ग्रीन काॅरिडोर के पहले सड़कों पर पुलिस तैनात की गई और एम्बुलैंस को रास्ता दिया गया। टीम साढ़े दस बजे अस्पताल से दिल लेकर 10.52 को एयरपोर्ट पहुंच चुकी थी। दूसरे ग्रीन काॅरिडोर ने 15 मिनट में दूरी तय की। दिल अहमदाबाद पहुंचाया गया।
इंदौर में बुधवार रात फिर एक ग्रीन काॅरिडोर बना और तीन लोगों को नई जिंदगी मिली गई। खरगोन की गांवशिंदे कॉलोनी निवासी 49 वर्षीय विजय जायसवाल के अंगदान के लिए जुपिटर विशेष हॉस्पिटल से एयरपोर्ट के लिए और फिर चोइथराम हॉस्पिटल के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। 15 की सुबह सड़क दुर्घटना के बाद विजय को उपचार के लिए जुपिटर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। उनकी ब्रेन डेथ की स्थिति होने पर उपचार कर रहे डॉक्टर अंशुल जैन व सीनियर इंटेंसिविस्ट डॉक्टर वरुण देशमुख द्वारा मुस्कान ग्रुप के काउंसलर को सूचना दी गई थी।
मुस्कान ग्रुप के काउंसलर्स संदीपन आर्य, जीतू बगानी एवं लक्की खत्री ने लगातार तीन दिनों तक परिजनों से अंगदान के लिए चर्चा और काउंसलिंग की गई। अाखिरकार वे अंगदान के लिए तैयार हो गए।
विजय पत्नी आराधना जायसवाल, जेठ विनोद जायसवाल,विशाल जायसवाल और पुत्र प्रथमेश ने निर्णय लेते हुए अंगदान की स्वीकृति प्रदान की। इसके बाद विजय का दिल अहमदाबाद के मरेन्गो सिम्स हॉस्पिटल भेजा गया, जबकि उनका लिवर और एक किडनी जुपिटर विशेष हॉस्पिटल में और दूसरी किडनी चोइथराम हॉस्पिटल में उपचाररत रोगियों को आवंटित की गई।
ग्रीन काॅरिडोर के पहले सड़कों पर पुलिस तैनात की गई और एम्बुलैंस को रास्ता दिया गया। टीम साढ़े दस बजे अस्पताल से दिल लेकर 10.52 को एयरपोर्ट पहुंच चुकी थी। दूसरे ग्रीन काॅरिडोर ने 15 मिनट में दूरी तय की। आपको बता दे कि देश में अंगदान में भी इंदौर नंबर वन है। बीते दस साल में 66 बार इंदौर में ग्रीन काॅरिडोर बन चुके है। इसके अलावा अंगदान भी सबसे ज्यादा इंदौर में होते है।
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