चांदी में सीधे 11000 रुपये की गिरावट, दो दिन में 19000 टूटी, इन 2 वजह से आई बड़ी मंदी

लगातार तेजी दिखाने के बाद चांदी (Silver Price Crash) की कीमतों में बिकवाली हावी है। 8 जनवरी को शुरुआती कारोबार में MCX पर सिल्वर में 11000 रुपये की गिरावट आ गई। इससे पहले 8 जनवरी को भी चांदी की कीमतों में 3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। इस दौरान सिल्वर फ्यूचर का प्राइस 259692 रुपये से टूटकर 246400 रुपये पर आ गया था। आज के कारोबारी सत्र में MCX पर चांदी की कीमतें ₹11,000 तक गिरकर ₹240,605 प्रति किलोग्राम के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गईं।

इंटरनेशनल मार्केट में भी चांदी की कीमतें कमज़ोर हुईं, लेकिन गिरावट उतनी तेज़ नहीं थी। स्पॉट सिल्वर 2.7% गिरकर $76.01 प्रति औंस हो गया।

चांदी के भाव में क्यों आई गिरावट?

चांदी के भाव में हावी गिरावट पर कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट, अनुज गुप्ता ने कहा कि डॉलर में मजबूती आने से मेटल इंडेक्स पर दबाव बढ़ रहा है इसलिए सिल्वर समेत सभी धातुओं में दबाव के साथ कारोबार हो रहा है।

वहीं, ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, पैसिव ट्रैकिंग फंड गुरुवार से इंडेक्स द्वारा ज़रूरी नई वेटिंग से मैच करने के लिए कीमती मेटल्स के फ्यूचर्स बेच रहे हैं। यह आमतौर पर एक रूटीन प्रोसेस है, लेकिन पिछले साल की ज़बरदस्त तेज़ी के कारण सोने और चांदी के लिए इसका महत्व बढ़ गया है।

वहीं, अन्य एक्सपर्ट का मानना है कि अभी चांदी में निवेश करने से बचें जब तक कि प्राइस स्थिर ना हो जाए, तब आप इसमें एसआईपी के जरिए निवेश कर सकते हैं। चांदी में निवेश करने के लिए सिल्वर ईटीएफ नहीं बल्कि म्यूचुअल फंड एसआईपी चुनें। म्यूचुअल फंड एसआईपी, सिल्वर ईटीएफ से ज्यादा सुरक्षित ऑप्शन है। 

इस बीच, HSBC की एक रिपोर्ट बताती है कि 2026 में चांदी की कीमतें $58 और $88 (भारतीय रुपयों में 184000 से 280000) के बीच रहेंगी। सिल्वर के प्राइस में बढ़ोतरी की वजह फिजिकल सप्लाई में कमी, मज़बूत इन्वेस्टमेंट डिमांड और सोने की ऊंची कीमतें होंगी।

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