Apple ने अपने लीडरशिप में बड़ा बदलाव का एलान कर दिया है। जॉन टर्नस को कंपनी का नया CEO नियुक्त किया गया है। वे 1 सितंबर 2026 से कंपनी की कमान संभालेंगे। जबकि मौजूदा CEO Tim Cook अब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन होंगे। कंपनी के बोर्ड ने इस बदलाव को मंजूरी भी दे दी है। हालांकि Apple के नए CEO जॉन टर्नस के सामने 4 बड़ी चुनौतियां होंगी।
टिम कुक 1998 में Apple के साथ जुड़े थे और 2011 में वे कंपनी के CEO बने। उनके लीडरशिप में कंपनी ने जबरदस्त ग्रोथ हासिल की है। कंपनी की मार्केट वैल्यू अब करीब 350 बिलियन डॉलर से बढ़कर 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। जबकि कंपनी का एनुअल रेवेन्यू भी 108 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2025 में 416 बिलियन डॉलर को क्रॉस कर गया।
जॉन टर्नस के सामने ये बड़ी चुनौतियां
AI की रेस में एप्पल पीछे
जहां एक तरफ गूगल और Microsoft जैसी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI में तेजी से ग्रो कर रही हैं। वहीं Apple अभी इस रेस में काफी पीछे दिख रहा है। कंपनी को इस रेस में वापस लाना टर्नस के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
रेगुलेटरी दबाव और एंटी-ट्रस्ट केस
अमेरिका और यूरोप में एप्पल के बिजनेस मॉडल पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कंपनी पर मोनोपोली रूल्स फॉलो न करने का आरोप है। इन कानूनी चुनौतियों से निपटना नए CEO के लिए मुश्किल भरा होगा।
चीन पर डिपेंडेंस कम करना
अमेरिका और चीन के बीच तनाव के चलते Apple की मैन्युफैक्चरिंग स्ट्रेटेजी भी दबाव में है। ऐसे में कंपनी अब प्रोडक्शन को भारत और वियतनाम जैसे देशों में शिफ्ट कर रही है जो इतना आसान नहीं है, लेकिन कंपनी के लिए ये जरूरी कदम है।
इनोवेशन पर न लग जाए ब्रेक
आलोचकों का कहना है कि Apple में अब पहले जैसा इनोवेशन दिखाई नहीं देता। ऐसे में टर्नस को ये साबित करना होगा कि कंपनी अब भी टेक्नोलॉजी की दुनिया में काफी आगे है। इसलिए इस साल कंपनी फोल्ड फोन के साथ कुछ धमाकेदार अनाउंसमेंट कर सकती है।
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