ईरान के एक राजनयिक ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आइएईए) के प्रमुख के उस बयान को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने ईरान के परमाणु स्थलों के निरीक्षण की बात कही थी। ईरानी राजनयिक ने यह साफ कहा कि इस तरह के निरीक्षण केवल अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौते के बाद ही संभव हो सकेंगे।
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने एक्स पर यह बात कही। उन्होंने जापान में आइएईए के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रासी की टिप्पणी की प्रतिक्रिया में यह जवाब दिया।
गरीबाबादी ने पोस्ट में लिखा, “स्विट्जरलैंड में ग्रासी के अनुरोध के बावजूद उनके साथ कोई बैठक नहीं हुई और न ही उन स्थलों या परमाणु सामग्री तक पहुंच की कोई योजना है, जिन पर हमला किया गया था।”
उन्होंने कहा, “इन मुद्दों के बारे में केवल अंतिम समझौते के तहत और दूसरे पक्ष की तरफ से सभी प्रतिबंधों और अन्य उपायों को समाप्त करने के लिए व्यावहारिक कदम उठाए जाने के परिणामस्वरूप समीक्षा और निर्णय लिए जाएंगे।”
इससे पहले आईएईए प्रमुख ग्रासी ने संकेत दिया कि एजेंसी के निरीक्षक ईरान के परमाणु संवर्धन स्थलों का दौरा करेंगे, जो युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते का एक मुख्य हिस्सा है। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था आईएईए के प्रमुख ने टोक्यो में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की।
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