न तो वह लोग हैं जिनकी गाडिय़ां टूट कर गिरे पेड़ों के नीचे दबकर बर्बाद हो गई थीं। सुबह की तीन घण्टे की खिली धूप के बाद दस बजे के बाद फिर बादलों की आवाजाही बढ़ी है, पर लोग आस में हैं कि इंद्रदेव अब कृपा बनाये रखेंगे।
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मौसम विभाग के निदेशक डा. जेपी गुप्ता के अनुसार गुरुवार को सीजन की सबसे अच्छी बारिश हुई, लेकिन अब तक कोई नया रिकार्ड नहीं बना है। शुक्रवार को जब 24 घंटे के आंकड़े निकाले जाएंगे तो बारिश के कुछ पुराने रिकार्ड टूट भी सकते हंै। तेज बारिश सिर्फ गुरुवार के लिए ही थी। शुक्रवार से इसका असर कम होगा। लखनऊ व आसपास के जनपदों समेत पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सभी जगह शुक्रवार से बारिश का असर काफी कम हो जाएगा। अगले 24 से 48 घंटे तक आंशिक, हल्की व मध्यम बारिश का अनुमान है।
अयोध्या के इस गांव में हुई 305 मिमी बारिश
अयोध्या के इनायतनगर के बांसगांव में गुरुवार को 305 मिमी बारिश रिकार्ड हुई। मौसम विभाग के मुताबिक इससे पहले हुदहुद के दौरान यहां इतनी बारिश हुई थी।
अगेती फसलों को नुकसान
कृषि विशेषज्ञ डा.सीपी श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश धान के लिए अच्छी है, लेकिन अगेती फसल में धान ने आकार लेना शुरू कर दिया है, जिससे पौधों का वजन बढ़ गया है और हवा चलने से गिर गए हैं। दो दिन तक गिरे धान को कोई नुकसान नहीं होगा। इसके बाद भी धूप नहीं निकली तो धान सडऩे की संभावना बढ़ जाएगी। तरोई, कद्दू और गोभी सहित अन्य सब्जियों को नुकसान होगा। 24 घंटे के अंदर किसानों को खेतों से पानी निकालने का इंतजाम करना होगा। मचान बनाकर सब्जियों को उगाने वाले किसानों को ङ्क्षचता करने की जरूरत नहीं है। सरसों और आलू के लिए खेत तैयार करने के लिए यह बारिश वरदान बनी है। सितंबर के तीसरे सप्ताह में बोआई का उत्तम समय होता है। ऐसे में यह बारिश खेतों को तैयार करने के लिए वरदान है।
गुरुवार को यहां 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश
अयोध्या-250
गोंडा-250
लखनऊ-115
अंबेडकरनगर-110
बाराबंकी -150
हरदोई -111
बस्ती- 122.00
संतकबीरनगर- 116.66
उन्नाव-120
कन्नौज-132
हमीरपुर-105।