पटना जिले से गुजरने वाली नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए, जिला मजिस्ट्रेट कुंदन कुमार ने शनिवार को जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और तटबंधों व संवेदनशील इलाकों पर चौबीसों घंटे नजर रखने का निर्देश दिया।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि बाढ़ से बचाव और राहत कार्यों के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखी जा रही हैं, जिसमें तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने पर खास जोर दिया जा रहा है। कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी जरूरत हो, तुरंत बचाव के उपाय किए जाएं और पहले से ही आपातकालीन कार्य योजनाएं तैयार रखी जाएं ताकि बचाव और राहत कार्य बिना देरी के शुरू किए जा सकें। उन्होंने जोर दिया कि इस समय तटबंधों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
नदियों और तटबंधों की लगातार निगरानी: जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पटना जिले में पांच बाढ़ सुरक्षा डिवीजन काम कर रहे हैं: सोन बाढ़ सुरक्षा डिवीजन (खगौल), गंगा-सोन बाढ़ सुरक्षा डिवीजन (दीघा), पुनपुन बाढ़ सुरक्षा डिवीजन (अनीसाबाद), पुनपुन बाढ़ सुरक्षा डिवीजन (पटना सिटी) और बाढ़ नियंत्रण डिवीजन (बख्तियारपुर)। ये डिवीजन गंगा, सोन, पुनपुन, दर्धा, धावा और महात्मैन जैसी नदियों से जुड़े इलाकों की देखरेख के लिए जिम्मेदार हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इन नदियों के किनारे बने तटबंधों की 24 घंटे लगातार निगरानी की जा रही है। जिला मजिस्ट्रेट ने पटना में प्रवेश करने वाली नदियों पर भी कड़ी नजर रखने का आदेश दिया है ताकि किसी भी संभावित खतरनाक स्थिति से पहले ही बचाव के उपाय किए जा सकें। प्रशासन ने बाढ़ प्रबंधन के नजरिए से जिले में 31 संवेदनशील और 181 अति-संवेदनशील जगहों की पहचान की है। इन जगहों पर बाढ़ से सुरक्षा मज़बूत करने के लिए अधिकारियों ने 8.58 लाख रेत भरे EC बैग, 2,083 क्यूबिक मीटर स्थानीय रेत, 64,093 नायलॉन क्रेट और 10,682 जियो-बैग उपलब्ध कराए हैं।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal