ईरान में सबसे लंबे समय तक चलने वाले ऑपरेशन की तैयारी में अमेरिका

 अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ हफ्तों तक चलने वाले संभावित दीर्घकालिक आपरेशन की तैयारी कर रही है। यह तैयारी इसलिए की जा रही है कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमले का आदेश दें तो तुरंत कार्रवाई की जा सके।

यह दोनों देशों के बीच पहले देखे गए संघर्षों से कहीं अधिक गंभीर रूप ले सकता है। यह जानकारी नाम न छापने की शर्त पर दो अमेरिकी अधिकारियों ने दी है। अमेरिका पश्चिम एशिया में सैन्य क्षमताओं को लगातार बढ़ा रहा है।

इसमें यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और आठ निर्देशित मिसाइल विध्वंसक पोत शामिल हैं। वहीं, गुरुवार को दूसरा विमानवाहक पोत यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रहा है। इस पर व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने कहा, ”ईरान के संबंध में राष्ट्रपति ट्रंप के पास सभी विकल्प खुले हैं।”

ईरान करेगा जवाबी कार्रवाई

एक अधिकारी ने कहा कि इस बार की योजना अधिक जटिल है। एक सतत अभियान में अमेरिकी सेना न केवल परमाणु अवसंरचना को, बल्कि ईरान की सुरक्षा सुविधाओं को भी निशाना बना सकती है।

अमेरिका को पूरी उम्मीद है कि ईरान जवाबी कार्रवाई करेगा, जिससे कुछ समय तक एक-दूसरे पर हमले और प्रतिशोध की कार्रवाई होगी। व्हाइट हाउस और पेंटागन ने जवाबी कार्रवाई या क्षेत्रीय संघर्ष के जोखिमों के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया।

ट्रंप बोले-ईरान के लिए सत्ता परिवर्तन सबसे अच्छा विकल्प

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन सबसे अच्छी बात होगी, जो हो सकती है। उन्होंने यह बताने से इन्कार कर दिया कि वे ईरान का नेतृत्व किसे सौंपना चाहते हैं, लेकिन कहा कि कुछ लोग हैं।

उन्होंने कहा कि ईरान 47 वर्षों से केवल बातचीत को टालता रहा है, जबकि इस दौरान कई लोगों की जान चली गई। वह इस मामले को हमेशा के लिए सुलझा देंगे। हालांकि, अमेरिकी अधिकारी यह स्वीकार करते हैं कि अयातुल्ला अली खामेनेई को सत्ता से हटाना वेनेजुएला के तत्कालीन नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने के अभियान से कहीं अधिक जटिल होगा।

जिनेवा में होनी है वार्ता

अमेरिकी दूत स्टीव विटकाफ और जेरेड कुश्नर मंगलवार को जिनेवा में ईरान के साथ वार्ता करेंगे, जिसमें ओमान के प्रतिनिधि मध्यस्थ के रूप में कार्य करेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चेतावनी दी कि हालांकि ट्रंप की प्राथमिकता तेहरान के साथ समझौता करना है, ”लेकिन ऐसा करना बहुत मुश्किल है।”

आईएएनएस के अनुसार, खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार ने कहा कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच वार्ता तभी आगे बढ़ सकती है जब वह यथार्थवाद पर आधारित हो और अत्यधिक मांगों से बचा जाए।

वहीं, ईरान के अपदस्थ शाह के निर्वासित पुत्र रजा पहलवी ने कहा कि संकेत हैं कि ईरानी सरकार पतन के कगार पर है और एक हमला इसकी रफ्तार तेज कर सकता है। ईरान में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप से जानें बचाई जा सकती हैं। उन्होंने ट्रंप प्रशासन से आग्रह किया कि वे तेहरान से बातचीत में बहुत अधिक समय न गंवाएं।

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