Sunday , 5 December 2021

नंगे बदन पर अजगर लपेट नजर आई इंडियन एथलीट मधु

नंगे बदन पर अजगर लपेट नजर आई इंडियन एथलीट मधु

मधु सप्रे को जानते हो? मिस यूनिवर्स में गई थीं. कांस्य पदक जीतकर लाई थीं. फिर तीन साल बाद सब कपड़े उतार कर अजगर लपेट लिया था. उनकी जांघ से जांघ जोड़े मिलिंद सोमण खड़े थे. गुरु नानक कॉलेज वाली गली में मुन्ना की दुकान थी. बाल काटने की. वहीं मायापुरी में देखी थी फोटो. ऐडवरटीजमेंट था. जूता बेच रहे थे. तब औकात एक्शन शूज तक नहीं पहुंची थी. टफ्स की तो बिसात ही क्या. मगर फोटो देखने और उसे परमानेंट बैकअप मेमरी में डालने की मना थोड़े थी. डाल लिया. मधु सप्रे को भूल गए. ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर याद रही. उसका आधा हिस्सा. जिसमें औरत का जिस्म दिखता है. और अजगर भी. फिर इस एलबम में कई फोटू जुड़ गईं. स्टारडस्ट के टॉप पर छाती ढंके ममता कुलकर्णी. तृष्णा. पूजा भट्ट. कामसूत्र कंशेडोम बेचती पूजा बेदी. एनफ्रेंच के बहाने टांगें दिखातीं दीप्ति भटनागर. सेक्सी सेक्सी बोलतीं करिश्मा…

ये बुलबुला था. इस पर रुकना क्या.

कहानी तो पानी की होती है. बहते पानी की.

इसलिए कहानी मधु सप्रे की. बर्थडे गर्ल. नागपुर की लड़की. एथलीट. लल्लनटॉप धावक. ट्रैक एंड फील्ड में सोना बटोरने की चाह रखने वाली. जबान के नाम पर सरपट मराठी बोलने वाली. दूसरी भाषा जो आती थी, वो थी संस्कृत. हिंदी-अंग्रेजी में तंग हाथ. मुंबई आई तो हिंदी सीख ली. तभी एक रोज उसकी एक तस्वीर पर एक ऐड वाले की नजर पड़ी. और ट्रैक चेंज हो गया.

गौतम राज्याध्यक्ष. 90 के दशक में सुनहरी चमक पाने वालों के लिए सबसे बड़ा कीमियागार. फैशन फोटोग्राफर जो पत्थर को भी जिंदा और खूबसूरत करने का दावा करता था. उसने मधु का फोटो शूट किया. अपने फ्लैट पर. बार बार कहता रहा. मधु तुम्हें दौड़ना नहीं है. कंधे तानकर मत खड़ी हो. रिलैक्स हो जाओ.

शूट के बाद गौतम मछली चावल खाती लड़की को निहारते रहे. जाते वक्त बोले. तुम मिस इंडिया का फॉर्म क्यों नहीं भरतीं. 20 साल की मधु को लगा. ये भी एक दौड़ है. दौड़ने में क्या हर्ज है.

फॉर्म भरा. शॉर्ट लिस्ट हो गई और फिर जीत भी गई. पहुंच गई मिस यूनिवर्स कंटेस्ट में. उस वक्त तक इस कंटेस्ट पर किसी की नजर नहीं रहती थी. बरसों-बरस पहले दादी के जमाने में कोई रीता फारिया जीत गई थीं. फिर हमेशा की तरह जीके का एक सवाल बन गई थीं.

मगर मधु ने सब कुछ बदल दिया. हमेशा के लिए. वो मिस यूनिवर्स कंटेस्ट में गईं. उनके शुरुआती जवाब ने ही लोगों का मन मोह लिया. उनसे पूछा गया कि मॉडलिंग में आने के बाद और यहां आने के बाद जिंदगी कितनी बदली है. मधु का जवाब था. पहले मैं पार्टी में जाती थी. देर रात लौटती. सुबह उठ नहीं पाती जॉगिंग के लिए. तो मेरे पापा जो मेरे कोच भी हैं. पानी का जग सर पर उड़ेल देते. आज-कल उस पानी से बची हूं. सामने पापा बैठे थे. सामने ठहाके गूंजने लगे. awwww टाइम मोमेंट था ये.

मधु सप्रे, फोटो क्रेडिट- कटिंग द चाय

फिर कई राउंड जीतते हुए मधु लास्ट 7 में पहुंच गईं. सवाल पूछा गया. अगर आप अतीत में जाकर कोई एक चीज बदल सकें तो वो क्या होगी. मधु बोलीं. मैं मिसेज इंदिरा गांधी को बचाना चाहूंगी. वो बहुत डायनमिक महिला थीं. उनकी हत्या का बेहद अफसोस है.

इस जवाब के बाद मधु सप्रे फाइनल 3 में पहुंच गईं. मिस यूनिवर्स के ताज के लिए मुकाबला था मिस नामीबिया और मिस कोलंबिया से. तीनों कैंडिडेट्स से एक ही सवाल पूछा गया. अगर आप अपने देश की नेता बन गईं तो सबसे पहले क्या करेंगी.

नामीबिया वाली लड़की बोली. बच्चों से बात करूंगी. उन्हें बताऊंगी कि मैं उनकी मदद के लिए हर तरह से तैयार हूं. कोलंबिया वाली का जवाब सधा हुआ था. देश गृह युद्ध की चपेट में था. वह बोलीं. मैं नागरिकों को शांति की जिंदगी जीने के लिए प्रेरित करूंगी.

अब बारी थी आखिरी कंटेस्टेंट की. मधु सप्रे. मिस इंडिया. उन्होंने कहा. मैं देश में बड़ा, दुनिया का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स स्टेडियम बनवाऊंगी. ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं के लिए.

जजों को ये जवाब सबसे कमजोर लगा. अब तक के सभी राउंड में मधु के सबसे ज्यादा नंबर थे. मगर ये चूक भारी साबित हुई. और वह सेकंड रनर अप बन गईं.

मगर गले में लटका ये कांसा भी करोड़ों लड़कियों के लिए हौसला बढ़ाने वाला था. उसके बाद मिस इंडिया एक बड़ा इवेंट हो गया. सुष्मिता सेन. ऐश्वर्या राय. प्रियंका चोपड़ा. लारा दत्ता. दिया मिर्जा. युक्ता मुखी. कतार लग गई.

फोटो क्रेडिट- कटिंग द चाय

और मधु ने इस जवाब पर क्या कहा. बरसों बाद एक इंटरव्यू में उन्होंने चुप्पी तोड़ी. बोलीं. मुझे अंग्रेजी बहुत अच्छी नहीं आती थी. मेरे पास बहुत शब्द नहीं थे. मुंबई में मराठी ही बोलती थी. अंग्रेजी सीखनी शुरू ही की थी. क्लासिक नॉवेल पढ़कर. और न्यूज देख सुन. मैं जानती थी कि महज एक साल में पीएम बनकर भी देश की गरीबी नहीं हटा सकती. मगर आर्ट्स और कल्चर के लिए. स्पोर्ट्स के लिए काफी कुछ कर सकती हूं. इसलिए मैंने स्टेडियम की बात की. मैं एथलीट थी. हमारे पास दौड़ने के लिए ढंग का ट्रैक तक नहीं था. प्रैक्टिस करने के लिए, कसरत करने के लिए ढंग के इक्विपमेंट्स नहीं थे. तो मुझे लगा कि इसी बारे में कुछ करना चाहिए. तब तक मुझे ये भी नहीं पता था कि टाइटल जीतने के लिए सच की नहीं, पॉलिटिकली करेक्ट और सुंदर दिखने वाले जवाब की जरूरत होती है.

फोटो क्रेडिट- कटिंग द चाय
फोटो क्रेडिट- कटिंग द चाय

इस ट्रिक को बाद के बरसों में इंडियन लड़कियों ने खूब समझा. प्रियंका चोपड़ा से पूछा क्या. जीवित व्यक्तियों में कौन आदर्श है. उन्होंने कह दिया मदर टेरेसा. जो मर चुकी थीं. फिर भी क्राउन मिल गया.

बहरहाल मधु सप्रे मुंबई लौटीं. और मॉडलिंग की दुनिया में छा गईं. देश की पहली सुपर मॉडल. एक पहला भी था. सुपर मॉडल. नाम मिलिंद सोमण. मराठी भाषी. दोनों में खूब जमी. यार बन गए. प्यार हो गया. साथ रहने लगे. लिव इन. आज के वक्त के लिए कुछ नॉर्मल बात. उस वक्त के लिए बड़ी. इसलिए नहीं कि साथ रहते थे. इसलिए कि दोनों ये बात खुले में कहते और कबूलते थे.

मधु सप्रे और मिलिंद

परी कथाओं-सा प्यार चल रहा था. सांवरी देह वाले दो सजीले जवान. मगर चार बरसों बाद ही कहानी ढलान पर आ गई. ब्रेकअप हो गया. मधु को लगा कि मिलिंद उन पर ध्यान नहीं दे रहे. रवैया कैजुअल हो चला है. मिलिंद को लगा कि मधु बहुत ज्यादा पजेसिव हो रही हैं. मगर ये तो उनकी आपस की बात है. अहमद फराज़ कह गए हैं, ‘इससे पहले कि हम बेवफा हो जाएं, क्यूं ना ऐ दोस्त हम जुदा हो जाएं.’ तो छूट गया. बाद में दोनों एक-दूसरे के लिए अच्छा ही बोले. मिलिंद ने कहा. मधु वो इकलौती लड़की है, जिसे मैंने प्रपोज किया और जिससे मैं शादी करना चाहता था.

मगर एक चीज थी. जिसने उन्हें अलग होने के बाद भी साथ रखा. बरसों-बरस तक. एक कोर्ट केस. जिसमें दोनों के ऊपर इल्जाम था. इल्जाम भारतीय सभ्यता को जख्मी करने का. मामला दर्ज किया था मुंबई पुलिस की सोशल सर्विस ब्रांच ने. क्योंकि साल 1995 में मधु और मिलिंद ने कैमरे के सामने सब कपड़े उतार दिए थे. बदन पर था तो सिर्फ एक अजगर. और पैरों में जूते. ये फीनिक्स कंपनी के टफ्स ब्रांड जूतों का ऐड था. अखबारों के लिए तैयार हुआ. इस पर बहुत हल्ला मचा. मुकदमेबाजी हुई. 14 बरस बाद दोनों को बरी कर दिया गया. मगर इसके चक्कर में देश में और खासतौर पर ग्लैमर इंडस्ट्री में मधु की एक खास इमेज बन गई.

अजगर की मार ऐसी ही होती है. कोई जहर नहीं. पड़ा रहता है. बिना हिले-डुले. शिकार करता है. और फिर पड़ जाता है. शिकार धीमे-धीमे दम घुटने के चलते मर जाता है. निगल लिया जाता है.

मगर मधु ने खराब रिश्ते और कंट्रोवर्सी के अजगर की जकड़ में घुटने से इनकार कर दिया.

उस वक्त वह बाहर जातीं तो बहारों की तरह कबूल की जातीं. मगर फिर उन्हें देश की याद आने लगती. लौटतीं और लौट-लौट आतीं. इस दौरान मधु ने एक फिल्म में भी काम किया. करियर के उस फेज के आखिरी पड़ाव में. फिल्म का नाम था बूम. इसी फिल्म से कटरीना कैफ ने डेब्यू किया था. फिल्म में मधु और कटरीना के अलावा चर्चित एंकर और कभी सलमान रुश्दी की पार्टनर रहीं पद्मा लक्ष्मी भी थीं.

आइसक्रीम वाले से शादी की और इटली में जाकर बस गईं.

हम हिंदुस्तान वालों की इटली से खास याद जुड़ी है. देश के सबसे ताकतवर राजनीतिक परिवार की एक बहू सोनिया गांधी इसी इटली से आई हैं. इसलिए इटली एक मुहावरा सा बन गया है. परदेसी बहू का. मगर देश की एक बेटी इसी इटली में बहू बनकर गई है. और बहुत-बहुत खुश है. ये बेटी है मधु सप्रे. मधु ने 2001 में इटली के एक कारोबारी गिआन मारिया से शादी कर ली. उनका आइसक्रीम का बिजनेस है. मधु और गिआन इटली के एक तटीय शहर रिसिओने में रहते हैं. दोनों की एक प्यारी शरारती बेटी है. इंदिरा नाम है उसका.

पिछले दिनों एचटी की मैगजीन ब्रंच से बात करते हुए मधु ने इंदिरा के खूब किस्से सुनाए. बोलीं. बेटी इटैलियन बोलती है तो बीच-बीच में मराठी पुट ले आती है. ताकि साथ के बच्चों को हड़के में ले सके. कि मुझे एक और भाषा आती है.

मधु सप्रे (बाएं) अपनी बेटी इंदिरा के साथ

मधु ने ये भी बताया कि वो आमची मुंबई को बहुत मिस करती हैं. लंच बॉक्स देखकर खूब रोईं. लोकल ट्रेन. वड़ा पाव और उत्सव को मिस किया.

तो एक बार फिर गुलजार को याद करें.

छोड़ी हुई बस्तियां

जाता हूं बार बार घूम घूम के

मिलते नहीं वो निशान

छोड़े थे दहलीज चूम चूम के

अब मधु हैं उधर इटली में. हम हैं इधर बड़े हो गए. एक झटके में गूगल पर हजार तस्वीरें लीलते. ब्लैक एंड व्हाइट कागज को घूरना नॉस्टैलजिया नाम के जू में बंद हो गया. जो है वो बस याद है.

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