यानी भारत से पैसा निकालने को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोरी ने भी दबाव बढ़ाया है।
डॉलर इंडेक्स में काफी उतार-चढ़ाव
मंगलवार को भी डॉलर इंडेक्स में काफी उतार-चढ़ाव रहा। कल यह 0.50 प्रतिशत गिरकर 98.37 पर बंद हुआ। गिरावट की वजह बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितता रही। दरअसल अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच ट्रेड टेंशन बढ़ रही है, जिससे डॉलर इंडेक्स कमजोर हुआ।
ट्रंप की टैरिफ धमकियों और जवाबी ड्यूटी के बयानों से ग्लोबल फाइनेंशियल बाजारों में घबराहट बढ़ रही है। अमेरिकी इक्विटी में भारी बिकवाली ने भी डॉलर इंडेक्स को नीचे खींचा।
कच्चे तेल का खेल
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने दबाव को और बढ़ा दिया है। जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, जिससे भारत का आयात बिल बढ़ गया है और रुपये पर दबाव और अधिक हो गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि भारत-यूरोपीय यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से रुपये को कुछ सपोर्ट मिल सकता है। मगर इस हफ्ते रुपये में उतार-चढ़ाव बने रहने की आशंका है।
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