हरियाणा सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण पहल की है। अब प्रदेशवासियों को अपने खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता जांचने के लिए किसी प्रयोगशाला (लैब) के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों को मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों से बचाना है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों से बचाना तथा खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है। मोबाइल लैब बाजारों, स्कूलों, कॉलेजों, मेलों और विशेष जांच अभियानों दौरान मौके पर ही खाद्य नमूनों की जांच करेंगी। साथ ही आम लोग भी अपने घर के आसपास इन सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
तीज और रक्षाबंधन के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने घेवर और फिरनी की विशेष जांच शुरू कर दी है। 6 जुलाई से 2 अगस्त के बीच प्रदेशभर से 122 नमूने एकत्रित किए गए। अब तक जांचे गए 18 नमूनों में 15 खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप पाए गए हैं जबकि 3 नमूने फेल मिले हैं। शेष नमूनों की जांच जारी है।
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